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Jind News: प्रशासन की लापरवाही से नहीं सुधर रहा एक्यूआई, बस अड्डे समेत अन्य स्थानों पर चल रहा निर्माण
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जींद। जिले में वायु प्रदूषण के कारण एक्यूआई का स्तर कम नहीं हो रहा। सरेआम ग्रैप नियमों की अवहेलना की जा रही है। पिंडारा स्थित शहर के नए बस अड्डे पर पिछले एक सप्ताह से चल रहा निर्माण कार्य प्रशासन रुकवाने में असमर्थ है, तो वहीं सफीदों रोड पर दोनों तरफ दर्जन भर निर्माण कार्य चले हुए हैं।
सबसे बड़ी लापरवाही नगर परिषद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अलावा इन विभागों के अधिकारियों की भी है, जो ग्रैप नियमों की लगातार अवहेलना करवा रहे हैं। विभागों द्वारा निर्माण के ठेके ठेकेदारों को दिए गए हैं। यह ठेकेदार लगातार कार्य को जारी रखे हुए हैं। शहर की कालोनियों, रोहतक रोड, भिवानी रोड समेत सभी बाहरी कालोनियों व शहर की अंदर की कालोनियों ने दर्जनभर मकानों का निर्माण चला हुआ है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर परिषद की भी पांच टीमें काम कर रही हैं, लेकिन शहर की कालोनियों में चले निर्माण कार्य को रुकवाने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भी लगातार काम कर रही है। इनमें किसी का भी ध्यान सरकारी संस्थानों में चल रहे काम पर नहीं है।
शहर में रुकवाया जा रहा काम
नगर परिषद की टीम ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों को रुकवाया। इन मकान मालिकों को समझाया गया है, इसके बाद भी निर्माण चला तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। उनकी तरफ से 500 स्क्वेयर फीट से कम क्षेत्र के मकानों व प्लाटों में निर्माण कार्य रुकवाया जा रहा है। पिछले पांच दिन में 100 से ज्यादा मकानों के काम को रुकवाकर मालिकों को ग्रैप चार के नियमों के बारे में समझाया गया है।
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-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद जींद।
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सबसे बड़ी लापरवाही नगर परिषद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अलावा इन विभागों के अधिकारियों की भी है, जो ग्रैप नियमों की लगातार अवहेलना करवा रहे हैं। विभागों द्वारा निर्माण के ठेके ठेकेदारों को दिए गए हैं। यह ठेकेदार लगातार कार्य को जारी रखे हुए हैं। शहर की कालोनियों, रोहतक रोड, भिवानी रोड समेत सभी बाहरी कालोनियों व शहर की अंदर की कालोनियों ने दर्जनभर मकानों का निर्माण चला हुआ है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर परिषद की भी पांच टीमें काम कर रही हैं, लेकिन शहर की कालोनियों में चले निर्माण कार्य को रुकवाने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भी लगातार काम कर रही है। इनमें किसी का भी ध्यान सरकारी संस्थानों में चल रहे काम पर नहीं है।
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शहर में रुकवाया जा रहा काम
नगर परिषद की टीम ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों को रुकवाया। इन मकान मालिकों को समझाया गया है, इसके बाद भी निर्माण चला तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। उनकी तरफ से 500 स्क्वेयर फीट से कम क्षेत्र के मकानों व प्लाटों में निर्माण कार्य रुकवाया जा रहा है। पिछले पांच दिन में 100 से ज्यादा मकानों के काम को रुकवाकर मालिकों को ग्रैप चार के नियमों के बारे में समझाया गया है।
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-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद जींद।