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फसल अवशेष प्रबंधन पर प्रति एकड़ मिलेंगे एक हजार रुपये : डीसी

Mon, 21 Oct 2024 02:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Mon, 21 Oct 2024 02:21 AM IST
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One thousand rupees will be given per acre on crop residue management: DC
जींद। धान उत्पादक किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रदेश सरकार एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। किसान धान की कटाई करने के बाद पराली को आग न लगाएं। इससे वायु प्रदूषण होता है और मिट्टी के उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है। ये बात उपायुक्त डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने कही।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन योजना एसबी-82, 2024-25 के तहत अवशेषों को मशीनों की सहायता से मिट्टी में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि धान के अवशेषों को मिट्टी में मिलाने से उर्वरा शक्ति बढ़ती है। वातावरण को स्वच्छ रखने में सहायता मिलती है।
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जिले के किसान हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रीवर्सिबल एमबी प्लाव व जीरो टिल सीड ड्रिल की सहायता से धान के अवशेष को मिट्टी में मिलाकर प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदक किसान को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान को विभागीय पोर्टल agriharyana.gov.in पर आवेदन करना होगा। ग्रामस्तरीय कमेटी (वीएलसी) से सत्यापन होने के बाद पात्र किसानों को प्रोत्साहन राशि जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग से किसान अनुदान पर रोटावेटर, एमबी प्लाव, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर आदि खरीद सकते हैं।
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पराली जलाने पर होगी कार्रवाई : डीसी

डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के दृष्टिगत सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार फसल अवशेष जलाने वाले किसानों से जुर्माना वसूला जाएगा।

उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं। इनका लाभ लेकर किसान पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं। डीसी ने बताया कि फसल अवशेष को जलाने से न केवल पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, बल्कि धरती की उर्वरा शक्ति भी कमजोर होती है। जो किसान पराली प्रबंधन करते हुए उसे पंजीकृत गोशालाओं में भेजते हैं उन्हें 500 रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना के बारे में कृषि विभाग ने विशेष अभियान चलाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
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