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मेडिकल कॉलेज निर्माण में रोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो जींद
Updated Fri, 19 May 2017 12:43 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के लिए हैबतपुर गांव में तय की गई साइट।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जींद में मेडिकल कॉलेज बनने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए और निराश करने वाली खबर है। अब हैबतपुर गांव की पंचायत ने मेडिकल कॉलेज के लिए दी जमीन पर काम नहीं होने पर शनिवार को जमीन की बोली करवाने का फैसला लिया है। इसके बाद जमीन पर कास्त की जाएगी। गौरतलब है कि दो साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जींद में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की थी।
इसके बाद मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग ने छह महीने पहले ही हैबतपुर गांव की पंचायत की दी गई जमीन को मेडिकल कॉलेज के लिए तय किया। अब गांव की पंचायत का कहना है कि लंबे समय से न तो सरकार की ओर से और न ही प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई काम किया जा रहा है। ऐसे में गांव की 24 एकड़ जमीन को खाली छोड़ने का कोई फायदा नहीं है। इससे अच्छा होगा कि इस जमीन की बोली करवाई जाए और इससे पंचायत को कुछ आमदनी होगी। ऐसे में पूरी परियोजना पर ही ब्रेक लगते दिखाई दे रहे हैं।
पंचायत को लाखों का फटका
पंचायत का कहना है कि गांव में प्रति एकड़ जमीन का ठेका एक साल के लिए 45 से 50 हजार रुपये मिलता है। पंचायत ने मेडिकल कॉलेज के लिए साढ़े 24 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव किया है। ऐसे में यदि एक साल जमीन खाली पड़ी रहती है, तो पंचायत के अनुसार करीब 11 लाख रुपये का नुकसान होगा।
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सशर्त बोली करवाने की योजना
ग्राम पंचायत ने पहले भी अपनी मांगें सरकार और अधिकारियों भेजी थी। मेडिकल कॉलेज के बारे में सरकार की ओर से काई कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में यदि सरकार यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू नहीं करती, तो इससे गांव को काफी नुकसान होगा। इसके चलते सशर्त बोली करवाने की योजना है। बोली 20 मई को ग्रामीण सचिवालय में करवाई जाएगी। -कश्मीरो देवी, सरपंच, हैबतपुर
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इसके बाद मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग ने छह महीने पहले ही हैबतपुर गांव की पंचायत की दी गई जमीन को मेडिकल कॉलेज के लिए तय किया। अब गांव की पंचायत का कहना है कि लंबे समय से न तो सरकार की ओर से और न ही प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई काम किया जा रहा है। ऐसे में गांव की 24 एकड़ जमीन को खाली छोड़ने का कोई फायदा नहीं है। इससे अच्छा होगा कि इस जमीन की बोली करवाई जाए और इससे पंचायत को कुछ आमदनी होगी। ऐसे में पूरी परियोजना पर ही ब्रेक लगते दिखाई दे रहे हैं।
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पंचायत को लाखों का फटका
पंचायत का कहना है कि गांव में प्रति एकड़ जमीन का ठेका एक साल के लिए 45 से 50 हजार रुपये मिलता है। पंचायत ने मेडिकल कॉलेज के लिए साढ़े 24 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव किया है। ऐसे में यदि एक साल जमीन खाली पड़ी रहती है, तो पंचायत के अनुसार करीब 11 लाख रुपये का नुकसान होगा।
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सशर्त बोली करवाने की योजना
ग्राम पंचायत ने पहले भी अपनी मांगें सरकार और अधिकारियों भेजी थी। मेडिकल कॉलेज के बारे में सरकार की ओर से काई कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में यदि सरकार यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू नहीं करती, तो इससे गांव को काफी नुकसान होगा। इसके चलते सशर्त बोली करवाने की योजना है। बोली 20 मई को ग्रामीण सचिवालय में करवाई जाएगी। -कश्मीरो देवी, सरपंच, हैबतपुर