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857 से बढ़कर 905 हुआ लिंगानुपात, अब लक्ष्य 950 पर

Thu, 16 Mar 2017 12:04 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद Updated Thu, 16 Mar 2017 12:04 AM IST
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positive news, Increased from 857 to 905, the gender ratio is now at 950, jind
सोनीपत में डीसी विनय सिंह को सम्मानित करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर। - फोटो : jind
जिला का लिंगानुपात सुधरने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को डीसी विनय सिंह को सोनीपत में सम्मानित किया। गौरतलब है कि 2015 में जिला का लिंगानुपात 857 था, जो अब सुधर कर 905 हो गया है। अब कम लिंगानुपात वाले गांवों को चिह्नित कर यहां लिंगानुपात सुधारने के लिए प्रशासन ने खास योजना तैयार की है।
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बुधवार को सोनीपत के दीनबंधू सर छोटूराम, सूचना एंव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय डीसी विनय सिंह को सम्मानि किया गया। डीसी विनय सिंह के अनुसार लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए महिला एंव बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के फील्ड फंगशनरीज की बैठकों में खास योजना तैयार सभी लोगों की मदद से यह प्रयास रंग लाया है। इसके तहत गर्भधारण करने वाली महिलाओं को सूचीबद्ध करने की एक विशेष मुहिम महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू की गई। इस मुहिम में गर्भ धारण करने वाली महिलाओं की जानकारी रखने के लिए ट्रैकिंग सिस्टम शुरू कराया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर इस ट्रैकिंग सिस्टम के तहत गर्भधारण करने वाली सभी महिलाओं की जानकारी का डाटा तैयार करने लगी। जिले में कहीं भी कन्या भ्रूण हत्या नहीं हो इसके लिए एडवाइजरी कमेटी की ओर से औचक छापामारी करने का सिलसिला बढ़ाया गया। पीएनडीटी एक्ट के तहत 15 सफल रेड डाली गईं, जिनमें तीन रेड इंटर स्टेट भी शामिल हैं। इस दौरान गठित टीमों द्वारा 35 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
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दूसरे स्थान पर रहा जींद
लिंगानुपात में सुधार करने पर रोहतक व रेवाड़ी जिलों को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार दिया गया है। जींद को लिंगानुपात में सुधार करने पर डीसी विनय सिंह को तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी किरण परूथी को दूसरा सम्मान दिया गया है।
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लिंगानुपात सुधाने वाले डॉ. सतीश सुलेख के मन में टीस
जिले में लिंगानुपात सुधार को लेकर अपनी कार्यशैली के लिए चर्चा में रहे निलंबित डिप्टी सिविल सर्जन के मन में टीस है। गौरतलब है कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए जिन रेड को प्रशासन आधार बना रहा है, वे सभी डॉ. सतीश सुलेख द्वारा ही की गई हैं। लेकिन कुछ दिन पहले फतेहाबाद में हुई एक रेड के दौरान हुए विवाद के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इस बारे में डॉ. सतीश सुलेख ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने रेड करने के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाली, लेकिन विभाग उनके काम को अनदेखा कर रहा है।


बनाएं खास योजना, 950 तक ले जाएंगे लिंगानुपात
जिले की जनता और सरकारी कर्मचारी व अधिकारियों की मेहनत से यही लिंगानुपात में सुधार हुआ है। यह सभी का योगदान है। अब जिले में कम लिंगानुपात वाले दो दर्जन गांवों का चयन किया गया है। यहां हर गर्भधारण करने वाली महिला का पंजीकरण किया जाएगा। इससे लिंगानुपात सुधरेगा। इस साल तक लिंगानुपात 950 तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
विनय सिंह, डीसी
 
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