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Jind News: सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं होने से रात को धुंध में हादसों का डर
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14जेएनडी12: जिले की ढाठरथ से खरकगादियां की तरफ जाने वाली सड़क पर नहीं लगी सफेद पट्टी। संवाद
- फोटो : बिना क्रॉसिंग संकेतक के अजगैन मोड़ पर सड़क क्रास करते वाहन।
जींद। पिछले कई दिनों से धुंध ज्यादा होने के कारण वाहन चालकों की रात के समय जान जोखिम में है। इसको लेकर पीडब्ल्यूडी गंभीर नहीं है। आगामी दिनों में भी धुंध छाने का ज्यादा डर है, जो रात के समय चलने वाले वाहनों के लिए सुरक्षित नहीं है। धुंध में हादसे भी अधिक हो रहे हैं। इसके बावजूद भी पीडब्ल्यूडी विभाग गंभीर नहीं है।
जिले में ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर लोक निर्माण विभाग ने अभी तक सफेद पट्टी नहीं लगाई। पट्टी नहीं होने की वजह जिले की कुछ सड़कों पर सफर करना बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। सड़कों पर बनाई गई सफेद पट्टी से वाहन चालकों को धुंध में राह चलने में आसानी होती है। कोहरे होने से पहले ही विभाग को सड़कों पर सफेद रंग की पट्टी लगाने की जिम्मेदारी होती है। इस बार सर्दी का अधिकतर समय बीत चुका है, लेकिन अब तक भी लोक निर्माण विभाग ने सड़कों की सुध नहीं ली, सफेद रंग की पट्टी सड़कों के दोनों किनारों के साथ-साथ बीच में भी बनाई जाती है, ताकि धुंध पड़ने पर वाहन चालक को सड़क नजर आए और वह गलत दिशा पर न जाए।
रोड सेफ्टी के नियम कहते हैं कि धुंध के समय सड़कों पर सफेद पट्टी हर हालत में हो, लेकिन जींद में रोड सेफ्टी के इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इस बार सर्दी शुरू होने के साथ ही जिले में घनी धुंध भी गिर रही है। पांच दिन से लगातार धुंध पड़ रही है। दिन ढलने के बाद धुंध की वजह से सड़कों पर कुछ भी दिखाई नहीं देता है। यह सिलसिला सुबह 9 बजे तक जारी रहता है। धुंध की इस दस्तक से पहले कायदे से सड़कों पर सफेद पट्टी बन जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। जिले में गांव ही नहीं शहर की भी यही हालात है। शहर के पटियाला चौक से टेंडरी मोड पर भी सफेद पट्टी नहीं हैं। वहीं, पिल्लूखेड़ा खंड में जामनी से बनिया खेड़ा, ढाठरथ से खरकगादियां व मोहम्मद खेड़ा, नरवाना में दबलैन रोड, कान्हाखेड़ा रोड, अमरगढ़, कलौंदा कलां रोड, इसके अलावा जींद से सफीदों रोड पर भी पट्टियाें की दृश्यता कम हो चुकी है। इन मार्गों पर आवागमन बहुत ज्यादा रहता है। इसके कारण हजारों वाहन चालकों की जान को धुंध में जोखिम है।
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बाक्स
सवाल... सफेद पट्टी नहीं होने पर हादसों का जिम्मेदार कौन
सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं होने के कारण अगर कोई हादसा होता है तो जिम्मेदार कौन होगा। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। लोक निर्माण विभाग ने सड़कों पर सफेद रंग की पट्टी बनवाने के लिए अगर समय से तैयारी की होती तो अब धुंध में वाहन चालकों को परेशानी नहीं होती। जब तक सड़कों पर सफेद पट्टी बनाई जाएगी तब तक हो सकता है कि इसके अभाव में कोई अनहोनी घटना हो सकती है।
बाक्स
रोड सेफ्टी की बैठक में भी उठाया था मुद्दा
सड़कों पर धुंध से पहले सफेद रंग की पट्टी नहीं बन पाने का मामला रोड सेफ्टी की बैठक में उठाया था। अब धुंध ज्यादा होने के कारण रात को सड़कों पर कुछ भी दिखाई नहीं देता। रोड सेफ्टी की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। दिसंबर के पहले सप्ताह तक सड़कों पर सफेद पट्टी बनवाई जानी थी, लेकिन शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिंक रोडों पर भी पीडब्ल्यूडी बीएंडआर सफेद पट्टी नहीं लगवा सका।
-सुनील वशिष्ठ, रोड सेफ्टी कमेटी सदस्य
बाक्स
अधिकतर सड़कों पर लगी सफेद पटी, कुछ सड़कें बची हैं, उनका काम प्रोसेस में
जिले की अधिकतर सड़कों पर सफेद पट्टी लगाने का काम हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्र की कोई सड़क बची है तो वहां पर सफेद पट्टी लगाने का काम प्रोसेस में है। धुंध में वाहन चालकों को सफेद पट्टी के कारण दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। जो सड़कें बची हैं, उन पर भी जल्द सफेट पट्टी लगवाई जाएगी।
-राजकुमार नैन, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।
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जिले में ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर लोक निर्माण विभाग ने अभी तक सफेद पट्टी नहीं लगाई। पट्टी नहीं होने की वजह जिले की कुछ सड़कों पर सफर करना बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। सड़कों पर बनाई गई सफेद पट्टी से वाहन चालकों को धुंध में राह चलने में आसानी होती है। कोहरे होने से पहले ही विभाग को सड़कों पर सफेद रंग की पट्टी लगाने की जिम्मेदारी होती है। इस बार सर्दी का अधिकतर समय बीत चुका है, लेकिन अब तक भी लोक निर्माण विभाग ने सड़कों की सुध नहीं ली, सफेद रंग की पट्टी सड़कों के दोनों किनारों के साथ-साथ बीच में भी बनाई जाती है, ताकि धुंध पड़ने पर वाहन चालक को सड़क नजर आए और वह गलत दिशा पर न जाए।
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रोड सेफ्टी के नियम कहते हैं कि धुंध के समय सड़कों पर सफेद पट्टी हर हालत में हो, लेकिन जींद में रोड सेफ्टी के इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इस बार सर्दी शुरू होने के साथ ही जिले में घनी धुंध भी गिर रही है। पांच दिन से लगातार धुंध पड़ रही है। दिन ढलने के बाद धुंध की वजह से सड़कों पर कुछ भी दिखाई नहीं देता है। यह सिलसिला सुबह 9 बजे तक जारी रहता है। धुंध की इस दस्तक से पहले कायदे से सड़कों पर सफेद पट्टी बन जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। जिले में गांव ही नहीं शहर की भी यही हालात है। शहर के पटियाला चौक से टेंडरी मोड पर भी सफेद पट्टी नहीं हैं। वहीं, पिल्लूखेड़ा खंड में जामनी से बनिया खेड़ा, ढाठरथ से खरकगादियां व मोहम्मद खेड़ा, नरवाना में दबलैन रोड, कान्हाखेड़ा रोड, अमरगढ़, कलौंदा कलां रोड, इसके अलावा जींद से सफीदों रोड पर भी पट्टियाें की दृश्यता कम हो चुकी है। इन मार्गों पर आवागमन बहुत ज्यादा रहता है। इसके कारण हजारों वाहन चालकों की जान को धुंध में जोखिम है।
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सवाल... सफेद पट्टी नहीं होने पर हादसों का जिम्मेदार कौन
सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं होने के कारण अगर कोई हादसा होता है तो जिम्मेदार कौन होगा। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। लोक निर्माण विभाग ने सड़कों पर सफेद रंग की पट्टी बनवाने के लिए अगर समय से तैयारी की होती तो अब धुंध में वाहन चालकों को परेशानी नहीं होती। जब तक सड़कों पर सफेद पट्टी बनाई जाएगी तब तक हो सकता है कि इसके अभाव में कोई अनहोनी घटना हो सकती है।
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रोड सेफ्टी की बैठक में भी उठाया था मुद्दा
सड़कों पर धुंध से पहले सफेद रंग की पट्टी नहीं बन पाने का मामला रोड सेफ्टी की बैठक में उठाया था। अब धुंध ज्यादा होने के कारण रात को सड़कों पर कुछ भी दिखाई नहीं देता। रोड सेफ्टी की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। दिसंबर के पहले सप्ताह तक सड़कों पर सफेद पट्टी बनवाई जानी थी, लेकिन शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिंक रोडों पर भी पीडब्ल्यूडी बीएंडआर सफेद पट्टी नहीं लगवा सका।
-सुनील वशिष्ठ, रोड सेफ्टी कमेटी सदस्य
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अधिकतर सड़कों पर लगी सफेद पटी, कुछ सड़कें बची हैं, उनका काम प्रोसेस में
जिले की अधिकतर सड़कों पर सफेद पट्टी लगाने का काम हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्र की कोई सड़क बची है तो वहां पर सफेद पट्टी लगाने का काम प्रोसेस में है। धुंध में वाहन चालकों को सफेद पट्टी के कारण दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। जो सड़कें बची हैं, उन पर भी जल्द सफेट पट्टी लगवाई जाएगी।
-राजकुमार नैन, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।