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Jind News: स्कूली बसों में खामियां, दो मामलों में 19 हजार रुपये के चालान
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फोटो 22जेएनडी06-शहर के एक निजी स्कूल में बसों की चेकिंग करने पहुंची आरटीए कार्यालय की टीम। स्रो
- फोटो : Samvad
जींद। जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम ने वीरवार को निजी स्कूली बसों की जांच के लिए अभियान चलाया। इस दौरान एक स्कूल की छह बसों की जांच की गई। बसों में सीसीटीवी कैमरे, फर्स्ट एड बॉक्स और फायर सिलिंडर में कमियां मिलीं।
सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने पर नौ हजार रुपये का चालान किया गया। वहीं, बिना परमिट बच्चों को ले जाने के लिए लगाई गई गाड़ी पर भी दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम हर वीरवार को स्कूली बसों की जांच करती है। इसके लिए चार सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें परिवहन कार्यालय का इंस्पेक्टर, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई), ट्रैफिक पुलिस का सब इंस्पेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का प्रतिनिधि शामिल होता है।
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पिछले सप्ताह जींद क्षेत्र के छह स्कूलों में 25 बसों की जांच की गई थी। उस दौरान बसों में सीसीटीवी कैमरे, फायर सिलिंडर और हेल्पलाइन नंबर नहीं मिलने पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। जिले में 350 से अधिक निजी स्कूल हैं जिनमें एक लाख से ज्यादा विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
विद्यार्थियों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुंचाने के लिए बसों व अन्य वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इन वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
जांच के दौरान टीम बसों में सुरक्षा उपकरणों के साथ चालक और परिचालक के लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज की जांच करती है। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाती है। अधिकारियों के अनुसार, कई बार वाहन चालक निर्धारित नियमों का पालन नहीं करते और तेज गति से बस चलाते हैं। इससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है।
वर्जन
वीरवार को निजी स्कूलों में बसों की चेकिंग की गई थी। इनमें एक स्कूल की छह बसों की जांच की गई। सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने पर नौ हजार रुपये का चालान किया गया। वहीं, बिना परमिट बच्चों को ले जाने के लिए लगाई गई गाड़ी पर भी दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
-बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद
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सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने पर नौ हजार रुपये का चालान किया गया। वहीं, बिना परमिट बच्चों को ले जाने के लिए लगाई गई गाड़ी पर भी दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम हर वीरवार को स्कूली बसों की जांच करती है। इसके लिए चार सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें परिवहन कार्यालय का इंस्पेक्टर, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई), ट्रैफिक पुलिस का सब इंस्पेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का प्रतिनिधि शामिल होता है।
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पिछले सप्ताह जींद क्षेत्र के छह स्कूलों में 25 बसों की जांच की गई थी। उस दौरान बसों में सीसीटीवी कैमरे, फायर सिलिंडर और हेल्पलाइन नंबर नहीं मिलने पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। जिले में 350 से अधिक निजी स्कूल हैं जिनमें एक लाख से ज्यादा विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
विद्यार्थियों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुंचाने के लिए बसों व अन्य वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इन वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
जांच के दौरान टीम बसों में सुरक्षा उपकरणों के साथ चालक और परिचालक के लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज की जांच करती है। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाती है। अधिकारियों के अनुसार, कई बार वाहन चालक निर्धारित नियमों का पालन नहीं करते और तेज गति से बस चलाते हैं। इससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है।
वर्जन
वीरवार को निजी स्कूलों में बसों की चेकिंग की गई थी। इनमें एक स्कूल की छह बसों की जांच की गई। सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने पर नौ हजार रुपये का चालान किया गया। वहीं, बिना परमिट बच्चों को ले जाने के लिए लगाई गई गाड़ी पर भी दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
-बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद