फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   note problem, traide cut 50 percent, jind

नोट की चोट: पचास प्रतिशत तक घट गया व्यापार

Wed, 16 Nov 2016 11:37 PM IST
jind
jind Updated Wed, 16 Nov 2016 11:37 PM IST
विज्ञापन
note problem, traide cut 50 percent, jind
उचाना में बैंक के बाहर लगी लोगों की कतार। - फोटो : bureau
एक सप्ताह से चल रहे नोट के संकट ने अब व्यापार पर सीधा असर डाला है। रोजमर्रा की जरूरत की करियाणा के सामान की मांग में भी 50 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। वहीं कुल कारोबार का महज 20 प्रतिशत ही नकदी में हो रहा है। बाकी बिक्री उधार में हो रही है। वहीं नोट बदलवाने वालों की अंगुली पर स्याही का निशान लगने से अब मर्ज और अधिक बढ़ सकता है। बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी लाइन लगी। स्याही का असर बृहस्पतिवार से दिखाई देगा। करेंसी संकट के कारण बुधवार को भी बैंकों और एटीएम के बाहर भीड़ लगी रही। कई एटीएम के बाहर तो लोग पैसे डलने का इंतजार करते रहे। काफी देर तक भी पैसे नहीं डलने पर लोग मायूस लौटे। स्याही लगने से भीड़ कम होगी या नहीं, इसका असर बृहस्पतिवार को दिखे, लेकिन बुधवार को पिछले कुछ दिनों की तरह ही लोग लंबी-लंबी कतारों में खड़े नजर आए। करियाणा बाजार में करेंसी संकट का असर साफ दिखने लगा है।
विज्ञापन


दो हजार का नोट भी नहीं काम का
छोटे व्यापारियों के लिए दो हजार रुपये का नोट भी किसी काम का नहीं निकला है। सामान लेने के बाद ग्राहक को खुले पैसे देना मुश्किल हो रहा है। इससे उधार बढ़ रही है। काफी ग्राहक ऐसे हैं, जो पिछले महीने का हिसाब कर अगले महीने का सामान उधार में लेते हैं, वे इस बार दुकान पर ही नहीं आए हैं। इससे काम 50 प्रतिशत तक कम हो गया है। वहीं 80 प्रतिशत बिक्री उधार में हो रही है। महज 20 प्रतिशत लोग ही पैसे दे रहे हैं।
विज्ञापन

- सत्यव्रत, करियाणा व्यापारी

कई बैंकों में नहीं पहुंची स्याही
बेशक सरकार ने नोट बदलवाने वालों के अंगुली पर स्याही लगाने का फैसला लिया है, लेकिन कई बैंकों में स्याही नहीं पहुंची है। हुडा कांपलेक्स स्थित एसबीआई शाखा में भी ऐसी ही स्थिति है। प्रबंधक हितेश सिंगला के अनुसार बृहस्पतिवार तक स्याही पहुंचने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


545 करोड़ रुपये जमा हुए
नई व्यवस्था लागू होने के बाद जींद जिला में मंगलवार तक 545 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। वहीं 37 करोड़ रुपये बदले गए हैं। एलडीएम मिथिलेश कुमार झा के अनुसार अभी इसी गति से कैश आ रहा है।

बैंकों के बाहर नहीं कम हो रही लाइनें
नोट बदलवाने वालों को नई व्यवस्था के तहत अंगुली पर स्याही लगा कर बैंकों में पेमेंट की गई। इसके बावजूद भीड़ कम नहीं हो रही है। आम दिनों की अपेक्षा बैंकों के बाहर बुजुर्गों, महिलाओं की संख्या भी लाइनों में बढ़ रही है। दोपहर तक एटीएम में कैश नहीं होने से अधिकांश एटीएम बंद होने से लोग एटीएम से पैसे नहीं निकलवा पाए। बैंकों में करेंसी निकलवाने, बंद हुए नोट जमा करवाने के लिए लोग लंबी लाइनों में लगे नजर आए। लाइनों में लगने वाले में से किसी को शादी, घरेलू सामान के लिए रुपयों की जरूरत है तो किसी को रोजमर्रा के कामों को लेकर जरूरत है। जो दो हजार का नोट भी लोगों को मिले हैं उनके खुल्ले को लेकर दुकानदारों को परेशानी हो रही है। लोगों को उम्मीद है कि पांच सौ के नोट आने के बाद कुछ समस्या कम होगी।

कैश होने पर भी रुपये ना देने के लगाए आरोप
रेलवे रोड पर एसबीआई के बाहर लाइनों में लगे लोगों ने बैंक में कैश होने के बाद भी रुपये नहीं देने के आरोप लगाए। सुरेश, बलजीत, सुभाष ने कहा कि बैंक के अंदर कैश आ चुका है, लेकिन ये लोग अपने जानकारों को कैश दे रहे हैं। जो लोग लाइनों में लगे हैं उनको कैश नहीं दिया जा रहा है। जानबूझ कर लोगों को परेशान किया जा रहा है ताकि वो दूसरे बैंकों में चले जाए और बैंक कर्मचारी अपने चहेतों को कैश दे सकें। बैंक मैनेजर संदीप भाटी ने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो पूरी तरह से निराधार हैं। जो बैंक के उपभोक्ता हैं उनके साथ-साथ दूसरे लोगों को भी बैंक संबंधित सुविधाएं दी जा रही हैं।

नगूरां में ओबीसी और पंजाब नैशनल बैंक रहे खाली
अलेवा। नगूरां गांव स्थित ओबीसी और पंजाब नेशनल बैंकों में सुबह से ही कैश नहीं आने के कारण लाइन में लगे लोगों को बिना कैश के ही शाम को वापस लौटना पड़ा। बैंकों से कैश नहीं मिलने के कारण लोगों में सरकार के प्रति गुस्सा है। सुबह से कैश के लिए लाइन में लगे लोगों ने बताया कि बैंक उच्च अधिकारियों द्वारा सुबह से ही बैंक में कैश आने की बात कहकर बैंक के सामने बिठाया रखा, लेकिन शाम को अचानक कैश नहीं आने की घोषणा कर लोगों को परेशान किया है।

एटीएम भी रहे खाली
लोगों ने बताया कि बैंक उच्च अधिकारियों की लापरवाही के चलते शुरू से ही नगूरां स्थित ओबीसी का एटीएम काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर एटीएम चालू होता है तो नगूरां तथा आसपास के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों ने नगूरां स्थित एटीएम को चालू करवाने की मांग की है ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

कैश नहीं आने से दिक्कत
सुबह से ही बैंक में कैश नहीं आने के कारण लोगों को परेशानी हुई है। कैश आने के बाद ही लोगों की समस्या हल होगी। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- हेमंत चाहर, प्रबंधक ओबीसी नगूरां

कैश उपलब्ध नहीं होने से दुकानदार परेशान
नरवाना। पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने को आठ दिन बीत गए, लेकिन लोगों की परेशान कम होने का नाम नहीं ले रही। जिस दिन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने काले धन पर अंकुश लगाने के दावे के साथ एक हजार और पांच सौ के नोट बंद करने का एलान किया था लोगों ने इस फैसले की सराहना की थी, लेकिन लोगों ने धीरे धीरे इस फैसले की आलोचना शुरू कर दी। लोगों ने कहा कि आठ दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदने के लिए बैंकों से नकदी नहीं मिल रही जिस कारण उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। लोगों ने बताया कि जब से नोट बंदी हुई है तब से उनकी जीवन शैली ही बदल गई। सुबह ही कैश लेने के लिए लाइनों में लगना पड़ता है। घर की जरूरत का सामान जुटाना मुश्किल हो गया।  


नरवाना में कैश की रही मारामारी, एटीएम भी बंद
नरवाना में बुधवार को अधिकतर बैंकों में कैश उपलब्ध नहीं था। एटीएम भी बंद रहे जिससे उपभोक्ताओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को काफी लोगों को कैश मिला तो लोगों ने सोचा कि बुधवार को आराम से कैश मिल सकेगा, लेकिन बुधवार को कई बैंकों में कैश ही नहीं पहुंचा दोपहर तक लोग इंतजार में रहे, लेकिन कैश नहीं आया। लोगों को एटीएम से निराशा हाथ लगी। उपभोक्ताओं ने कैश उपलब्ध कराने की मांग की है। उपभोक्ताओं ने कहा कि अगर बृहस्पतिवार को कैश नहीं मिला तो परेशानी और बढ़ जाएगी। एटीएम में भी कैश उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। कुछ बैंकों में गेट बंद कर दिया जाता है और लोगों को मजबूरी में बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ता है।
लने पर रोष जताते उपभोक्ता।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed