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पडाना की बेटी कविता बनीं खेल विभाग की उपनिदेशक

Thu, 30 Jul 2020 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 11:33 PM IST
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Padana's daughter Kavita becomes Deputy Director of Sports Department
अपने पिता राममेहर सिंह सिवाच के साथ कविता। - फोटो : Jind
पडाना गांव की बेटी कविता को खेल विभाग का उपनिदेशक नियुक्त किया गया है। कविता ने इंटरनेशनल कबड्डी में पांच बार स्वर्ण और 28 बार नेशनल पदक जीत चुकी हैं। कविता ने 2005 में कबड्डी खेलना शुरू किया था। कविता की पांच बहनें और दो भाई हैं। कविता की शुरू से ही खेलकूद में रुचि थी।
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कविता के पिता राममेहर सिंह सिवाच मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कविता की शादी 2010 में गुरुग्राम जिले के मकडौला में हुई है। कविता के पति राजबीर सहरावत पहले अपना कारोबार करते थे, लेकिन कविता की खेलों में रुचि को देखते हुए उन्होंने भी खेल से नाता जोड़ लिया। कविता ने बताया कि उनके पति पिछले आठ साल से उसे प्रैक्टिस करने में मदद करते हैं। कविता 2003 से 2005 तक कुश्ती में नेशनल स्तर पर खेल चुकी हैं। कंधे में दिक्कत होने के कारण 2005 में उन्होंने कबड्डी की ओर रुख किया। 2012 में चीन में खेलते हुए घुटने में चोट लगने के कारण एक बार तो उन्होंने कबड्डी से दूरी बनाने का मन बना लिया था, लेकिन पति ने हौसला दिया तो खेल जारी रखा । तभी से कविता के पति उनके साथ खेल से जुड़ गए हैं। कविता की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी पांच साल की हिताक्षी और छोटी बेटी चार महीने की दिविका है। कविता ने 2009 में प्रथम जूनियर मलेशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण, 2011 में श्रीलंका में एशियन गेम्स, मार्च 2012 में महिला विश्व कप, 2012 में अक्तूबर-नवंबर में फिर स्वर्ण और 2014 में एशियार्ड में स्वर्ण पदक जीता।
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मुश्किल घड़ी में पति ने निभाया साथ
महिलाओं को शादी के बाद अकसर नौकरी, खेलकूद या पढ़ाई छोड़नी पड़ती है, लेकिन कविता के पति राजबीर ने उनको शादी के बाद भी खेलने की अनुमति दी। 2012 में चाइना में खेल के दौरान कविता को जब घुटने में चोट लगी तो उन्होंने खेल छोड़ने का मन बना लिया था। इस दौरान भी पति ने कविता को खेलने के लिए प्रेरित किया। यहां तक कि उन्होंने कविता का खेल जारी रखने के लिए अपना काम छोड़ दिया। राजबीर पहले ठेकेदार थे। कविता की खेलों में रुचि को देखते हुए उन्होंने ठेकेेदारी छोड़ दी और कविता का साथ दिया। राजबीर पिछले आठ साल से कविता को अभ्यास करवा रहे हैं।
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