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Jind News: यूरिया बैग लेने के लिए किसानों की लगी लाइन
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06जेएनडी12: अनाज मंडी में यूरिया खाद बैग लेने के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद
उचाना। अनाज मंडी में सहकारी बिक्री केंद्र पर यूरिया खाद लेने के लिए किसानों को सोमवार को लाइनों में लगना पड़ा। सहकारी बिक्री केंद्र पर खाद नहीं मिलने वाले किसानों को निजी दुकानों से खाद लेना महंगा पड़ता है। यहां पर किसानों को खाद के साथ नैना यूरिया दिया जाता है। इसके कारण किसानों ने घंटों तक लाइन में लगकर खाद लिया।
यहां पर किसान को एक आधार कार्ड पर 15 बैग दिए गए, जो मांग के अनुसार पर्याप्त रहे। किसानों को मंडी में यूरिया खाद आने की सूचना मिली तो गांवों से किसान मंडी पहुंचना शुरू हो गए। दो हजार के करीब यूरिया बैग बिक्री केंद्र पर आए। दलशेर, संदीप, सूरजमल, सुरेन्द्र, मंदीप ने बताया कि गेहूं में दूसरे पानी की आवश्यकता है। इसके लिए यूरिया खाद की जरूरत पड़ेगी। किसान किसी भी प्राइवेट दुकान से यूरिया लेते हैं तो नैनो यूरिया की बोतल साथ में लगा कर दी जाती। 270 का एक बैग यूरिया का है।
दो बैग यूरिया के लेते हैं तो नैनो यूरिया 225 रुपये की एक बोतल साथ दी जाती है जो काफी महंगी पड़ती है। इसलिए किसानों को सरकारी दुकान पर खाद आने का इंतजार रहता है। गेहूं की बिजाई के समय एक आधार कार्ड पर पांच बैग दिए जाते थे। अब एक आधार कार्ड पर 15 बैग यूरिया के दिए जा रहे हैं। इससे किसानों को कई बार लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा और एक बार में ही यूरिया खाद की आपूर्ति हो जाएगी। इससे आने वाले समय में यूरिया खाद के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। सेल्समैन श्याम लाल ने बताया कि एक किसान को आधार कार्ड पर 15 बैग दिए गए है। दो हजार के करीब बैग आए थे।
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यहां पर किसान को एक आधार कार्ड पर 15 बैग दिए गए, जो मांग के अनुसार पर्याप्त रहे। किसानों को मंडी में यूरिया खाद आने की सूचना मिली तो गांवों से किसान मंडी पहुंचना शुरू हो गए। दो हजार के करीब यूरिया बैग बिक्री केंद्र पर आए। दलशेर, संदीप, सूरजमल, सुरेन्द्र, मंदीप ने बताया कि गेहूं में दूसरे पानी की आवश्यकता है। इसके लिए यूरिया खाद की जरूरत पड़ेगी। किसान किसी भी प्राइवेट दुकान से यूरिया लेते हैं तो नैनो यूरिया की बोतल साथ में लगा कर दी जाती। 270 का एक बैग यूरिया का है।
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दो बैग यूरिया के लेते हैं तो नैनो यूरिया 225 रुपये की एक बोतल साथ दी जाती है जो काफी महंगी पड़ती है। इसलिए किसानों को सरकारी दुकान पर खाद आने का इंतजार रहता है। गेहूं की बिजाई के समय एक आधार कार्ड पर पांच बैग दिए जाते थे। अब एक आधार कार्ड पर 15 बैग यूरिया के दिए जा रहे हैं। इससे किसानों को कई बार लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा और एक बार में ही यूरिया खाद की आपूर्ति हो जाएगी। इससे आने वाले समय में यूरिया खाद के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। सेल्समैन श्याम लाल ने बताया कि एक किसान को आधार कार्ड पर 15 बैग दिए गए है। दो हजार के करीब बैग आए थे।
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