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Jind News: 15 साल से फरार हत्यारा चंद्रभान गिरफ्तार, वाराणसी में नाम बदलकर की मजदूरी

Tue, 14 Jan 2025 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jan 2025 11:39 PM IST
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Killer Chandrabhan, absconding for 15 years, arrested, changed his name and worked as a laborer in Varanasi
14सीटीके13सीआईए प्रथम की गिरफ्त में हत्या का दोषी पांच हजार का ईनामी चंद्रभान। स्त्रोत पुलिस
शहर की जनता कॉलोनी में 21 साल पहले बेटी से छेड़छाड़ के शक में जींद के युवक नरेंद्र की हत्या करने का दोषी पांच हजार के इनामी चंद्रभान को 15 साल बाद गिरफ्तार किया गया है। दोषी हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 2009 में फरार हो गया था, जिसे अब सीआईए प्रथम ने गिरफ्तार किया है। वह यूपी के वाराणसी शहर में दलबीर सिंह के नाम से रह रहा था। अब छह माह पहले ही परिवार के पास आया था।
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एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि अक्तूबर 2003 में जनता कॉलोनी निवासी चंद्रभान ने सिटी थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया। चंद्रभान का आरोप था कि पड़ोसी प्रमोद, समुंद्र व बालकिशन के साथ उसका झगड़ा हुआ था। पहले तो दोनों पक्षों में पंचायती तौर पर समझौता हो गया। इसके बावजूद आरोपियों ने उसके बेटे संजय की पीट-पीटकर हत्या कर दी, साथ ही शव को आग लगा दी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच की। इसी बीच 13वीं के बाद तुरंत बाद चंद्रभान का परिवार जनता कॉलोनी स्थित मकान को बेचकर भिवानी के जुई में जाकर रहने लगा। दूसरी तरफ पुलिस को जांच में पता चला कि संजय तो जिंदा है। दिसंबर 2003 में पुलिस ने संजय को काबू कर पूछताछ की तो हत्याकांड की असली कहानी खुलकर सामने आई।
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छेड़छाड़ के शक में की थी जींद के युवक की हत्या
पुलिस के मुताबिक, जींद के गांव गतौली निवासी नरेंद्र जनता कॉलोनी में चंद्रभान के मकान के सामने फलों की रेहड़ी लगाता था। चंद्रभान को शक था की नरेंद्र छेड़खानी करता है। इससे नाराज होकर चंद्रभान ने साजिश के तहत नरेंद्र को घर बुलाया। पत्नी व बेटे के साथ मिलकर नरेंद्र को दूध में नींद को गोलियां खिला दीं। इसके बाद नरेंद्र की बेहोशी की हालत में बिजली के तार से गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को आग लगा दी। बचने के लिए नरेंद्र के शव को बेटे संजय का शव बताकर पड़ोसियो के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवा दिया था।
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