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Jind News: सम्मेलन में एनेस्थिसिया के नए शोध किए साझा

Mon, 09 Sep 2024 02:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Mon, 09 Sep 2024 02:16 AM IST
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New research on anesthesia was shared at the conference
08जेएनडी41 : श्याम गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर मौजूद प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गोपाल गोयल व
जींद। इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थिसियोलॉजिस्ट ने रविवार को प्रदेश के सभी एनेस्थीसिया व क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट के लिए सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थिसियोलॉजिस्ट के हरियाणा राज्य प्रधान और जींद के सिविल सर्जन डाॅ. गोपाल गोयल ने की। कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के 200 विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें एनेस्थीसिया चिकित्सक, फैकल्टी व विषय विशेषज्ञों ने एनेस्थीसिया व क्रिटिकल केयर से जुड़े नए शोध को साझा किया।
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कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य आपस में जानकारियों का आदान-प्रदान करना, नई तकनीकों से एनेस्थिसियोलॉजिस्ट को अवगत करवाना, अल्ट्रासाउंड मशीनों की डिटेल से जानकारी देना रहा। इस दौरान विषयानुसार लेक्टर का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें पांच अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई गईं। इनसे सीधा प्रशिक्षण दिया गया। 40 रिसर्च पेपर और पोस्टर प्रेजेंट किए गए।
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नए शोध और तकनीकों को आपस में शेयर करना उद्देश्य : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल ने कहा कि कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य यह है कि जितने भी नए शोध, नई तकनीक आई हुई हैं, को सभी एनेस्थीसिया आपस में साझा करें, ताकि सभी चिकित्सकों को इनके बारे में जानकारी मिल सके। जो नए एनेस्थीसियोलॉजिस्ट हैं, उनका पुराने मार्गदर्शन करें। इसके अलावा जो नए चिकित्सक आ रहे हैं, उन्हें नई तकनीकों की जानकारी हो।
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डाॅ. गोयल ने बताया कि स्पेशलिस्ट चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड के समय लॉक कैसे लगाना है, अल्ट्रासाउंड की तकनीकों से अवगत कराना, अगर कोई परेशानी आती है तो, उसे कैसे हल करना है, के बारे में जानकारी दी। डॉ. गोपाल ने कहा कि एनेस्थिसिया का काम ऐसा है कि जरा सी लापरवाही से मरीज की जान को खतरा हो सकता है। ऐसे में एनेस्थिसियोलॉजिस्ट के सामने इस तरह की कोई भी परेशानी न आए, इसे लेकर अधिक से अधिक जानकारी प्रदान करने का काम किया गया है।

जींद में एनएचएम के तहत कार्यरत डॉ. सुकीर्ति ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में एनेस्थिसियोलॉजिस्ट की जानकारी मिली है। इसमें बहुत कुछ सीखने के लिए मिला है। नई-नई तकनीकों की जानकारी दी गई है। सभी एनेस्थिसियोलॉजिस्ट ने अपने विचार साझा किए हैं। कॉन्फ्रेंस में हरियाणा राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों के वरिष्ठ प्रोफेसर व दिल्ली एरिया के एनेस्थिसियोलॉजिस्ट व क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्टों ने भाग लिया। मंच संचालन डॉ. मृत्युंजय गुप्ता ने किया। इस मौके पर डाॅ. बलबीर छाबड़ा, डाॅ. जगदीश दुरेजा, डाॅ. मनोज भारद्वाज तथा अन्य ने विचार रखे।
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