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बच्चाा बदलने का आरोप, अस्पताल में दो घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा
jind
Updated Fri, 09 Sep 2016 12:29 AM IST
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अस्पताल में दो घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा - महिला ने लगाया डिलीवरी के बाद बच्चा बदलने का आरोप - तीन घंटे बाद बेटी को अपनाने को तैयार हुआ परिवार अमर उजला ब्यूरो जींद। बेशक सरकार बेटी बचाने की मुहिम चला रही है, लेकिन समाज में बेटियों को आज भी स्वीकारा नहीं जा रहा है। ऐसा ही मामला नागरिक अस्पताल में सामने आया, जहां एक साथ जन्मे बेटे और बेटी के परिवारों के बीच जमकर हंगामा हुआ। हालांकि करीब तीन घंटे बाद एक पक्ष ने स्वीकारा कि उनको बेटी ही पैदा हुई है। इसके बाद ही नन्हीं सी जान को मां का दूध नसीब हो पाया। दरअसल नागरिक अस्पताल में दो महिलाओं को डिलीवरी के लिए लाया गया था। इनमें एक पिंडारा गांव निवासी सीमा देवी है तो दूसरी दुर्गा कॉलोनी निवासी सुरेंद्र कौर है। अस्पताल स्टाफ के अनुसार सीमा देवी व सुरेंद्र कौर ने करीब सात सेकेंड के अंतराल में अपने-अपने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद सुरेंद्र कौर की सास यशवंती ने आरोप लगाया कि उसकी बहू ने बेटे को जन्म दिया है, जबकि दूसरी महिला सीमा ने बेटी को जन्म दिया है। यशवंती ने आरोप लगाया कि लेबर रूम में कार्यरत महिला स्टाफ ने बच्चों को बदला है। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ। बच्चा छीनने का आरोप अस्पताल स्टाफ के अनुसार डिलीवरी के बाद जैसे ही सुरेंद्र कौर की सास अंदर आई, सीमा देवी की सास ने अपने बच्चे को गोद में उठा रखा था। इसी दौरान यशंवती देवी ने झपटा मारकर बच्चा छीन लिया और इसे ले जाना चाहा, लेकिन स्टाफ ने ऐसा करने से रोक दिया। तीन घंटे बाद मिला मां दूध नागरिक अस्पताल में जन्मी बच्ची की किस्मत देखिए, उसे बेटी होने की सजा यूं मिली कि मां का पहला दूध भी तीन घंटे बाद मिल पाया। चिकित्सकों के अनुसार आधे घंटे के बाद बच्चे को मां का दूध मिल जाना चाहिए, लेकिन इस झगड़े में पिंडारा गांव निवासी सीमा ने तो अपने बच्चे को दूध पिला दिया, लेकिन सुरेंद्र कौर के परिजनों ने कहा कि यह बच्ची उनकी नहीं है, ऐेसे में उसे दूध नहीं पिलाएंगे। अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार बच्ची का जन्म दोपहर 01:53 बजे हुआ, लेकिन विवाद के बाद 04:50 बजे उसे मां का दूध और आंचल मिल सका। कार्रवाई का डर दिखाया तो अपना ली बच्ची हंगामा हुआ तो अस्पताल प्रबंधन ने मौके पर पुलिस को बुला लिया। लेबर रूम में बच्चा छीनने के प्रयास की शिकायत पुलिस से की। इसके बाद पिंडारा निवासी सुरेंद्र कौर के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को कहा कि यदि वे शिकायत नहीं करें तो वे बच्ची को अपनाने के लिए तैयार हैं। इसके बाद ही बच्ची को मां का दूध मिल सका। बॉक्स लेबर रूम में दो महिलाओं की डिलीवरी हुई थी। दो नर्सों ने दोनों महिलाओं की अलग-अलग डिलीवरी करवाई और बच्चे उनके परिजनों को सौंप दिए। इसके बाद एक महिला ने बच्चा बदलने का आरोप लगाया और दूसरे बच्चे को छीनना चाहा। इसकी शिकायत पुलिस को की गई है। - डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन अस्पताल में हंगामे की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले का पता किया है। यदि अस्पताल प्रबंधन कोई शिकायत देता है तो, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सज्जन सिंह, शहर थाना प्रभारी। फोटो नंबर 08जेएनडी25: बच्चा बदलने का आरोप लगाती महिला यशवंती देवी। 08जेएनडी26: मौके पर पहुंची पुलिस। 08जेएनडी29: लेबर रूम में दोनों बच्चे।
- फोटो : bureau
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बेशक सरकार बेटी बचाने की मुहिम चला रही है, लेकिन समाज में बेटियों को आज भी स्वीकारा नहीं जा रहा है। ऐसा ही मामला नागरिक अस्पताल में सामने आया, जहां एक साथ जन्मे बेटे और बेटी के परिवारों के बीच जमकर हंगामा हुआ। हालांकि करीब तीन घंटे बाद एक पक्ष ने स्वीकारा कि उनको बेटी ही पैदा हुई है। इसके बाद ही नन्हीं सी जान को मां का दूध नसीब हो पाया। दरअसल नागरिक अस्पताल में दो महिलाओं को डिलीवरी के लिए लाया गया था। इनमें एक पिंडारा गांव निवासी सीमा देवी है तो दूसरी दुर्गा कॉलोनी निवासी सुरेंद्र कौर है। अस्पताल स्टाफ के अनुसार सीमा देवी व सुरेंद्र कौर ने करीब सात सेकेंड के अंतराल में अपने-अपने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद सुरेंद्र कौर की सास यशवंती ने आरोप लगाया कि उसकी बहू ने बेटे को जन्म दिया है, जबकि दूसरी महिला सीमा ने बेटी को जन्म दिया है। यशवंती ने आरोप लगाया कि लेबर रूम में कार्यरत महिला स्टाफ ने बच्चों को बदला है। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ।
बच्चा छीनने का आरोप
अस्पताल स्टाफ के अनुसार डिलीवरी के बाद जैसे ही सुरेंद्र कौर की सास अंदर आई, सीमा देवी की सास ने अपने बच्चे को गोद में उठा रखा था। इसी दौरान यशंवती देवी ने झपटा मारकर बच्चा छीन लिया और इसे ले जाना चाहा, लेकिन स्टाफ ने ऐसा करने से रोक दिया।
तीन घंटे बाद मिला मां दूध
नागरिक अस्पताल में जन्मी बच्ची की किस्मत देखिए, उसे बेटी होने की सजा यूं मिली कि मां का पहला दूध भी तीन घंटे बाद मिल पाया। चिकित्सकों के अनुसार आधे घंटे के बाद बच्चे को मां का दूध मिल जाना चाहिए, लेकिन इस झगड़े में पिंडारा गांव निवासी सीमा ने तो अपने बच्चे को दूध पिला दिया, लेकिन सुरेंद्र कौर के परिजनों ने कहा कि यह बच्ची उनकी नहीं है, ऐेसे में उसे दूध नहीं पिलाएंगे। अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार बच्ची का जन्म दोपहर 01:53 बजे हुआ, लेकिन विवाद के बाद 04:50 बजे उसे मां का दूध और आंचल मिल सका।
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कार्रवाई का डर दिखाया तो अपना ली बच्ची
हंगामा हुआ तो अस्पताल प्रबंधन ने मौके पर पुलिस को बुला लिया। लेबर रूम में बच्चा छीनने के प्रयास की शिकायत पुलिस से की। इसके बाद पिंडारा निवासी सुरेंद्र कौर के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को कहा कि यदि वे शिकायत नहीं करें तो वे बच्ची को अपनाने के लिए तैयार हैं। इसके बाद ही बच्ची को मां का दूध मिल सका।
लेबर रूम में दो महिलाओं की डिलीवरी हुई थी। दो नर्सों ने दोनों महिलाओं की अलग-अलग डिलीवरी करवाई और बच्चे उनके परिजनों को सौंप दिए। इसके बाद एक महिला ने बच्चा बदलने का आरोप लगाया और दूसरे बच्चे को छीनना चाहा। इसकी शिकायत पुलिस को की गई है।
- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
अस्पताल में हंगामे की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले का पता किया है। यदि अस्पताल प्रबंधन कोई शिकायत देता है तो, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सज्जन सिंह, शहर थाना प्रभारी।
मौके पर पहुंची पुलिस।
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बच्चा छीनने का आरोप
अस्पताल स्टाफ के अनुसार डिलीवरी के बाद जैसे ही सुरेंद्र कौर की सास अंदर आई, सीमा देवी की सास ने अपने बच्चे को गोद में उठा रखा था। इसी दौरान यशंवती देवी ने झपटा मारकर बच्चा छीन लिया और इसे ले जाना चाहा, लेकिन स्टाफ ने ऐसा करने से रोक दिया।
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तीन घंटे बाद मिला मां दूध
नागरिक अस्पताल में जन्मी बच्ची की किस्मत देखिए, उसे बेटी होने की सजा यूं मिली कि मां का पहला दूध भी तीन घंटे बाद मिल पाया। चिकित्सकों के अनुसार आधे घंटे के बाद बच्चे को मां का दूध मिल जाना चाहिए, लेकिन इस झगड़े में पिंडारा गांव निवासी सीमा ने तो अपने बच्चे को दूध पिला दिया, लेकिन सुरेंद्र कौर के परिजनों ने कहा कि यह बच्ची उनकी नहीं है, ऐेसे में उसे दूध नहीं पिलाएंगे। अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार बच्ची का जन्म दोपहर 01:53 बजे हुआ, लेकिन विवाद के बाद 04:50 बजे उसे मां का दूध और आंचल मिल सका।
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कार्रवाई का डर दिखाया तो अपना ली बच्ची
हंगामा हुआ तो अस्पताल प्रबंधन ने मौके पर पुलिस को बुला लिया। लेबर रूम में बच्चा छीनने के प्रयास की शिकायत पुलिस से की। इसके बाद पिंडारा निवासी सुरेंद्र कौर के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को कहा कि यदि वे शिकायत नहीं करें तो वे बच्ची को अपनाने के लिए तैयार हैं। इसके बाद ही बच्ची को मां का दूध मिल सका।
लेबर रूम में दो महिलाओं की डिलीवरी हुई थी। दो नर्सों ने दोनों महिलाओं की अलग-अलग डिलीवरी करवाई और बच्चे उनके परिजनों को सौंप दिए। इसके बाद एक महिला ने बच्चा बदलने का आरोप लगाया और दूसरे बच्चे को छीनना चाहा। इसकी शिकायत पुलिस को की गई है।
- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
अस्पताल में हंगामे की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले का पता किया है। यदि अस्पताल प्रबंधन कोई शिकायत देता है तो, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सज्जन सिंह, शहर थाना प्रभारी।
मौके पर पहुंची पुलिस।