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ट्रांसफर पॉलिसी और अध्यापकों के पदों को समाप्त करने के विरोध में नौ स्कूलों पर जड़े ताले

Tue, 23 Aug 2022 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 12:33 AM IST
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Locks on nine schools in protest against transfer policy and abolition of teachers' posts
गांव जलालपुर कलां के हाई स्कूल पर ताला जड़ते ग्रामीण। संवाद। - फोटो : Jind
जींद। शिक्षा विभाग की रेशनेलाइजेशन, ट्रांसफर पॉलिसी व अध्यापकों के पदों के समाप्त (कैप्ट) करने के विरोध में सोमवार को जिलेभर के कई गांवों में ग्रामीणों व बच्चों ने स्कूलों को ताले जड़ दिए। जलालपुर कलां, पडाना, खरेंटी, जाजनवाला, धरोदी, कर्मगढ़, ढाबी टेकसिंह, कालवन व हंसडहर गांवों में सुबह आठ बजे ही ताले लगा दिए गए।
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ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी सूरत में स्कूल बंद नहीं होने दिए जाएंगे, इसके लिए चाहे उन्हें कितना भी बड़ा आंदोलन क्यों नहीं करना पड़े। शिक्षा अधिकारियों ने हालांकि दो से तीन घंटे के अंदर ग्रामीणों को आश्वासन देकर ताले खुलवा दिए लेकिन दिनभर स्कूलों में पढ़ाई नहीं हो पाई।
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प्रदेश सरकार ने प्रदेश में 105 सरकारी स्कूलों को बंद करके मर्ज कर दिया है। जींद में भी तीन स्कूल मर्ज किए गए हैं। अब शिक्षा विभाग ने अध्यापकों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी चलाकर प्रदेशभर में 20 हजार पदों को कैप्ट कर दिया। जहां बच्चों की संख्या कम है, वहां से अध्यापकों के तबादले करके इन पदों को खत्म कर दिया है। जींद जिले में लगभग 300 अध्यापकों के पद खत्म कर दिए हैं। काफी स्कूलों में पहले ही अध्यापकों की कमी थी। इसके बावजूद अब और अध्यापकों की कमी स्कूलों में हो जाएगी। जलालपुर कलां निवासी रामफल जागलान, रोहताश व सतपाल ने कहा कि गांव के स्कूल में पहले ही तीन अध्यापकों की कमी थी, अब सरकार ने तीन और अध्यापकों के पद खत्म कर दिए। इससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की कि अध्यापकों के तबादले को रद्द करते हुए इन्हें ज्यों का त्यों स्कूल में रहने दिया जाए।
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पहले ही खाली थे जिले में 1863 पद
जिले में अध्यापकों के 6891 पद स्वीकृत हैं। इस समय 5028 अध्यापक कार्यरत हैं। इनमें 4566 स्थायी रूप से कार्यरत हैं जबकि 462 अतिथि अध्यापक हैं। 1863 अध्यापकों के पद रिक्त हैं। अब जिले में एक हजार अध्यापकों के पद कैप्ट (खत्म) कर दिए हैं। अध्यापकों की कमी का सीधा असर सरकारी स्कूलों में पढने वाले बच्चों पर पड़ेगा। सरकारी स्कूलों में काफी जरूरतमंद परिवारों के बच्चे ही पढ़ते हैं। इसलिए इन बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
नगराधीश को सौंपा ज्ञापन
वहीं करसोला गांव के राजकीय उच्च विद्यालय से पांच अध्यापकों के पद समाप्त करने के विरोध में ग्रामीणों ने सोमवार को नगराधीश अमित कुमार को ज्ञापन सौंपा। कमल चौहान, धर्मपाल सिंहमार, सुभाष, वजीर मेहरा, ईश्वर करसोला ने कहा कि उनके गांव के स्कूल पांच अध्यापकों के पद समाप्त कर दिए जबकि गांव में बच्चों की संख्या बहुत अधिक है। ग्रामीणों ने कहा कि अध्यापकों के पद समाप्त करके सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है। किसी भी सूरत में यह पद समाप्त नहीं किए जाने चाहिएं।
नरवाना में भी सौंपा एसडीएम को ज्ञापन
गांव कर्मगढ़ व ढाबी टेकसिंह के लोगों ने पहले स्कूल पर ताला जड़ा, उसके बाद प्रदर्शन करते हुए एसडीएम नीरज को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने अव्यावहारिक रेशनेलाइजेशन नीति, ट्रांसफर पॉलिसी तथा अध्यापकों के पदों को कैप्ट करने का विरोध जताया। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षित से वंचित रखना चाहती है।
95 प्रतिशत परीक्षा परिणाम, फिर भी पांच पद समाप्त
गांव खरेंटी के हाई स्कूल पर ताला जड़ने के बाद कामरेड सूरजभान ने कहा कि खरेंटी गांव का स्कूल 80 वर्ष पुराना है। स्कूल के छात्र हर वर्ष खंड और जिला स्तर पर प्रथम आते हैं और इस बार भी परिणाम 95 प्रतिशत से अधिक रहा। इसके बावजूद स्कूल से पांच अध्यापकों के पद खत्म कर दिए। सरकार स्कूलों को बंद करना चाहती है, जबकि गांवों से करोड़ों रुपये की जमीन सरकार ने अपने नाम करवा ली है। धीरे धीरे स्कूलों की बिल्डिग़ को बेचा जाएगा, यह किसी भी सूरत में सहन नहीं होगा। ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
स्कूलों को बंद करने की तैयारी
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के कोषाध्यक्ष भूप सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार तबादला व रेशनेलाइजेशन के बहाने सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी कर रही है। जिले में लगभग एक हजार अध्यापकों के पद कैप्ट किए गए हैं। पूरे प्रदेश से 20 हजार पद खत्म किए जा रहे हैं। सरकार निजी स्कूलों को बढ़ावा दे रही है।

400 से ज्यादा शिक्षक रहे सामूहिक अवकाश
प्रदेशभर में सरकार द्वारा 105 स्कूलों को बंद कर मर्ज करने व अध्यापकों के तबादले किए जाने के रोष स्वरूप शिक्षक भी सामूहिक अवकाश पर रहे। जिलेभर में 1400 से ज्यादा पीजीटी शिक्षक हैं, जिसमें से 400 से ज्यादा शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहे। हालांकि शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार को जिलेभर के सभी पीजीटी शिक्षकों को हाजिर रहने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने गैर हाजिर रहने वाले पीजीटी शिक्षकों की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है।
जवाब नहीं दे पाईं उप जिला शिक्षा अधिकारी
इस बारे में जब उप जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी से बातचीत की गई तो वह कोई जवाब नहीं दे पाईं। उन्होंने इतना कहा कि वह मीटिंग में हैं।
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