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Jind News: तेजी से बढ़ रहा आई फ्लू, ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज आंख संक्रमण के
Sat, 22 Jul 2023 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 22 Jul 2023 12:00 AM IST
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जींद। उमस भरी गर्मी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। जिले में आई फ्लू (आंखों में संक्रमण) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। नागरिक अस्पताल में आंखों की ओपीडी में 60 प्रतिशत मरीज आई फ्लू के आ रहे हैं। हर दूसरा मरीज आंखाें के संक्रमण के परेशान है। अस्पताल के दो चिकित्सकों के साथ कई अन्य कर्मचारी भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। चिकित्सकों ने बच्चों को खासकर इससे बचाए रखने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार आई फ्लू से घबराने की नहीं बल्कि सावधान रहने की जरूरत है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन आंखों की जांच के लिए 150 से 170 मरीज आते हैं। इनमें काफी बुजुर्ग भी शामिल होते हैं, जो अपनी आंखों में मोतियाबिंद की समस्या लेकर आते हैं। पिछले एक सप्ताह से अब आंखों में फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। इस समय हालत यह है कि 60 प्रतिशत ओपीडी आई फ्लू के मामलों की है। हर दूसरा मरीज अपने आप को आई फ्लू से परेशान बता रहा है। नागरिक अस्पताल के दो चिकित्सक तथा स्टाफ भी आई फ्लू की चपेट में आया हुआ है।
क्या है आई फ्लू या कंजंक्टिवाइटिस
कंजंक्टिवाइटिस या आई फ्लू में आंखों में जलन होती है। आमतौर पर यह एक एलर्जिक रिएक्शन की वजह से होता है। कई मामलों में बैक्टीरिया का संक्रमण भी इसके लिए जिम्मेदार होता है। श्वसन तंत्र या नाक-कान अथवा गले में किसी तरह के संक्रमण के कारण वायरल कंजंक्टिवाइटिस हो जाता है। संक्रमण की शुरुआत एक आंख से ही होती है, लेकिन जल्द ही दूसरी आंख भी चपेट में आ जाती है।
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लक्षण
आई फ्लू में आंंखें लाल हो जाती हैं। आंखों से पानी आने लगता है। तेज जलन होती है। पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है। आंखों में चुभन होती है और सूजन आ जाती है। आंखों में खुजली भी होती है। संक्रमण अधिक बढ़ जाने पर आंखों में हेमरेज, किमोसिज हो जाता है पलकों में सूजन आ जाती है।
बचाव एवं सावधानियां
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतांशु लखीना ने बताया कि बरसात के मौसम में हाथों को नियमित रूप से साबुन से साफ करते रहें। आंखों की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। आंखों को ठंडे पानी से बार-बार धोएं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। इस रोग के मरीज आंखों पर बार-बार हाथ नहीं लगाएं। अगर संक्रमित आंख को छुएं, तो हाथ अच्छे से साफ करें। गंदगी और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। संक्रमित व्यक्ति से हाथ नहीं मिलाएं और उनकी चीजें चश्मा, तौलिया, तकिया को नहीं छुएं। अपना तौलिया, रुमाल चश्मा किसी के साथ सांझा नहीं करें। इस सीजन में स्विमिंग से बचें। यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत जल्द फैलता है। आई फ्लू के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
कोट
आई फ्लू होने पर आंखों को बार-बार पानी के छीटें मारकर साफ करें। आंखों को साफ करने के लिए किसी साफ और सूती कपड़े का प्रयोग करें। आई फ्लू से प्रभावित बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाए, अन्यथा यह दूसरे बच्चों को भी हो सकती है। तुरंत चिकित्सक से इलाज शुरू करें।
-- डॉ. गीतांशु, नेत्र रोग विशेषज्ञ।
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन आंखों की जांच के लिए 150 से 170 मरीज आते हैं। इनमें काफी बुजुर्ग भी शामिल होते हैं, जो अपनी आंखों में मोतियाबिंद की समस्या लेकर आते हैं। पिछले एक सप्ताह से अब आंखों में फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। इस समय हालत यह है कि 60 प्रतिशत ओपीडी आई फ्लू के मामलों की है। हर दूसरा मरीज अपने आप को आई फ्लू से परेशान बता रहा है। नागरिक अस्पताल के दो चिकित्सक तथा स्टाफ भी आई फ्लू की चपेट में आया हुआ है।
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क्या है आई फ्लू या कंजंक्टिवाइटिस
कंजंक्टिवाइटिस या आई फ्लू में आंखों में जलन होती है। आमतौर पर यह एक एलर्जिक रिएक्शन की वजह से होता है। कई मामलों में बैक्टीरिया का संक्रमण भी इसके लिए जिम्मेदार होता है। श्वसन तंत्र या नाक-कान अथवा गले में किसी तरह के संक्रमण के कारण वायरल कंजंक्टिवाइटिस हो जाता है। संक्रमण की शुरुआत एक आंख से ही होती है, लेकिन जल्द ही दूसरी आंख भी चपेट में आ जाती है।
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लक्षण
आई फ्लू में आंंखें लाल हो जाती हैं। आंखों से पानी आने लगता है। तेज जलन होती है। पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है। आंखों में चुभन होती है और सूजन आ जाती है। आंखों में खुजली भी होती है। संक्रमण अधिक बढ़ जाने पर आंखों में हेमरेज, किमोसिज हो जाता है पलकों में सूजन आ जाती है।
बचाव एवं सावधानियां
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतांशु लखीना ने बताया कि बरसात के मौसम में हाथों को नियमित रूप से साबुन से साफ करते रहें। आंखों की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। आंखों को ठंडे पानी से बार-बार धोएं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। इस रोग के मरीज आंखों पर बार-बार हाथ नहीं लगाएं। अगर संक्रमित आंख को छुएं, तो हाथ अच्छे से साफ करें। गंदगी और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। संक्रमित व्यक्ति से हाथ नहीं मिलाएं और उनकी चीजें चश्मा, तौलिया, तकिया को नहीं छुएं। अपना तौलिया, रुमाल चश्मा किसी के साथ सांझा नहीं करें। इस सीजन में स्विमिंग से बचें। यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत जल्द फैलता है। आई फ्लू के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
कोट
आई फ्लू होने पर आंखों को बार-बार पानी के छीटें मारकर साफ करें। आंखों को साफ करने के लिए किसी साफ और सूती कपड़े का प्रयोग करें। आई फ्लू से प्रभावित बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाए, अन्यथा यह दूसरे बच्चों को भी हो सकती है। तुरंत चिकित्सक से इलाज शुरू करें।