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नशा तस्करी के आरोप में जेल में बंद युवक की मौत पर परिजनों ने जुलाना थाने के बाहर किया रोड जाम
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जुलाना थाना के बाहर सड़क पर बैठकर विलाप करतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : Jind
नशा तस्करी के मामले में जेल में बंद जुलाना के वार्ड नंबर चार निवासी 28 वर्षीय युवक पप्पी की मौत के ममाले में परिजन पुलिस पर यातना देने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि युवक की मौत रोहतक पीजीआई में इलाज के दौरान हुई है। सोमवार रात परिजन रोहतक पीजीआई से शव लेकर सीधे जुलाना थाना के बाहर पहुंचे और यहां सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। हालांकि लोगों से बातचीत करने के लिए डीएसपी रोहताश ढुल पहुंचे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक परिजन पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे।
परिजनों का आरोप है कि पप्पी की मौत यातना देने से हुई है। युवक के शरीर पर चोट के निशान हैं। जुलाना के वार्ड नंबर चार निवासी 28 वर्षीय पप्पी को पुलिस ने 13 अप्रैल को 580 ग्राम गांजा के साथ काबू किया था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया था। अदालत के आदेश पर 15 अप्रैल को उसे जेल भेज दिया गया था। जेल में तबीयत बिगड़ने पर उसे जींद के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इलाज के दौरान 17 अप्रैल को पप्पी की पीजीआई इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार सुबह मृतक के परिजनों को इसकी मिली। परिजन सूचना पाकर पीजीआई रोहतक पहुंचे। मृतक की पत्नी आशा व पिता जयनारायण ने बताया कि पप्पी की मौत पुलिस द्वारा यातनाएं देने से हुई है। मृतक के शरीर पर चोट के निशान हैं। हाथ, पैर, गर्दन सहित पूरे शरीर पर निशान हैं। मृतक के शरीर पर पट्टी भी बंधी हुई है। पुलिस ने उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं दी।
परिजनों का कहना है कि यदि पप्पी बीमार था तो पुलिस ने उन्हें बताया क्यों नहीं। आरोप है कि 13 अप्रैल को पुलिस पीटते हुए उसे घर से पकड़ कर ले गई थी। इसके बाद से पुलिस ने उन्हें पप्पी से मिलने नहीं दिया। पुलिस ने ज्यादा यातनाएं दी तो पप्पी की मौत हुई है। इस मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी है उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। पप्पी अपने पीछे पत्नी, 12 साल की बेटी, 10 व आठ साल के दो बेटे छोड़ गया। जुलाना थाना प्रभारी समर दीप ने कहा कि पप्पी की मौत कैसे हुई है इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा। पप्पी को पुलिस ने एनपीडीएस एक्ट के मामले में 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया था और 15 अप्रैल को जेल भेज दिया था। पप्पी के पास से 580 ग्राम गांजा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले का खुलासा होगा।
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यदि परिजनों को ऐसा लगता है कि पिटाई से पप्पी की मौत हुई तो यह जांच का विषय है। इस मामले में पुलिस गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। यदि किसी ने गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। परिजनों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।
रोहताश ढुल, डीएसपी।
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परिजनों का आरोप है कि पप्पी की मौत यातना देने से हुई है। युवक के शरीर पर चोट के निशान हैं। जुलाना के वार्ड नंबर चार निवासी 28 वर्षीय पप्पी को पुलिस ने 13 अप्रैल को 580 ग्राम गांजा के साथ काबू किया था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया था। अदालत के आदेश पर 15 अप्रैल को उसे जेल भेज दिया गया था। जेल में तबीयत बिगड़ने पर उसे जींद के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इलाज के दौरान 17 अप्रैल को पप्पी की पीजीआई इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार सुबह मृतक के परिजनों को इसकी मिली। परिजन सूचना पाकर पीजीआई रोहतक पहुंचे। मृतक की पत्नी आशा व पिता जयनारायण ने बताया कि पप्पी की मौत पुलिस द्वारा यातनाएं देने से हुई है। मृतक के शरीर पर चोट के निशान हैं। हाथ, पैर, गर्दन सहित पूरे शरीर पर निशान हैं। मृतक के शरीर पर पट्टी भी बंधी हुई है। पुलिस ने उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं दी।
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परिजनों का कहना है कि यदि पप्पी बीमार था तो पुलिस ने उन्हें बताया क्यों नहीं। आरोप है कि 13 अप्रैल को पुलिस पीटते हुए उसे घर से पकड़ कर ले गई थी। इसके बाद से पुलिस ने उन्हें पप्पी से मिलने नहीं दिया। पुलिस ने ज्यादा यातनाएं दी तो पप्पी की मौत हुई है। इस मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी है उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। पप्पी अपने पीछे पत्नी, 12 साल की बेटी, 10 व आठ साल के दो बेटे छोड़ गया। जुलाना थाना प्रभारी समर दीप ने कहा कि पप्पी की मौत कैसे हुई है इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा। पप्पी को पुलिस ने एनपीडीएस एक्ट के मामले में 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया था और 15 अप्रैल को जेल भेज दिया था। पप्पी के पास से 580 ग्राम गांजा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले का खुलासा होगा।
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यदि परिजनों को ऐसा लगता है कि पिटाई से पप्पी की मौत हुई तो यह जांच का विषय है। इस मामले में पुलिस गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। यदि किसी ने गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। परिजनों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।
रोहताश ढुल, डीएसपी।

जुलाना थाना के बाहर धरना देकर बैठे लोग। संवाद- फोटो : Jind