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Jind News: धान की सीधी बिजाई करने से बचेगा 30 प्रतिशत पानी
Fri, 05 Jul 2024 04:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 05 Jul 2024 04:28 AM IST
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04जेएनडी11-किसानों को धान की सीधी बिजाई बारे जानकारी देते हुए कृषि अधिकारी। संवाद
नरवाना। कृषि विभाग ने वीरवार को नरवाना, गुरथली और दनौदा कलां गांव में किसान प्रशिक्षण शिविर लगाए। इसमें किसानों को धान की सीधी बिजाई करने के फायदे बताए।
कृषि विभाग के एटीएम राजेश कौशिक ने गांव गुरथली में किसानों को बताया कि यदि धान की सीधी बिजाई करें तो 30 प्रतिशत तक पानी की बचत कर सकते हैं। सरकार उनको प्रति एकड़ चार हजार रुपये की सहायता राशि भी देगी। इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण करवाना होगा। डीएसआर स्कीम का भी पंजीकरण कर सकते हैं। सरकार की प्रदान की जा रही सहायता राशि भी प्राप्त कर सकते हैं। खंड कृषि अधिकारी डॉ. सुरेंद्र और एसडीओ बलजीत लाठर ने किसानों को धान की सीधी बिजाई से लेकर कटाई तक की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसान अपने खेतों में धान की सीधी बिजाई करते हैं तो बकानी व बोन रोग नहीं लगता है। खाद का भी खर्च कम हो जाता है। धान की सीधी बिजाई की विधि में खरपतवार नियंत्रण के लिए बिजाई के बाद पैडीमिथालीन (स्टाम्प) 30 ईसी का छिड़काव दो लीटर प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में मिलाकर कर सकते हैं। दूसरा खरपतवार नाशक छिड़काव (नोमिनी गोल्ड) विस्पाईरीबैक सोडियम 100 एमएल प्रति एकड़ की दर से 120 लीटर पानी में मिलाकर करें। इस अवसर पर गुरुदेव, कर्मतेज, सतगुरू, धीरा, लाभ सिंह, अमृतपाल, साधु मौजूद रहे।
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कृषि विभाग के एटीएम राजेश कौशिक ने गांव गुरथली में किसानों को बताया कि यदि धान की सीधी बिजाई करें तो 30 प्रतिशत तक पानी की बचत कर सकते हैं। सरकार उनको प्रति एकड़ चार हजार रुपये की सहायता राशि भी देगी। इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण करवाना होगा। डीएसआर स्कीम का भी पंजीकरण कर सकते हैं। सरकार की प्रदान की जा रही सहायता राशि भी प्राप्त कर सकते हैं। खंड कृषि अधिकारी डॉ. सुरेंद्र और एसडीओ बलजीत लाठर ने किसानों को धान की सीधी बिजाई से लेकर कटाई तक की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसान अपने खेतों में धान की सीधी बिजाई करते हैं तो बकानी व बोन रोग नहीं लगता है। खाद का भी खर्च कम हो जाता है। धान की सीधी बिजाई की विधि में खरपतवार नियंत्रण के लिए बिजाई के बाद पैडीमिथालीन (स्टाम्प) 30 ईसी का छिड़काव दो लीटर प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में मिलाकर कर सकते हैं। दूसरा खरपतवार नाशक छिड़काव (नोमिनी गोल्ड) विस्पाईरीबैक सोडियम 100 एमएल प्रति एकड़ की दर से 120 लीटर पानी में मिलाकर करें। इस अवसर पर गुरुदेव, कर्मतेज, सतगुरू, धीरा, लाभ सिंह, अमृतपाल, साधु मौजूद रहे।

04जेएनडी11-किसानों को धान की सीधी बिजाई बारे जानकारी देते हुए कृषि अधिकारी। संवाद
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