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चार साल से नागरिक अस्पताल में आंखों के नहीं हो रहे ऑपरेशन
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जींद। नागरिक अस्पताल में चार साल से आंखों के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। पहले तो चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। अब दो आई सर्जन हैं लेकिन ऑपरेशन थियेटर की हालत ऐसी नहीं है कि उसमें ऑपरेशन किए जा सकें। उसकी छत से पानी रिसता है। ऐसे में सरकारी सुविधा होने के बावजूद मरीजों को मजबूरी में बाहर के अस्पतालों में ऑंखों के ऑपरेशन कराने पड़ रहे हैं।
नागरिक अस्पताल में आंखों की जांच की सुविधा है। पहले यहां सर्जन की कमी थी लेकिन शासन ने दो नेत्र सर्जन यहां तैनात कर दिए हैं। अस्पताल में मोतिया बिंद के मामले भी आ रहे हैं लेकिन इन मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे। ऐसे में मरीजों को नरवाना के सरकारी अस्पताल, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, निजी अस्पतालों या फिर भिवानी के नागरिक अस्पताल में इलाज कराना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण ऑपरेशन थिएटर की हालत ठीक नहीं होना है। ऑपरेशन थिएटर में पानी की लीकेज के अलावा अन्य काम भी किया जाना है। इसी कारण ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहे हैं। नागरिक अस्पताल में औसतन 300 मरीज आंखों की जांच करवाने के लिए आते हैं। चार साल पहले इनमें से प्रति सप्ताह 100 लोगों की आंखों के ऑपरेशन किए जाते थे, लेकिन अब यह लोग दूसरे अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हैं।
वर्ष 2018 में कुरुक्षेत्र व भिवानी के अस्पतालों में आंखों के ऑपरेशन के दौरान कुछ मरीजों को संक्रमण हो गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कुछ समय के लिए सभी अस्पतालों में आंखों के ऑपेरशन बंद कर दिए थे। इसमें आदेश दिए गए थे कि अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों का आधुनिकीकरण किया जाए। प्रदेश के अन्य अस्पतालों में तो आंखों के थिएटर शुरू हो गए लेकिन जींद में आज तक ऑपरेशन थिएटर शुरू नहीं हो पाया है।
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वर्जन
आंखों के ऑपरेशन थिएटर का कुछ काम बाकी थी, जो जल्द ही पूरा करवा लिया जाएगा। इसके लिए कार्य चल रहा है। जल्द ही नागरिक अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन शुरू किए जाएंगे।
--डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।
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नागरिक अस्पताल में आंखों की जांच की सुविधा है। पहले यहां सर्जन की कमी थी लेकिन शासन ने दो नेत्र सर्जन यहां तैनात कर दिए हैं। अस्पताल में मोतिया बिंद के मामले भी आ रहे हैं लेकिन इन मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे। ऐसे में मरीजों को नरवाना के सरकारी अस्पताल, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, निजी अस्पतालों या फिर भिवानी के नागरिक अस्पताल में इलाज कराना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण ऑपरेशन थिएटर की हालत ठीक नहीं होना है। ऑपरेशन थिएटर में पानी की लीकेज के अलावा अन्य काम भी किया जाना है। इसी कारण ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहे हैं। नागरिक अस्पताल में औसतन 300 मरीज आंखों की जांच करवाने के लिए आते हैं। चार साल पहले इनमें से प्रति सप्ताह 100 लोगों की आंखों के ऑपरेशन किए जाते थे, लेकिन अब यह लोग दूसरे अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हैं।
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वर्ष 2018 में कुरुक्षेत्र व भिवानी के अस्पतालों में आंखों के ऑपरेशन के दौरान कुछ मरीजों को संक्रमण हो गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कुछ समय के लिए सभी अस्पतालों में आंखों के ऑपेरशन बंद कर दिए थे। इसमें आदेश दिए गए थे कि अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों का आधुनिकीकरण किया जाए। प्रदेश के अन्य अस्पतालों में तो आंखों के थिएटर शुरू हो गए लेकिन जींद में आज तक ऑपरेशन थिएटर शुरू नहीं हो पाया है।
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आंखों के ऑपरेशन थिएटर का कुछ काम बाकी थी, जो जल्द ही पूरा करवा लिया जाएगा। इसके लिए कार्य चल रहा है। जल्द ही नागरिक अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन शुरू किए जाएंगे।
--डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।