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ट्यूबवेल का तार जलने से बख्ताखेड़ा में पानी का संकट
अमर उजाला ब्यूरो जींद
Updated Fri, 02 Jun 2017 12:13 AM IST
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बिजली निगम कार्यालय पहुंचे गांव बख्ताखेड़ा के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव बख्ताखेड़ा में पानी की आपूर्ति को पूरा करने के लिए खरैंटी गांव की जमीन पर ट्यूबवेल लगा है। ट्यूबवेल की पिछले तीन दिनों से तार जली है। तार जलने से पूरा गांव पानी के लिए तरस रहा है। ग्रामीण बिजली कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। काफी समय पहले गांव बख्ताखेड़ा में पीने के पानी की समस्या थी, क्योंकि गांव की जमीन में पीने लायक पानी नहीं था। सरकार ने 17 लाख रुपये की लागत से गांव खरैंटी की जमीन में ट्यूबवेल लगवाया था।
इस ट्यूबवेल के लगने से गांव में पेयजल की समस्या का समाधान हो गया था, लेकिन पिछले तीन दिनों से ट्यूबवेल की बिजली की तार जलने के कारण पूरे गांव की पेयजल सप्लाई बाधित हो गई। गांव के नरेश उर्फ ढिल्ला, सुभाष राठी, जगबीर राठी, पूर्व सरपंच राजपाल राठी, सरपंच दिदार, पंच काला ने बताया कि बिजली की तार को बदलवाने के लिए उपमंडल अधिकारी से बात करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि वीरवार को भी जब वे बिजली कार्यालय अपनी समस्या को लेकर गए तो वहां पर बिजली कर्मियों धरना चल रहा था। इस कारण तीसरे दिन भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। जबकि पूरा गांव पानी की समस्या से परेशान है।
इस ट्यूबवेल के लगने से गांव में पेयजल की समस्या का समाधान हो गया था, लेकिन पिछले तीन दिनों से ट्यूबवेल की बिजली की तार जलने के कारण पूरे गांव की पेयजल सप्लाई बाधित हो गई। गांव के नरेश उर्फ ढिल्ला, सुभाष राठी, जगबीर राठी, पूर्व सरपंच राजपाल राठी, सरपंच दिदार, पंच काला ने बताया कि बिजली की तार को बदलवाने के लिए उपमंडल अधिकारी से बात करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि वीरवार को भी जब वे बिजली कार्यालय अपनी समस्या को लेकर गए तो वहां पर बिजली कर्मियों धरना चल रहा था। इस कारण तीसरे दिन भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। जबकि पूरा गांव पानी की समस्या से परेशान है।
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