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अब दुर्योधन के अंत की धरती पर लड़ी जाएगी आरक्षण की लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Wed, 25 Jan 2017 12:16 AM IST
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जाट धर्मशाला में बैठक करते समिति के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आरक्षण आंदोलन का तीसरा चरण अब दुर्योधन के अंत की धरती ईक्कस गांव की धरती से शुरू होगा। इसके लिए मंगलवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं ने जाट धर्मशाला में मीटिंग कर आंदोलन की रणनीति बनाई। समिति के जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल ने कहा कि धरने की अनुमति के लिए प्रशासन को आवेदन दे दिया गया है। वहीं जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने धरने का स्थल भी तय कर दिया गया है। समिति के प्रवक्ता विजेंद्र सिंधु ने बताया कि इस दौरान आंदोलन के पूरे प्रारूप पर चर्चा की गई।
सिंधु के अनुसार समिति का आंदोलन हर प्रकार से शांतिपूर्ण होगा। मीटिंग में जिला प्रधान वीरभान ढुल ने कहा कि महाभारत की लड़ाई का अंत जिस प्रकार ईक्कस गांव के ढुंढु तीर्थ पर हुआ था, ठीक उसी प्रकार अब आरक्षण की लड़ाई का अंत भी ईक्कस गांव की ही धरती पर होगा। इस दौरान डॉ. दलबीर सिंह बीबीपुर, जगमहेंद्र सिंह, कैप्टर वेदप्रकाश, रणधीर सिंह चहल, रामकूमार मलिक मौजूद रहे।
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सरकार की नीयत में खोट
वीरभान ढुल ने कहा कि सरकार की नीयत में खोट है। ढुल के अनुसार सरकार अदालत में आरक्षण की पैरवी करने की बात कह रही है, लेकिन दूसरी ओर झूठे मुकदमों अभी भी 60 युवा जेलों में बंद हैं। अभी आरक्षण आंदोलन के पीड़ितों पूरी सहायता भी नहीं मिली है।
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