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Jind News: सेढ़ा माजरा में 15 लाख की लागत से बन रही लाइब्रेरी
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20जेएनडी15: सेढ़ा माजरा में लाइब्रेरी हाल का हो रहा निर्माण। संवाद
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उचाना। सेढ़ा माजरा गांव में पंचायत द्वारा 15 लाख रुपये की लागत खर्च करके लाइब्रेरी हॉल का निर्माण करवाया जा रहा है। शहीद दिनेश फौजी पार्क के पास इसका निर्माण कार्य जारी है। लाइब्रेरी बनने से गांव के साथ-साथ आसपास के गांवों के युवा भी यहां पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। लड़के व लड़कियों के अलग-अलग बैठकर पढ़ाई करने के लिए बैंच लगाए जाएंगे। काफी लंबे समय से गांव के युवाओं द्वारा लाइब्रेरी निर्माण की मांग की जा रही थी। गांव के युवाओं को जल्द लाइब्रेरी हॉल का काम पूरा होने के बाद ये सौगात मिलेगी।
दीपक, सुमित, विकास, संदीप ने कहा कि गांव से उचाना शहर लाइब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए जाते हैं। गांव में ही लाइब्रेरी बनने के बाद उन्हें उचाना शहर नहीं जाना पड़ेगा। लाइब्रेरी में परीक्षाओं की तैयारी के लिए फीस हर महीने देनी पड़ती थी। अब इन रुपये से वो किताबों को खरीदने के साथ-साथ नौकरियों के लिए आवदेन कर सकेंगे। लाइब्रेरी बनने के बाद अब गांव से दूर जाकर युवाओं को नहीं पढ़ना पड़ेगा। गांव में ही ये सुविधा मिल जाएगी। गांव में आने-जाने में भी परेशानी होती है क्योंकि गांव में परिवहन सेवा नहीं है। ऐसे में कई बार तो पैदल आना-जाना पड़ता है।
सरपंच प्रतिनिधि अनूप सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी हॉल कमरों का निर्माण जारी है। यहां पर आने वाले लड़के, लड़कियों के अलग-अलग बैंच पढ़ाई के लिए लगाए जाएंगे। गांव से करीब 100 युवा उचाना शहर में लाइब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर जाते है। लाइब्रेरी गांव में बनने के बाद युवाओं को जो फीस लाइब्रेरी में पढ़ाई को लेकर देनी पड़ती थी, उससे छुटकारा मिलेगा।
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दीपक, सुमित, विकास, संदीप ने कहा कि गांव से उचाना शहर लाइब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए जाते हैं। गांव में ही लाइब्रेरी बनने के बाद उन्हें उचाना शहर नहीं जाना पड़ेगा। लाइब्रेरी में परीक्षाओं की तैयारी के लिए फीस हर महीने देनी पड़ती थी। अब इन रुपये से वो किताबों को खरीदने के साथ-साथ नौकरियों के लिए आवदेन कर सकेंगे। लाइब्रेरी बनने के बाद अब गांव से दूर जाकर युवाओं को नहीं पढ़ना पड़ेगा। गांव में ही ये सुविधा मिल जाएगी। गांव में आने-जाने में भी परेशानी होती है क्योंकि गांव में परिवहन सेवा नहीं है। ऐसे में कई बार तो पैदल आना-जाना पड़ता है।
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सरपंच प्रतिनिधि अनूप सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी हॉल कमरों का निर्माण जारी है। यहां पर आने वाले लड़के, लड़कियों के अलग-अलग बैंच पढ़ाई के लिए लगाए जाएंगे। गांव से करीब 100 युवा उचाना शहर में लाइब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर जाते है। लाइब्रेरी गांव में बनने के बाद युवाओं को जो फीस लाइब्रेरी में पढ़ाई को लेकर देनी पड़ती थी, उससे छुटकारा मिलेगा।
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