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ऑक्सीजन प्लांट का सैंपल जांच के लिए भेजा
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नागरिक अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद।
- फोटो : Jind
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जींद। आखिरकार नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट ने काम करना शुरू कर दिया है। फिलहाल इसे ट्रॉयल पर रखा गया है। इस प्लांट द्वारा बनाई गई ऑक्सीजन का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजा है। यदि इसमें ऑक्सीजन की शुद्धता 90 प्रतिशत या इससे अधिक मिली तो प्लांट को शुरू कर दिया जाएगा, अन्यथा फिर से इसमें कुछ तबदीली की जाएगी। ऑक्सीजन प्लांट चार महीने बाद शुरू हो पाया है। अभी भी इसकी सप्लाई नागरिक अस्पताल को नहीं मिल पाई है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अस्पताल प्रशासन इसे टेकओवर करेगा।
बताते चलें कि नागरिक अस्पताल में 21 जून को ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। जुलाई के पहले सप्ताह में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो गया। इसके बाद इसमें बिजली फिटिंग, पाइप फिटिंग तथा मशीनें लगाने का कार्य पूरा हुआ। पिछले सप्ताह प्लांट का ट्रायल लिया गया। इसमें एक-दो जगह ऑक्सीजन की लीकेज मिली। इसे अब कंपनी ने ठीक करवा दिया है। अब जब ऑक्सीजन प्लांट शुरू किया गया तो इसमें आद्रता (हवा में नमी की मात्रा) अधिक बनने लगी है। इससे ऑक्सीजन प्लांट के अंदर काफी ठंडक हो जाएगी। अब इस आद्रता को कम करने के लिए कंपनी ने एक यंत्र लगाया। इसके बाद फिर से इसमें परेशानी शुरू हो गई। अब काफी प्रयासों के बावजूद इसके टैंक बदलकर इस समस्या को दूर किया गया है। अब ऑक्सीजन प्लांट चल पड़ा है, लेकिन अभी अस्पताल प्रशासन ने इसे टेकओवर नहीं किया है।
बॉक्स
फिलहाल ऑक्सीजन प्लांट से जो ऑक्सीजन की सप्लाई मिली है, उसका सैंपल जांच के लिए लैब में भेज गया है। जांच के बाद यदि ऑक्सीजन की शुद्धता सही पाई गई तो फिर अस्पताल प्रशासन ऑक्सीजन प्लांट को ओवरटेक करेगा। इसके बाद ही इसकी सप्लाई को नागरिक अस्पताल से जोड़ा जाएगा।
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- डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ।
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बताते चलें कि नागरिक अस्पताल में 21 जून को ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। जुलाई के पहले सप्ताह में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो गया। इसके बाद इसमें बिजली फिटिंग, पाइप फिटिंग तथा मशीनें लगाने का कार्य पूरा हुआ। पिछले सप्ताह प्लांट का ट्रायल लिया गया। इसमें एक-दो जगह ऑक्सीजन की लीकेज मिली। इसे अब कंपनी ने ठीक करवा दिया है। अब जब ऑक्सीजन प्लांट शुरू किया गया तो इसमें आद्रता (हवा में नमी की मात्रा) अधिक बनने लगी है। इससे ऑक्सीजन प्लांट के अंदर काफी ठंडक हो जाएगी। अब इस आद्रता को कम करने के लिए कंपनी ने एक यंत्र लगाया। इसके बाद फिर से इसमें परेशानी शुरू हो गई। अब काफी प्रयासों के बावजूद इसके टैंक बदलकर इस समस्या को दूर किया गया है। अब ऑक्सीजन प्लांट चल पड़ा है, लेकिन अभी अस्पताल प्रशासन ने इसे टेकओवर नहीं किया है।
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फिलहाल ऑक्सीजन प्लांट से जो ऑक्सीजन की सप्लाई मिली है, उसका सैंपल जांच के लिए लैब में भेज गया है। जांच के बाद यदि ऑक्सीजन की शुद्धता सही पाई गई तो फिर अस्पताल प्रशासन ऑक्सीजन प्लांट को ओवरटेक करेगा। इसके बाद ही इसकी सप्लाई को नागरिक अस्पताल से जोड़ा जाएगा।
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