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इन्हें तो अ, आ भी नहीं आता, क्या करते हैं आप
अमर उजाला ब्यूरो जींद
Updated Wed, 17 May 2017 12:32 AM IST
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स्कूल के बच्चे से सवाल पूछते हुए एसडीएम विरेंद्र सांगवान व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव मुआना में मंगलवार को खुला दरबार लगा। गांव वासियों ने खुले दरबार में प्रशासनिक अधिकारियों के सामने 35 शिकायतें दी। कुछ शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया और कुछ शिकायतों में संबंधित कर्मचारियों को काम पूरा करने का समय निर्धारित कर रिपोर्ट मांगी गई। इस दौरान एसडीएम विरेंद्र सांगवान ने गांव के राजकीय प्राथमिक पाठशाला का दौरा कर बच्चों से कुछ गणित और कुछ हिंदी के सवाल पूछे तो कोई भी बच्चा जवाब नहीं दे पाया। चौथी कक्षा के एक बच्चे से 69 कितने होने के सवाल पर साधी चुप्पी ने एसडीएम को नाराज कर दिया।
उन्होंने अध्यापकों से कहा कि भगवान को जवाब देना है। सरकार से इतना पैसा लेने के बाद भी आप लोग काम नहीं करते हैं। बच्चों को गिनती और अ, आ भी नहीं आती तो इसकी जिम्मेवारी पूरी अध्यापकों की होती है। स्कूल में अव्यवस्था पर प्राइमरी हेड कांता को नोटिस दिया गया और जिन बच्चों ने हाजिर जवाबी दिखाई तो उन्हें एसडीएम सांगवान ने नकद इनाम देकर हौसला बढ़ाया।
मिड-डे मील की जांच की
खुले दरबार के दौरान एसडीएम वीरेंद्र सांगवान ने गांव की समस्याओं के लिए कई जगहों के मौके देखे और तुरंत समस्या का हल करने की बात कही। खुले दरबार में गांव के कुछ लोगों ने गोचराण भूमि पर कब्जा करने की भी शिकायत की। जिस पर एसडीएम सांगवान ने उप-तहसीलदार जयबीर रंगा को स्टेटस रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए। एसडीएम ने खुले दरबार के दौरान गांव की आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल में मिड-डे मील की भी जांच की।
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पीएचसी में दवाओं पर मिली धूल, नोटिस
एसडीएम ने गांव की पीएचसी का निरीक्षण किया, तो वहां रखी दवाओं पर धूल देखकर इंचार्ज को कारण बताओ नोटिस दिया और अस्पताल मेें सफाई व्यवस्था के लिए उचित प्रबंध करने के आदेश दिए। एसएमओ डॉ कुलदीप राणा ने बताया कि गांव के इस अस्पताल में इस महीने में छह डिलीवरी हुई, जिसमें से तीन लड़कियां और तीन लड़कों ने जन्म लिया है। कार्यक्रम में उप-तहसीलदार जयबीर रंगा, बीईओ डॉ नरेश वर्मा, बिजली निगम एक्सइएन दलबीर वर्मा, एसडीओ कृष्ण कुमार, निगरानी कमेटी चेयरमैन गुरप्रीत नत, रणबीर बिटानी, पालेराम यादव, सरपंच सुखबीर राणा, मोहन लाल वर्मा आदि उपस्थित रहे।
उन्होंने अध्यापकों से कहा कि भगवान को जवाब देना है। सरकार से इतना पैसा लेने के बाद भी आप लोग काम नहीं करते हैं। बच्चों को गिनती और अ, आ भी नहीं आती तो इसकी जिम्मेवारी पूरी अध्यापकों की होती है। स्कूल में अव्यवस्था पर प्राइमरी हेड कांता को नोटिस दिया गया और जिन बच्चों ने हाजिर जवाबी दिखाई तो उन्हें एसडीएम सांगवान ने नकद इनाम देकर हौसला बढ़ाया।
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मिड-डे मील की जांच की
खुले दरबार के दौरान एसडीएम वीरेंद्र सांगवान ने गांव की समस्याओं के लिए कई जगहों के मौके देखे और तुरंत समस्या का हल करने की बात कही। खुले दरबार में गांव के कुछ लोगों ने गोचराण भूमि पर कब्जा करने की भी शिकायत की। जिस पर एसडीएम सांगवान ने उप-तहसीलदार जयबीर रंगा को स्टेटस रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए। एसडीएम ने खुले दरबार के दौरान गांव की आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल में मिड-डे मील की भी जांच की।
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पीएचसी में दवाओं पर मिली धूल, नोटिस
एसडीएम ने गांव की पीएचसी का निरीक्षण किया, तो वहां रखी दवाओं पर धूल देखकर इंचार्ज को कारण बताओ नोटिस दिया और अस्पताल मेें सफाई व्यवस्था के लिए उचित प्रबंध करने के आदेश दिए। एसएमओ डॉ कुलदीप राणा ने बताया कि गांव के इस अस्पताल में इस महीने में छह डिलीवरी हुई, जिसमें से तीन लड़कियां और तीन लड़कों ने जन्म लिया है। कार्यक्रम में उप-तहसीलदार जयबीर रंगा, बीईओ डॉ नरेश वर्मा, बिजली निगम एक्सइएन दलबीर वर्मा, एसडीओ कृष्ण कुमार, निगरानी कमेटी चेयरमैन गुरप्रीत नत, रणबीर बिटानी, पालेराम यादव, सरपंच सुखबीर राणा, मोहन लाल वर्मा आदि उपस्थित रहे।