{"_id":"6ada7881640f70696e033dc7","slug":"girls-learn-self-defense-techniques-practice-karate-techniques-jind-news-c-199-1-sroh1009-162534-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, कराटे की तकनीकों का किया अभ्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, कराटे की तकनीकों का किया अभ्यास
विज्ञापन
22जेएनडी04- कॉलेज में छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण देते हुए सिमरन। स्रोत: कॉलेज
- फोटो : Samvad
जींद। संत शिरोमणि श्री सैन भगत राजकीय महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय कराटे प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। पहले दिन छात्राओं को कराटे की बुनियादी तकनीकों का अभ्यास करवाया गया और संभावित खतरे की स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के तरीके बताए गए।
कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य सत्यवान मलिक ने की। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल अपनी सुरक्षा का कौशल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है। कराटे का अभ्यास छात्राओं में अनुशासन, एकाग्रता और विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। ऐसी गतिविधियां छात्राओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
सीआरएसयू जींद की एमपीएड अंतिम वर्ष की छात्रा और कराटे में ब्लैक बेल्ट धारक सिमरन ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सही शारीरिक मुद्रा, संतुलन, पैरों की स्थिति, हाथों से बचाव, खतरे का आकलन और सुरक्षित तरीके से वहां से निकलने की तकनीकों का प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
छात्राओं को बताया गया कि आत्मरक्षा के लिए शारीरिक शक्ति के साथ सतर्कता और सही समय पर उचित प्रतिक्रिया देना भी जरूरी है। महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. प्रेम पूनम ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं में सुरक्षा-बोध विकसित करने के साथ उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है। यह पहल महिला सशक्तीकरण और छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञापन
कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य सत्यवान मलिक ने की। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल अपनी सुरक्षा का कौशल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है। कराटे का अभ्यास छात्राओं में अनुशासन, एकाग्रता और विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। ऐसी गतिविधियां छात्राओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
विज्ञापन
सीआरएसयू जींद की एमपीएड अंतिम वर्ष की छात्रा और कराटे में ब्लैक बेल्ट धारक सिमरन ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सही शारीरिक मुद्रा, संतुलन, पैरों की स्थिति, हाथों से बचाव, खतरे का आकलन और सुरक्षित तरीके से वहां से निकलने की तकनीकों का प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
छात्राओं को बताया गया कि आत्मरक्षा के लिए शारीरिक शक्ति के साथ सतर्कता और सही समय पर उचित प्रतिक्रिया देना भी जरूरी है। महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. प्रेम पूनम ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं में सुरक्षा-बोध विकसित करने के साथ उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है। यह पहल महिला सशक्तीकरण और छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।