{"_id":"6ada7c202611a59ca0010d7d","slug":"strict-measures-to-curb-air-pollution-action-to-be-taken-against-those-burning-stubble-jind-news-c-199-1-sroh1009-162575-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: वायु प्रदूषण रोकने के लिए सख्ती, पराली जलाने वालों पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: वायु प्रदूषण रोकने के लिए सख्ती, पराली जलाने वालों पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में एडीसी प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी रखने, वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण करने और सड़कों व निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपायों की समीक्षा की गई। एडीसी ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के उपायों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करें।
इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के चेयरपर्सन राजेश वर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद एडीसी ने अधिकारियों को आयोग की हिदायतों के अनुसार निर्धारित कार्ययोजना लागू करने और कार्रवाई की नियमित निगरानी करने को कहा।
एडीसी ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए। मशीनों की उपलब्धता और उनके इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के साथ किसानों को पराली के उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी दी जाए।
विज्ञापन
खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। घटनाओं का निरीक्षण व सत्यापन करने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा गया।
वाहनों और निर्माण स्थलों पर भी होगी निगरानी
एडीसी ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) संबंधी नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, प्रमुख सड़कों, बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित सफाई करने तथा मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का प्रभावी उपयोग करने को कहा। निर्माण स्थलों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने और निर्माण सामग्री को ढककर रखने के निर्देश भी दिए गए। एडीसी ने कहा कि सभी विभाग अपने स्तर पर नियमित निगरानी रखें और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्य तय समय में पूरे करें।
इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के चेयरपर्सन राजेश वर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद एडीसी ने अधिकारियों को आयोग की हिदायतों के अनुसार निर्धारित कार्ययोजना लागू करने और कार्रवाई की नियमित निगरानी करने को कहा।
विज्ञापन
एडीसी ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए। मशीनों की उपलब्धता और उनके इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के साथ किसानों को पराली के उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी दी जाए।
विज्ञापन
खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। घटनाओं का निरीक्षण व सत्यापन करने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा गया।
वाहनों और निर्माण स्थलों पर भी होगी निगरानी
एडीसी ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) संबंधी नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, प्रमुख सड़कों, बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित सफाई करने तथा मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का प्रभावी उपयोग करने को कहा। निर्माण स्थलों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने और निर्माण सामग्री को ढककर रखने के निर्देश भी दिए गए। एडीसी ने कहा कि सभी विभाग अपने स्तर पर नियमित निगरानी रखें और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्य तय समय में पूरे करें।