फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   health, 11 million expense, utilities missing, jind

11 करोड़ खर्च, सुविधाएं नदारद

Fri, 10 Feb 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद Updated Fri, 10 Feb 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
health, 11 million expense, utilities missing, jind
निर्माण का काम पूरा होने का इंतजार कर रहा 100 बैड अस्पताल का भवन। - फोटो : jind
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा घोषित अतिरिक्त 100 बेड के अस्पताल पर 11 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी लोग सुविधाओं से महरूम हैं। विभागों के ढीले रवैये से लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिल रही है। अब यह मामला पीडब्ल्यूडी की बिजली, जन स्वास्थ्य और निर्माण शाखा के बीच उलझकर कर रह गया है।
विज्ञापन


फिलहाल जिले का नागरिक अस्पताल 100 बेड के भवन में चल रहा है। हालांकि, व्यवस्थाओं के मामले में नागरिक अस्पताल खुद बीमार है, लेकिन नया भवन शुरू होने से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। नागरिक अस्पताल में फिलहाल 42 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। अतिरिक्त 100 बेड का अस्पताल शुरू होने से यह संख्या 53 हो जाएगी। फिलहाल नागरिक अस्पताल में 42 के मुकाबले केवल 19 पद ही स्वीकृत हैं।
विज्ञापन


खुद बीमार है अस्पताल
नागरिक अस्पताल में हालांकि प्रतिदिन करीब एक हजार लोगों की ओपीडी होती है, लेकिन चिकित्सकों के मामले में यह खुद बीमार है। अस्पताल में ओर्थों, मेडिसन, चर्मरोग, पैथो, रेडियोलॉजिस्ट, गायनी व मनोवैज्ञानिक तक नहीं हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब दर्जन भर डिलीवरी होती हैं, लेकिन यहां लेडी मेडिकल ऑफिसर (एलएमओ) की भी सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नए भवन से है उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नया भवन मिलने से अस्पताल में आईसीयू जैसी आधुनिक सुविधा मिल सकती है। फिलहाल गंभीर मरीजों के लिए नागरिक अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में यह अस्पताल महज रेफर सेंटर बनकर रह गया है। दुर्घटनाओं के अधिकतर केस रोहतक पीजीआई रेफर किए जा रहे हैं।

निर्माण का अधिकतर काम पूरा है। यहां इलेक्ट्रिक काम व जन स्वास्थ्य विभाग का काम बचता है। यह काम पहले किया जाना है। इसके होते ही पुताई व शीशे लगाने का काम हो जाएगा। पार्किंग का कुछ काम किया जाना है। 

-केएल चोपड़ा, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर

स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिला भवन
फिलहाल यह भवन स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिला है। नया भवन मिलने से स्टाफ और मरीजों दोनों को ही लाभ होगा। पद भी बढ़ेंगे। इससे बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
-डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed