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Jind News: मतदाता सूची से नाम काटने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

Mon, 26 Oct 2026 12:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:14 AM IST
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Raised questions regarding the removal of names from the electoral roll and the functioning of the Election Commission.
फोटो 25जेएनडी09-जिला बार रूम में आयोजित सेमिनार में मौजूद अ​धिवक्ता और अन्य। संवाद
जींद। जिला बार रूम में रविवार को ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन की ओर से मतदाता सूची वोट के अधिकार की सुरक्षा और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी विषय पर सेमिनार हुआ। इसमें विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
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सेमिनार में मुख्य वक्ता आईएएस अधिकारी टीके शर्मा, प्रो. प्रमोद गौरी और प्रो. डॉ. महावीर जागलान ने विचार रखे। अध्यक्षता एडवोकेट विजय शर्मा ने की, जबकि मंच संचालन एडवोकेट अशोक बत्रा ने किया।
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टीके शर्मा ने कहा कि एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और अपील का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने की शिकायतें चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताते हुए सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग पर भी चिंता जताई।
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प्रोफेसर डॉ. महावीर जागलान ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता सूची पुनरीक्षण के प्रभावों का तुलनात्मक विश्लेषण करने की जरूरत बताई। उन्होंने दावा किया कि गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरी क्षेत्रों में शिफ्टिंग और अनुपस्थित मतदाताओं के नाम पर 38 से 40 प्रतिशत से अधिक नाम काटे गए, जबकि ऐलनाबाद और लोहारू में यह अनुपात तीन से चार प्रतिशत रहा।

प्रो. प्रमोद गौरी ने पश्चिम बंगाल में पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के नाम काटे जाने के संबंध में दावे किए। उन्होंने अपील प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मताधिकार की रक्षा के लिए नागरिकों में जागरूकता जरूरी है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए। सेमिनार में एडवोकेट नरेंद्र कंसल, पूर्व बार प्रधान विकास लोहान, अरविंद लाठर, मंजीत श्योराण, सत्येंद्र कुमार और अजमेर बेनीवाल, मंगतराम शास्त्री भी मौजूद रहे।
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