Jind: गांव में खेलकर विदेशों से पदक जीतकर ला रहीं दनौदा की बेटियां, मनवाया देश और प्रदेश का लोहा
जेवलिन थ्रो और हैंडबॉल में देश और प्रदेश का लोहा मनवाया है। इस गांव की बेटियां राष्ट्रमंडल खेल, वर्ल्ड हैंडबॉल चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं, जो कि बड़े गर्व की बात है।
विस्तार
हरियाणा के जींद के गांव दनौदा की बेटियां विदेशों से पदक जीतकर ला रही हैं। उन्होंने गांव में खेलकर जेवलिन थ्रो और हैंडबॉल में देश और प्रदेश का लोहा मनवाया है। इस गांव की बेटियां राष्ट्रमंडल खेल, वर्ल्ड हैंडबॉल चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं, जो कि बड़े गर्व की बात है। गांव की शिल्पा, पूजा, प्रीति, मोनिका और मंजू उभरती हुई खिलाड़ी हैं, जो आगे देश और प्रदेश का विदेशों में नाम रोशन करेंगी। यह खिलाड़ी एक ही गांव की है और शुरू से ही गांव में ही प्रैक्टिस कर रही हैं, जो कि हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत है। गांव में बनी हैंडबॉल नर्सरी के कोच राजेंद्र के मार्गदर्शन में यह खिलाड़ी ऊंचाइयां छू रहे हैं।
मध्यम वर्ग से हैं शिल्पा, पूजा, प्रीति, मोनिका और मंजू
नरवाना से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित दनौदा गांव की यह पांचों खिलाड़ी मध्यम वर्ग से हैं। इन सभी खिलाड़ियों के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। परिवारवाले तो इनकी तरफ ध्यान भी नहीं दे पाते। यह खिलाड़ी सब कुछ अपनी मेहनत और हौसले के दम पर कर रही हैं। मोनिका और मंजू तो अंडर-19 में जूनियर हैंडबॉल एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। पूजा और प्रीति यूथ अंडर-16 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं। वहीं शिल्पा ने पिछले दिनों इग्लैंड के शहर बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया, जो सातवें नंबर पर रही।
स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया गांव का मान
दनौदा गांव की मोनिका और मंजू भारत की अंडर-19 हैंडबॉल प्रतियोगिता का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इन्होंने जून 2022 में यूरोप के स्लोवानिया देश में हुई जूनियन वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था, जिसमें उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था। वहीं उन्होंने जूनियर एशियन चैंपियनशिप में भी देश की टीम का प्रतिनिधित्व किया था।
मैसेडोनिया में टीम का किया प्रतिनिधित्व
पूजा और प्रीति ने दो-तीन साल पहले गांव के सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में खोली गई नर्सरी में ही खेलना शुरू किया था। इसके बाद इन खिलाड़ियों का मेहनत के बल पर भारत की यूथ अंडर-16 टीम में चयन हो गया। इन्होंने पिछले महीने जुलाई में यूरोप के मैसेडोनिया देश में हुई यूथ अंडर-16 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया।
राष्ट्रमंडल खेलों में फेंका 55.40 मीटर भाला
शिल्पा ने हैंडबॉल खेल छोड़कर 2-3 साल पहले जेवलिन थ्रो खेलना शुरू किया था। कड़ी मेहनत और लगन से शिल्पा का चयन पिछले दिनों इंग्लैंड में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में हो गया था। उसने अपनी काबिलियत दिखाते हुए 55.40 मीटर भाला फेंका था, लेकिन उसको खेलों में सातवां स्थान हासिल हुआ था। अब उसने चाइना में वर्ष 2023 को होने वाले एशियाड में क्वालिफाई कर लिया है।