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Jind News: नहीं हुई रजिस्ट्री, भटकते रहे लोग
Fri, 05 Jan 2024 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 05 Jan 2024 12:02 AM IST
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जींद। पटवारी और कानूनगो मांगो को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। रजिस्ट्री, इंतकाल, जमाबंदी व फर्द निकालने के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे। हड़ताल से 50 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है।
पटवारियों ने सरकार द्वारा मांगे नहीं माने जाने पर रोष जताया। 40 लोगाें ने पहले रजिस्ट्री के लिए टोकन लिए हुए थे, उनकी रजिस्ट्री का कार्य हुआ था, लेकिन वीरवार को रजिस्ट्री संबंधित कार्य भी पेंडिंग हो गए। वीरवार को लगभग 50 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ क्योंकि एक भी स्टांप पेपर रजिस्ट्री के लिए नहीं निकला।
पटवारियों की हड़ताल के चलते जमीन खरीद-फरोख्त, राजस्व रिकार्ड से संबंधित कार्य भी नहीं हुए। किसानों को फर्द के लिए भटकते देखा गया, वहीं इंतकाल के लिए भी लोग पटवारखाना के चक्कर लगाते हुए नजर आए। लोग पटवार भवन में तो पहुंचे लेकिन पटवारियों की हड़ताल के चलते वापस लौट गए। द पटवार एंड कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर जिला प्रधान सूबे सिंह के नेतृत्व में पटवारी पटवार भवन में एकत्रित हुए धरना दिया। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार की विभाग की परीक्षा जो साल में दो बार करवाए जाने का प्रधान है, वह तीन साल बीतने पर एक बार भी नहीं हुई है। इससे कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत हो रहे हैं। सकार इस परीक्षा को जल्द से जल्द करवाए। पटवारियों का जो प्रशिक्षण काल है, उसे सेवा काल में जोड़ा जाए, क्योंकि प्रशिक्षणकाल डेढ़ वर्ष का है और इसमें पटवारी डेढ़ वर्ष देते हैं। जबकि किसी भी अन्य विभाग में ऐसा नही है। पटवारियों को कंप्यूटर की विभागीय ट्रेनिंग करवाई जाए ताकि पटवारी अपना कार्य खुद से कर सकें और उन्हें किसी ऑपरेटर के अधीन नहीं होना पड़े। इसके लिए पटवारियों को लैपटॉप भी उपलब्ध करवाए जाएं।
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रजिस्ट्री के लिए जरूरी कागजातों के लिए भटके लोग
पटवारियों के कामकाज छोड़ देने के चलते लोग रजिस्ट्री संबंधित कागजात जुटाने के लिए भटकते हुए नजर आए। जिलाभर की बात की जाए तो प्रतिदिन सौ से अधिक रजिस्ट्री होती हैं। इसके अलावा इंतकाल, राजस्व रिकार्ड, फर्द संबंधित जानकारी लेने के लिए लोग भी पटवार भवन में पहुंचते हैं। पटवारियों की हड़ताल के कारण जिला प्रशासन को 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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पटवारियों ने सरकार द्वारा मांगे नहीं माने जाने पर रोष जताया। 40 लोगाें ने पहले रजिस्ट्री के लिए टोकन लिए हुए थे, उनकी रजिस्ट्री का कार्य हुआ था, लेकिन वीरवार को रजिस्ट्री संबंधित कार्य भी पेंडिंग हो गए। वीरवार को लगभग 50 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ क्योंकि एक भी स्टांप पेपर रजिस्ट्री के लिए नहीं निकला।
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पटवारियों की हड़ताल के चलते जमीन खरीद-फरोख्त, राजस्व रिकार्ड से संबंधित कार्य भी नहीं हुए। किसानों को फर्द के लिए भटकते देखा गया, वहीं इंतकाल के लिए भी लोग पटवारखाना के चक्कर लगाते हुए नजर आए। लोग पटवार भवन में तो पहुंचे लेकिन पटवारियों की हड़ताल के चलते वापस लौट गए। द पटवार एंड कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर जिला प्रधान सूबे सिंह के नेतृत्व में पटवारी पटवार भवन में एकत्रित हुए धरना दिया। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार की विभाग की परीक्षा जो साल में दो बार करवाए जाने का प्रधान है, वह तीन साल बीतने पर एक बार भी नहीं हुई है। इससे कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत हो रहे हैं। सकार इस परीक्षा को जल्द से जल्द करवाए। पटवारियों का जो प्रशिक्षण काल है, उसे सेवा काल में जोड़ा जाए, क्योंकि प्रशिक्षणकाल डेढ़ वर्ष का है और इसमें पटवारी डेढ़ वर्ष देते हैं। जबकि किसी भी अन्य विभाग में ऐसा नही है। पटवारियों को कंप्यूटर की विभागीय ट्रेनिंग करवाई जाए ताकि पटवारी अपना कार्य खुद से कर सकें और उन्हें किसी ऑपरेटर के अधीन नहीं होना पड़े। इसके लिए पटवारियों को लैपटॉप भी उपलब्ध करवाए जाएं।
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रजिस्ट्री के लिए जरूरी कागजातों के लिए भटके लोग
पटवारियों के कामकाज छोड़ देने के चलते लोग रजिस्ट्री संबंधित कागजात जुटाने के लिए भटकते हुए नजर आए। जिलाभर की बात की जाए तो प्रतिदिन सौ से अधिक रजिस्ट्री होती हैं। इसके अलावा इंतकाल, राजस्व रिकार्ड, फर्द संबंधित जानकारी लेने के लिए लोग भी पटवार भवन में पहुंचते हैं। पटवारियों की हड़ताल के कारण जिला प्रशासन को 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।