फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Mahavir Guddu dedicated Padmashree to Haryanvis

Jind News: महावीर गुड्डू ने हरियाणवियों को समर्पित किया पद्मश्री

Wed, 24 Apr 2024 02:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Wed, 24 Apr 2024 02:27 AM IST
विज्ञापन
Mahavir Guddu dedicated Padmashree to Haryanvis
राष्ट्रपति से पद्मश्री पुरस्कार लेते महावीर गुड्डू। स्रोत : एजेंसी - फोटो : rajesh
सफीदों। पूरे विश्व में हरियाणवीं संस्कृति की अमिट छाप छोड़ने वाले सफीदों निवासी लोक कलाकार महावीर गुड्डू को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया। उनको यह पुरस्कार मिलने पर सफीदों क्षेत्र निवासियों व हरियाणवीं कला प्रेमियों में खुशी की लहर है। पद्मश्री अवॉर्ड लेकर जैसे ही महावीर गुड्डू सफीदों स्थित निवास पहुंचे तो उनके यहां बधाई देने वालों का तांता लग गया।
विज्ञापन

बातचीत में महावीर गुड्डू ने कहा कि यह अवॉर्ड उन्हें शंकर भगवान व मां सरस्वती की कृपा, परिवार व बुजुर्गों के आशीर्वाद, हरियाणवीं संस्कृति से प्रेम करने वाले लोगों के प्यार की बदौलत मिला है। यह पुरस्कार पाकर वे बेहद खुश हैं और उनकी 53 साल की कला के क्षेत्र में यात्रा का परिणाम है। वे यह पुरस्कार समस्त हरियाणा और हरियाणवियों को समर्पित करते हैं। इस पुरस्कार के लिए वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश की तत्कालीन मनोहर लाल सरकार व पुरस्कार चयन समिति का धन्यवाद करते हैं।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार को प्राप्त करते वक्त उन्हें एक विशेष अनुभूति महसूस हुई। जितने भी अवॉर्ड प्राप्त करने वाले लोग थे वे सभी कहीं न कहीं अपने-अपने क्षेत्र में विशेष स्थान को प्राप्त थे और चयन समिति ने सभी को उनकी योग्यता को ध्यान में रखकर ही सही रूप से अवॉर्ड के लिए नामित किया था। उन्होंने बताया कि पुरस्कार प्रदान करते वक्त राष्ट्रपति ने उन्हे बधाई तो दी ही, साथ ही साथ जब वे पुरस्कार लेकर लौट रहे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खड़े होकर बधाई दी और उनकी पीठ थपथपाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

महावीर गुड्डू कहते हैं कि पद्मश्री पुरस्कार ने उन्हें जमीन से हाथी पर बैठा दिया है। वे उपमंडल सफीदों के गांव गांगोली में एक सामान्य परिवार में जन्मे और शिक्षा-दीक्षा के बाद वे प्राध्यापक बने। 1972 में उन्होंने हरियाणवीं कला के क्षेत्र में अपना पहला कदम रखा था। हालांकि उनका परिवार कला व संस्कृति के क्षेत्र में नहीं रहा है, लेकिन उन्होंने हरियाणवीं संस्कृति को अंगीकार करते हुए कला के क्षेत्र में कदम रखा। धोती-कुर्ते, चिमटे, बीन, बांसुरी और शंख ने उन्हें एक विशेष पहचान प्रदान की।

बता दें कि महावीर गुड्ड पंडित लखमीचंद राज्य पुरस्कार, हरियाणा कला रत्न अवॉर्ड, पंडित लखमीचंद शिक्षा एवं संस्कृति पुरस्कार और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं। इसके अलावा वे लंदन इंडियन हाई कमीशन, हाउस ऑफ लॉर्ड, अमेरिका व नार्वे में भी पुरस्कृत हो चुके हैं। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी ने उन्हें पीएचडी की मानद उपाधि से नवाजा था। महावीर गुड्डू कहते हैं कि बेशक उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड प्राप्त हो चुका है, लेकिन कला के क्षेत्र की यात्रा निरंतर जारी रखेंगे। वे अंतिम सांस तक मां बोली हरियाणवीं की दिलो जान से सेवा करते रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed