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Jind News: दिन हो या रात, गर्मी कर रही बेचैन
Sat, 15 Jun 2024 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 15 Jun 2024 11:38 PM IST
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15जेएनडी18 : गर्मी से बचने के लिए सिर पर कपड़ा ढककर पेड़ों की छांव में चलती छात्राएं। संवाद
जींद। इस समय पड़ रही भयंकर गर्मी के कारण हर किसी के मुख से निकल रहा है, हाय रे गर्मी। इतनी तेज गर्मी ने लोगों को पसीना निकाल कर रख दिया है। अब तो लोग बोलने लगे हैं कि यह गर्मी इस बार तेल निकालकर ही छोड़ेगी। शनिवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान भी 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 21 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि हवा में नमी की मात्रा 18 प्रतिशत रही। दिनभर तेज धूप के कारण लोग परेशान रहे।
सुबह सूर्य निकलते ही गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर देती है। सुबह आठ बजे ही ऐसा लगता है मानो दोपहर हो गई हो, जो शाम के साढ़े छह बजे तक जारी रहती है। सूर्यास्त के बाद ही गर्मी से कुछ राहत मिल पाती है। रात को भी गर्मी में कोई राहत नहीं मिल पाती, लेकिन धूप के कारण दिन में जो परेशानी होती है, वह रात को नहीं होती। इतनी तेज धूप के कारण दिनभर लोग परेशान रहते हैं। काफी लोग सुबह-सुबह अपने कामकाज निपटाकर दिनभर घरों में दुबके रहने को मजबूर हो जाते हैं। दिन के समय शहर की सड़कें तथा बाजार सुनसान नजर आते हैं। गर्मी का असर लोगों के व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। बाजार में दुकानों दिन के समय खाली दिखाई देती हैं। सुबह दस बजे तक तथा शाम को छह बजे के बाद ही दुकानों पर इक्का-दुक्का ग्राहक देखे जा सकते हैं।
फसलों पर पड़ रहा विपरीत असर
गर्मी का असर केवल मानव जीवन पर ही नहीं हो रहा, बल्कि पेड़-पौधों तथा फसलों पर भी पड़ रहा है। जिन किसानों ने ज्वार तथा कपास की फसल लगाई हुई है, उन पर अधिक असर हो रहा है। सब्जी की फसलें भी सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। मवेशियों पर भी गर्मी का काफी असर हो रहा है। भैंसों की दूध देने की क्षमता कम होती जा रही है।
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फिलहाल गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पाएगी। अगले सप्ताह से मौसम परिवर्तनशील रहेगा और गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। फसलों में शाम के समय सिंचाई जरूर करें। जिन किसानों ने अभी तक धान की पौध नहीं लगाई है, वह अगले सप्ताह से लगाना शुरू करें। अभी तीन-चार दिन धान की पौध लगाने से परहेज करें तो अच्छा रहेगा। -डॉ. राजेश कुमार, मौसम विज्ञानी।
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सुबह सूर्य निकलते ही गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर देती है। सुबह आठ बजे ही ऐसा लगता है मानो दोपहर हो गई हो, जो शाम के साढ़े छह बजे तक जारी रहती है। सूर्यास्त के बाद ही गर्मी से कुछ राहत मिल पाती है। रात को भी गर्मी में कोई राहत नहीं मिल पाती, लेकिन धूप के कारण दिन में जो परेशानी होती है, वह रात को नहीं होती। इतनी तेज धूप के कारण दिनभर लोग परेशान रहते हैं। काफी लोग सुबह-सुबह अपने कामकाज निपटाकर दिनभर घरों में दुबके रहने को मजबूर हो जाते हैं। दिन के समय शहर की सड़कें तथा बाजार सुनसान नजर आते हैं। गर्मी का असर लोगों के व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। बाजार में दुकानों दिन के समय खाली दिखाई देती हैं। सुबह दस बजे तक तथा शाम को छह बजे के बाद ही दुकानों पर इक्का-दुक्का ग्राहक देखे जा सकते हैं।
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फसलों पर पड़ रहा विपरीत असर
गर्मी का असर केवल मानव जीवन पर ही नहीं हो रहा, बल्कि पेड़-पौधों तथा फसलों पर भी पड़ रहा है। जिन किसानों ने ज्वार तथा कपास की फसल लगाई हुई है, उन पर अधिक असर हो रहा है। सब्जी की फसलें भी सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। मवेशियों पर भी गर्मी का काफी असर हो रहा है। भैंसों की दूध देने की क्षमता कम होती जा रही है।
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फिलहाल गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पाएगी। अगले सप्ताह से मौसम परिवर्तनशील रहेगा और गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। फसलों में शाम के समय सिंचाई जरूर करें। जिन किसानों ने अभी तक धान की पौध नहीं लगाई है, वह अगले सप्ताह से लगाना शुरू करें। अभी तीन-चार दिन धान की पौध लगाने से परहेज करें तो अच्छा रहेगा। -डॉ. राजेश कुमार, मौसम विज्ञानी।

15जेएनडी18 : गर्मी से बचने के लिए सिर पर कपड़ा ढककर पेड़ों की छांव में चलती छात्राएं। संवाद