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Jind News: मांगों और समस्याओं को लेकर मेट और मनरेगा मजदूरों का प्रदर्शन
Wed, 19 Jun 2024 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 19 Jun 2024 12:36 AM IST
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18जेएनडी04: जिला परिषद सीईओ का पुतला फूंकते हुए मेट व मनरेगा मजूद। संवाद
जींद। मेट और मनरेगा मजदूरों ने अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर मंगलवार को नेहरू पार्क में जनसभा की। इसकी अध्यक्षता मनरेगा श्रमिक यूनियन के जिला संयोजक अशोक रूपगढ़ ने की, जबकि संचालन राजेश कुमार ने किया। जनसभा के बाद मेट और मनरेगा मजदूरों ने रोष प्रदर्शन करते हुए डीआरडीए के बाहर सीईओ का पुतला फूंका।
सीटू नेता रमेश चंद्र ने कहा कि भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकारों ने मनरेगा पर लगातार हमले कर रही हैं। मनरेगा के बजट में हर साल कटौती की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम से कम मजदूरी दी जा रही है। उनको तीन-चार साल से पांच किलोमीटर दूर काम पर जाने पर भी किराया नहीं दिया जा रहा। काम मांगने पर काम नहीं दिया जा रहा। अगर काम मिल भी जाता है तो 15 दिन के मस्टरोल में केवल तीन-चार दिन काम देकर बंद कर दिया जाता है।
पूरा काम करने के बावजूद कम मजदूरी और समय पर नहीं दी जाती है। सीटू जिला सचिव कपूर सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने तो डिजिटल इंडिया के नाम पर ऑनलाइन हाजिरी व अब जिओ टैग से हाजिरी लगाना जले पर नमक छिड़कने जैसा काम किया है। इससे मनरेगा मजदूरों व मेठों में रोष है। समस्याओं के अलावा 100 दिन के काम की गारंटी होने के बावजूद प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को औसतन 33 दिन ही काम मिला है।
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सीटू नेता रमेश चंद्र ने कहा कि भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकारों ने मनरेगा पर लगातार हमले कर रही हैं। मनरेगा के बजट में हर साल कटौती की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम से कम मजदूरी दी जा रही है। उनको तीन-चार साल से पांच किलोमीटर दूर काम पर जाने पर भी किराया नहीं दिया जा रहा। काम मांगने पर काम नहीं दिया जा रहा। अगर काम मिल भी जाता है तो 15 दिन के मस्टरोल में केवल तीन-चार दिन काम देकर बंद कर दिया जाता है।
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पूरा काम करने के बावजूद कम मजदूरी और समय पर नहीं दी जाती है। सीटू जिला सचिव कपूर सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने तो डिजिटल इंडिया के नाम पर ऑनलाइन हाजिरी व अब जिओ टैग से हाजिरी लगाना जले पर नमक छिड़कने जैसा काम किया है। इससे मनरेगा मजदूरों व मेठों में रोष है। समस्याओं के अलावा 100 दिन के काम की गारंटी होने के बावजूद प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को औसतन 33 दिन ही काम मिला है।

18जेएनडी04: जिला परिषद सीईओ का पुतला फूंकते हुए मेट व मनरेगा मजूद। संवाद
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