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Jind News: चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की अनुमति लेना जरूरी
Thu, 05 Sep 2024 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 05 Sep 2024 01:31 AM IST
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जींद। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि विधानसभा आम चुनाव 2024 की नामांकन प्रक्रिया आरंभ होने के साथ ही चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों की पालना करनी होगी।
उन्होंने बताया कि किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल को चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की अनुमति लेना जरूरी है, बिना अनुमति के वाहनों का प्रयोग नहीं कर सकते। उम्मीदवार की ओर से प्रचार के लिए जिन वाहनों का पंजीकरण करवाया गया है उनका विवरण व्यय पर्यवेक्षक को बताना जरूरी है ताकि उनके चुनाव खर्च में जोड़ा जा सकें। चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों का ब्योरा देते समय उन क्षेत्रों, तहसीलों का ब्यौरा भी बताना चाहिए जिनमें वाहन चलेंगे।
उन्होंने बताया कि चुनाव में प्रचार के लिए वाहनों का उपयोग यातायात नियमों के अनुसार ही करना होगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा वाहन को छोड़कर 10 से ज्यादा वाहनों के काफिले को चलने की अनुमति नहीं होगी। वाहनों के बड़े काफिले को छोटे छोटे काफिलों में तोड़ा जाएगा और दो काफिलो में कम से कम 100 मीटर का फासला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि अधिनियम, 1951 की धारा 160 में परिभाषित साइकिल रिक्शा भी एक ऐसा वाहन है, जिसका उपयोग चुनाव प्रचार के लिए किया जा सकता है। यदि इसका उपयोग किया जा रहा है तो उम्मीदवार को अपने चुनाव व्यय खाते में इसके व्यय का हिसाब देना होगा।
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उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक मंचों पर या वाहनों पर लगाए गए लाउडस्पीकरों के प्रयोग पर रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक प्रतिबंध रहेगा। रिटर्निंग अधिकारी हर प्रकार के चुनाव प्रचार पर निगरानी रखेंगे और नियमों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही करेंगे।
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उन्होंने बताया कि किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल को चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की अनुमति लेना जरूरी है, बिना अनुमति के वाहनों का प्रयोग नहीं कर सकते। उम्मीदवार की ओर से प्रचार के लिए जिन वाहनों का पंजीकरण करवाया गया है उनका विवरण व्यय पर्यवेक्षक को बताना जरूरी है ताकि उनके चुनाव खर्च में जोड़ा जा सकें। चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों का ब्योरा देते समय उन क्षेत्रों, तहसीलों का ब्यौरा भी बताना चाहिए जिनमें वाहन चलेंगे।
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उन्होंने बताया कि चुनाव में प्रचार के लिए वाहनों का उपयोग यातायात नियमों के अनुसार ही करना होगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा वाहन को छोड़कर 10 से ज्यादा वाहनों के काफिले को चलने की अनुमति नहीं होगी। वाहनों के बड़े काफिले को छोटे छोटे काफिलों में तोड़ा जाएगा और दो काफिलो में कम से कम 100 मीटर का फासला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि अधिनियम, 1951 की धारा 160 में परिभाषित साइकिल रिक्शा भी एक ऐसा वाहन है, जिसका उपयोग चुनाव प्रचार के लिए किया जा सकता है। यदि इसका उपयोग किया जा रहा है तो उम्मीदवार को अपने चुनाव व्यय खाते में इसके व्यय का हिसाब देना होगा।
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उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक मंचों पर या वाहनों पर लगाए गए लाउडस्पीकरों के प्रयोग पर रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक प्रतिबंध रहेगा। रिटर्निंग अधिकारी हर प्रकार के चुनाव प्रचार पर निगरानी रखेंगे और नियमों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही करेंगे।