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स्वास्थ्य विभाग ने आरओ प्लाटों पर की छापेमारी
jind
Updated Tue, 21 Jun 2016 12:49 AM IST
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निरीक्षण करते सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया
- फोटो : bureau
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को शहर में चल रहे आरओ वाटर प्लांटों के पानी के सैंपल लिए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पानी के सैंपल लिए जाने की सूचना मिलते ही आरओ वाटर प्लांट संचालकों में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के नेतृत्व में उप सिविल सर्जन डॉ. पालेराम दहिया और डॉ. राजेश भोला ने रेढू़ आरो प्लांट, जैनी आरो प्लांट, मिनी आरओ अमरहेड़ी, जय जगदंबा बर्फ फैक्ट्री, सिंगला बर्फ फैक्ट्री, जेके आरओ के पानी के सैंपल लिए गए। निरीक्षण के दौरान कुछ आरओ प्लांट में साफ-सफाई को लेकर भी खामियां पाई गई, जिसको लेकर सिविल सर्जन ने आरओ प्लांट संचालकों को फटकार लगाई और सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। पिछले साल भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में आरो वाटर प्लांटों में पानी की सैंपल भरे गए थे। इस दौरान कई आरो वाटर प्लांटों को सील भी किया गया था। पिछले साल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए एक दर्जन से ज्यादा पानी के सैंपल में से छह सैंपल फेल हुए थे। इसके बाद संबंधित आरओ वाटर प्लांट संचालकों द्वारा दोबारा इन सैंपल की जांच करवाई गई, जहां से सभी सैंपल पास हुए।
शहर में चल रहे हैं दो दर्जन आरो प्लांट
शहर में करीब दो दर्जन आरओ वाटर प्लांट चल रहे हैं। प्रतिदिन शहर में 50 हजार से ज्यादा पानी के कैंपर आरओ प्लांट संचालकों द्वारा सप्लाई किए जाते हैं। जून व जुलाई माह में मलेरिया, डायरिया जैसी बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। इसी के मध्यनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरओ वाटर प्लांटों व बर्फ फैक्ट्रियों में पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार आरओ वाटर प्लांटों का निरीक्षण करके सैंपल लिए जाएंगे। पिछले साल जिले में सभी आरओ प्लांट बगैर लाइसेंस के चल रहे थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सख्ती बरते जाने पर आरओ प्लांट संचालकों द्वारा फायर बिग्रेड, स्वास्थ्य
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी को पीने का पानी साफ और स्वच्छ पानी सप्लाई होना चाहिए। इसी को मद्देनजर रखते हुए आरो प्लांट व बर्फ फैक्ट्रियों के पानी के सैंपल लिए गए हैं। सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं, रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पेयजल को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
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- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन जींद।
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शहर में चल रहे हैं दो दर्जन आरो प्लांट
शहर में करीब दो दर्जन आरओ वाटर प्लांट चल रहे हैं। प्रतिदिन शहर में 50 हजार से ज्यादा पानी के कैंपर आरओ प्लांट संचालकों द्वारा सप्लाई किए जाते हैं। जून व जुलाई माह में मलेरिया, डायरिया जैसी बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। इसी के मध्यनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरओ वाटर प्लांटों व बर्फ फैक्ट्रियों में पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार आरओ वाटर प्लांटों का निरीक्षण करके सैंपल लिए जाएंगे। पिछले साल जिले में सभी आरओ प्लांट बगैर लाइसेंस के चल रहे थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सख्ती बरते जाने पर आरओ प्लांट संचालकों द्वारा फायर बिग्रेड, स्वास्थ्य
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स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी को पीने का पानी साफ और स्वच्छ पानी सप्लाई होना चाहिए। इसी को मद्देनजर रखते हुए आरो प्लांट व बर्फ फैक्ट्रियों के पानी के सैंपल लिए गए हैं। सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं, रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पेयजल को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
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- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन जींद।