{"_id":"6813c040a52db462f604fc44","slug":"memorandum-submitted-to-sdm-on-suspension-of-electricity-workers-jind-news-c-199-1-jnd1002-134002-2025-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: बिजली कर्मियों के सस्पेंशन पर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: बिजली कर्मियों के सस्पेंशन पर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
Fri, 02 May 2025 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 02 May 2025 12:11 AM IST
विज्ञापन
सफीदों। बिजली कर्मचारियों के सस्पेंशन के विरोध में कर्मचारियों ने सीएम के नाम एक ज्ञापन एसडीएम पुलकित मल्होत्रा को सौंपा। वीरवार को सुबह बिजली कर्मचारी 33 केवी पावर हाउस में एकत्रित हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए हुए सीधे लघु सचिवालय पहुंचे।
कर्मचारियों ने एसडीएम पुलकित मल्होत्रा को एक ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों का सस्पेंशन रद्द करने की मांग की। ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा कि उनका धरना पिछले 21 दिनों से चला हुआ है, लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने कहा कि एसडीओ के निर्देश पर विभाग की टीम गांव डिडवाड़ा, साहनपुर और मलिकपुर सहित अन्य गांवों में बिजली चोरी की चेकिंग करने के लिए गई थी। इस दौरान एक उपभोक्ता ने गलत और भ्रामक तथ्य पेश करके और सरकार को गुमराह करके कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करवाई। कर्मचारियों को बिना कोई सुनवाई का मौका दिए तीन अप्रैल को पद से निलंबित कर दिया है। कर्मचारियों ने कहा कि निगम मैनेजमेंट ने कर्मचारियों को सही तरीके से ड्यूटी करते हुए भी राजनीतिक दबाव में आकर सस्पेंशन कर देना पूरी तरह से गलत है। कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर निगम मैनेजमेंट कर्मचारियों को बहाल नहीं करती है तो उनका धरना लगातार जारी रहेगा। अगर जरूरत पड़ी तो वर्क सस्पेंड भी किया जाएगा।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने एसडीएम पुलकित मल्होत्रा को एक ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों का सस्पेंशन रद्द करने की मांग की। ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा कि उनका धरना पिछले 21 दिनों से चला हुआ है, लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने कहा कि एसडीओ के निर्देश पर विभाग की टीम गांव डिडवाड़ा, साहनपुर और मलिकपुर सहित अन्य गांवों में बिजली चोरी की चेकिंग करने के लिए गई थी। इस दौरान एक उपभोक्ता ने गलत और भ्रामक तथ्य पेश करके और सरकार को गुमराह करके कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करवाई। कर्मचारियों को बिना कोई सुनवाई का मौका दिए तीन अप्रैल को पद से निलंबित कर दिया है। कर्मचारियों ने कहा कि निगम मैनेजमेंट ने कर्मचारियों को सही तरीके से ड्यूटी करते हुए भी राजनीतिक दबाव में आकर सस्पेंशन कर देना पूरी तरह से गलत है। कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर निगम मैनेजमेंट कर्मचारियों को बहाल नहीं करती है तो उनका धरना लगातार जारी रहेगा। अगर जरूरत पड़ी तो वर्क सस्पेंड भी किया जाएगा।
विज्ञापन