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नेत्र विभाग के दोनों चिकित्सक बाहर, ओपीडी बंद
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Wed, 10 Aug 2016 01:07 AM IST
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मरीज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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धर्मवीर निडाना। जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल की बदहाल व्यवस्था की चर्चा यूं तो हर दिन रहती हैं। मंगलवार को इसमें एक और कड़ी जुड़ गई। दरअसल चिकित्सकों ने आंखों के ऑपरेशन के लिए मरीजों को मंगलवार की तारीख तो दे दी, लेकिन उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। आंखों के ऑपरेशन के लिए सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंचे मरीजों को 12 बजे इलाज मिल पाया। इसके चलते मरीज और उनके तीमारदारों को काफी दिक्कत हुई। वहीं नेत्र रोग विभाग में चिकित्सक नहीं होने के चलते सैकड़ों मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
दरअसल सिविल अस्पताल में दो नेत्र चिकित्सक कार्यरत हैं। इनमें से एक डॉ. अर्चना तीन महीने के प्रशिक्षण के लिए चली गई हैं। वहीं दूसरे चिकित्सक अवैतनिक लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। इसके अलावा अब सहायक ही बचते हैं। नेत्र रोग विभाग में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। मंगलवार को भी सैकड़ों मरीज यहां आए, लेकिन गेट पर खड़े सुरक्षाकर्मी से सभी को एक ही जवाब मिला, कि चिकित्सक नहीं हैं।
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ऑपरेशन के लिए चार घंटे इंतजार
मंगलवार को अस्पताल में मोतिया बिंद के ऑपरेशन भी किए जाते हैं। इसके चलते करीब दर्जन भर मरीजों को ऑपरेशन के लिए बुलाया गया। मरीजों ने बताया कि उन्हें सुबह आठ बजे अस्पताल आने का कहा गया था, लेकिन डॉ. 12 बजे के बाद ही आए। इससे काफी परेशानी हुई।
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पहले नरवाना में ओपीडी फिर जींद में ऑपरेशन
जींद के सिविल अस्पताल में नेत्र चिकित्सक नहीं होने के कारण नरवाना के नेत्र चिकित्सक डॉ. रविंद्र बिंदलिश को ही जींद में भी ऑपरेशन करने होते हैं। डॉ. बिंदलिश के अनुसार उन्होंने पहले नरवाना में ओपीडी की और इसके बाद वे जींद ऑपरेशन के लिए आए। इसके चलते ही मरीजों के ऑपरेशन में देरी हो गई।
चिकित्सकों की कमी
नेत्र रोग विभाग के दोनों चिकित्सक बाहर हैं। एक प्रशिक्षण पर हैं, तो दूसरे छुट्टी पर हैं। इसके चलते नरवाना से चिकित्सक को ऑपरेशन के लिए बुलाया जाता है, लेकिन नेत्र सहायकों को ओपीडी में होना चाहिए। इसका पता लगाया जाएगा।
डॉ. अनिल बिरला, चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल जींद।