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अधिकारियों और कर्मचारियों को दिलाई राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ
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लघु सचिवालय में अधिकारियों को देश में एकता बनाए रखने की शपथ दिलवाते हुए डीसी डॉ. मनोज कुमार।
- फोटो : Jind
जींद। डीसी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि भारत के एकीकरण के लिए लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का योगदान इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल एक ऐसे इंसान थे। जिन्होंने छोटे-छोटे रजवाड़ों और राजघरानों को एक कर भारत में सम्मिलित किया।
उन्होंने लघु सचिवालय में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को समरसता व एकता बनाए रखने की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने तथा अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भरसक प्रयत्न करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने देश की एकता की भावना से शपथ लेते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाने का भी सत्यनिष्ठा से पालन करने का सार्थक प्रयास का भी आह्वान लिया। डीसी ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की जब भी बात होती है तो सरदार पटेल का नाम सबसे पहले ध्यान में आता है, उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति, नेतृत्व कौशल का ही कमाल था कि 562 से भी अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय हो सकी।
उन्होंने कहा कि भारत के प्रथम गृह मंत्री और प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को लौह पुरुष का दर्जा प्राप्त है। उनके द्वारा किए गए साहसिक कार्यों की वजह से ही उन्हें लौह पुरुष और सरदार जैसे विशेषणों से नवाजा गया। बिस्मार्क ने जिस तरह जर्मनी के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उसी तरह वल्लभ भाई पटेल ने भी आजाद भारत को एक विशाल राष्ट्र बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया। बिस्मार्क को जहां जर्मनी का आयरन चांसलर कहा जाता है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र, वर्ग व समुदाय आदि भेदभाव से उपर उठकर राष्ट्र निर्माण व समाज की एकता में अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर एसडीएम पंकज, डॉ. राज सैनी, राजेश ख्यालिया, निंशात राठी मौजूद रहे।
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उन्होंने लघु सचिवालय में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को समरसता व एकता बनाए रखने की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने तथा अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भरसक प्रयत्न करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने देश की एकता की भावना से शपथ लेते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाने का भी सत्यनिष्ठा से पालन करने का सार्थक प्रयास का भी आह्वान लिया। डीसी ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की जब भी बात होती है तो सरदार पटेल का नाम सबसे पहले ध्यान में आता है, उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति, नेतृत्व कौशल का ही कमाल था कि 562 से भी अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय हो सकी।
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उन्होंने कहा कि भारत के प्रथम गृह मंत्री और प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को लौह पुरुष का दर्जा प्राप्त है। उनके द्वारा किए गए साहसिक कार्यों की वजह से ही उन्हें लौह पुरुष और सरदार जैसे विशेषणों से नवाजा गया। बिस्मार्क ने जिस तरह जर्मनी के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उसी तरह वल्लभ भाई पटेल ने भी आजाद भारत को एक विशाल राष्ट्र बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया। बिस्मार्क को जहां जर्मनी का आयरन चांसलर कहा जाता है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र, वर्ग व समुदाय आदि भेदभाव से उपर उठकर राष्ट्र निर्माण व समाज की एकता में अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर एसडीएम पंकज, डॉ. राज सैनी, राजेश ख्यालिया, निंशात राठी मौजूद रहे।
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