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Jind News: निर्माण के चलते खुले हॉल में लेटने को मजबूर इमरजेंसी के मरीज
Thu, 11 Sep 2025 12:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 11 Sep 2025 12:49 AM IST
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10जेएनडी30: नागरिक अस्पताल में खुले हॉल में चल रहा मरीजों का उपचार। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में चल रहे जीर्णोद्धार ने इमरजेंसी में आने वाले गंभीर बीमारियों के मरीजों की जान को जोखिम में डाला हुआ है। इनके लिए कुछ हद तक तो व्यवस्थाएं की हैं लेकिन यह काफी नहीं है। इस काम के कारण खुले हॉल में मरीजों को बैड पर लेटाया जरूर है लेकिन यहां निर्माण से उड़ रही धूल ने मरीजों परेशान कर दिया है।
बुधवार को इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को वार्ड के सामने हॉल में खुले में उपचार चल रहा था तो वहां की स्थिति पर पर्दा डालने के लिए एक चिकित्सक तिलमिला उठी जबकि चिकित्सक होने के नाते खुद ही व्यवस्थाओं को बेहतर करवाने का प्रयास करना चाहिए था। यहां बैड भी लगाए गए।
ऐसे में मरीजों व उनके तीमारदारों की परेशानियां बढ़ गई लेकिन किसी ने भी इस पर गुस्सा व्यक्त नहीं किया। स्वास्थ्य विभाग के जीर्णोद्धार के कार्य को देखते हुए मरीज व उनके तीमारदारों ने पिछले दो दिन से इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
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इमरजेंसी बैड लगाए बाहर
इमरजेंसी विस्तार को लेकर पीछे के कमरों में काम चल रहा था। ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में इलाज प्रभावित हुआ और मरीजों को परेशानी होने लगी। इसके चलते वार्ड के सामने खुले हॉल को ही इमरजेंसी बना दिया गया और यहां बैड लगा कर मरीजों का उपचार किया गया।
अस्पताल में जीर्णोद्धार का कार्य जारी
नागरिक अस्पताल में लगभग 14 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। इस राशि से अस्पताल के भवन को निजी अस्पतालों की तर्ज पर बेहतर लुक व सुविधाएं दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। भवन के टपक रहे लेंटर का सुधार, वाहनों की पार्किंग, शौचालय समेत अन्य सभी जरूरत के सुधार को लेकर काम जारी है। इसके अलावा मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी वार्ड का भी विस्तार किया जा रहा है। अब इस वार्ड में पहले की 10 बेड की क्षमता को बढ़ा कर 20 बेड किया जा रहा है। एमरजेंसी वार्ड के पीछे के कमरों में तोड़-फोड़ का कार्य चला हुआ है।
वर्जन
अस्पताल के जीर्णोद्धार के साथ इमरजेंसी को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को कमरों में दाखिल किया जा रहा है जबकि जिन मरीजों की हालात ठीक है। उनको हाल में बनाई गई इमरजेंसी में उपचार दिया जा रहा है। इससे एक सप्ताह तक कुछ परेशानी जरूर होगी लेकिन मरीजों को उपचार बेहतर तरीके से दिया जा रहा है। -डॉ. रघुबीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद
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बुधवार को इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को वार्ड के सामने हॉल में खुले में उपचार चल रहा था तो वहां की स्थिति पर पर्दा डालने के लिए एक चिकित्सक तिलमिला उठी जबकि चिकित्सक होने के नाते खुद ही व्यवस्थाओं को बेहतर करवाने का प्रयास करना चाहिए था। यहां बैड भी लगाए गए।
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ऐसे में मरीजों व उनके तीमारदारों की परेशानियां बढ़ गई लेकिन किसी ने भी इस पर गुस्सा व्यक्त नहीं किया। स्वास्थ्य विभाग के जीर्णोद्धार के कार्य को देखते हुए मरीज व उनके तीमारदारों ने पिछले दो दिन से इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
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इमरजेंसी बैड लगाए बाहर
इमरजेंसी विस्तार को लेकर पीछे के कमरों में काम चल रहा था। ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में इलाज प्रभावित हुआ और मरीजों को परेशानी होने लगी। इसके चलते वार्ड के सामने खुले हॉल को ही इमरजेंसी बना दिया गया और यहां बैड लगा कर मरीजों का उपचार किया गया।
अस्पताल में जीर्णोद्धार का कार्य जारी
नागरिक अस्पताल में लगभग 14 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। इस राशि से अस्पताल के भवन को निजी अस्पतालों की तर्ज पर बेहतर लुक व सुविधाएं दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। भवन के टपक रहे लेंटर का सुधार, वाहनों की पार्किंग, शौचालय समेत अन्य सभी जरूरत के सुधार को लेकर काम जारी है। इसके अलावा मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी वार्ड का भी विस्तार किया जा रहा है। अब इस वार्ड में पहले की 10 बेड की क्षमता को बढ़ा कर 20 बेड किया जा रहा है। एमरजेंसी वार्ड के पीछे के कमरों में तोड़-फोड़ का कार्य चला हुआ है।
वर्जन
अस्पताल के जीर्णोद्धार के साथ इमरजेंसी को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को कमरों में दाखिल किया जा रहा है जबकि जिन मरीजों की हालात ठीक है। उनको हाल में बनाई गई इमरजेंसी में उपचार दिया जा रहा है। इससे एक सप्ताह तक कुछ परेशानी जरूर होगी लेकिन मरीजों को उपचार बेहतर तरीके से दिया जा रहा है। -डॉ. रघुबीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद