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Jind News: 11 पीएमश्री स्कूलों में लगेंगी लघु मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं
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फोटो : 3पीएमश्री स्कूल बावल। संवाद
रेवाड़ी। कृषि के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से जिले के पीएमश्री स्कूलों में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत 11 पीएमश्री स्कूलों में मिट्टी जांच के लिए लघु मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
कृषि विभाग की ओर से प्रत्येक स्कूल को लगभग एक लाख रुपये लागत की मृदा परीक्षण मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ 50 नमूनों की जांच के लिए आवश्यक अभिकर्मक और एक वर्ष की एएमसी भी शामिल रहेगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि प्रशिक्षकों की टीम विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिट्टी जांच की विधि का प्रशिक्षण देगी। स्कूलों में विज्ञान शिक्षक को कार्यक्रम का प्रभारी नियुक्त किया गया है जो कृषि विभाग के विशेषज्ञों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
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कक्षा सातवीं, आठवीं, नौवीं और 11वीं के विद्यार्थी अपने क्षेत्र के खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्रित करेंगे और स्कूल की प्रयोगशाला में उनकी जांच करेंगे। पूरी जांच प्रक्रिया के बाद विद्यार्थी स्वयं मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार करेंगे। सभी आंकड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होंगे।
इसके लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड मोबाइल ऐप बनाया गया है जिसे कार्यक्रम प्रभारी शिक्षक के मोबाइल में डाउनलोड किया जाएगा। विद्यार्थी जांच रिपोर्ट को एप पर अपलोड करेंगे ताकि किसान अपनी मिट्टी की गुणवत्ता और पोषण स्तर के अनुसार उर्वरक व फसल प्रबंधन के बेहतर निर्णय ले सकें।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की मृदा परीक्षण टीम भी समय-समय पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करेगी। इस पहल से विद्यार्थियों में कृषि के प्रति रुचि बढ़ेगी और किसानों को अपनी मिट्टी की वास्तविक स्थिति की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
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वर्जन :
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, पर्यावरणीय जागरूकता, कृषि के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए पीएमश्री स्कूलों में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू होगा। ऐसे में विद्यार्थी खेत से मिट्टी के नमूने एकत्रित करके मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार करेंगे। मिट्टी की जांच के लिए हर स्कूल को मृदा परीक्षण मशीन दी जाएगी। -दुष्यंत सिंह, प्राचार्य, पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना।
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कृषि विभाग की ओर से प्रत्येक स्कूल को लगभग एक लाख रुपये लागत की मृदा परीक्षण मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ 50 नमूनों की जांच के लिए आवश्यक अभिकर्मक और एक वर्ष की एएमसी भी शामिल रहेगी।
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कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि प्रशिक्षकों की टीम विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिट्टी जांच की विधि का प्रशिक्षण देगी। स्कूलों में विज्ञान शिक्षक को कार्यक्रम का प्रभारी नियुक्त किया गया है जो कृषि विभाग के विशेषज्ञों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
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कक्षा सातवीं, आठवीं, नौवीं और 11वीं के विद्यार्थी अपने क्षेत्र के खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्रित करेंगे और स्कूल की प्रयोगशाला में उनकी जांच करेंगे। पूरी जांच प्रक्रिया के बाद विद्यार्थी स्वयं मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार करेंगे। सभी आंकड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होंगे।
इसके लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड मोबाइल ऐप बनाया गया है जिसे कार्यक्रम प्रभारी शिक्षक के मोबाइल में डाउनलोड किया जाएगा। विद्यार्थी जांच रिपोर्ट को एप पर अपलोड करेंगे ताकि किसान अपनी मिट्टी की गुणवत्ता और पोषण स्तर के अनुसार उर्वरक व फसल प्रबंधन के बेहतर निर्णय ले सकें।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की मृदा परीक्षण टीम भी समय-समय पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करेगी। इस पहल से विद्यार्थियों में कृषि के प्रति रुचि बढ़ेगी और किसानों को अपनी मिट्टी की वास्तविक स्थिति की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
वर्जन :
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, पर्यावरणीय जागरूकता, कृषि के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए पीएमश्री स्कूलों में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू होगा। ऐसे में विद्यार्थी खेत से मिट्टी के नमूने एकत्रित करके मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार करेंगे। मिट्टी की जांच के लिए हर स्कूल को मृदा परीक्षण मशीन दी जाएगी। -दुष्यंत सिंह, प्राचार्य, पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना।