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Jind News: सावन के अंतिम दिन शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Sun, 10 Aug 2025 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 10 Aug 2025 12:12 AM IST
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09जेएनडी04 जयंती देवी मंदिर में भगवान शिव की पूजा करते हुए श्रद्धालु।
जींद। सावन के अंतिम दिन शनिवार को सुबह से ही शहर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बूंदाबांदी होने के बावजूद लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। श्रद्धालु बारिश में भीगते हुए भी शिवालयों में पहुंचे भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
शहर के सभी शिव मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, रानी तालाब मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। सावन की फुहारों ने मौसम को और भी सुहावना बना दिया था। मंदिरों पर लोगों की भीड़ से उत्साह का माहौल था।
श्रद्धाुलुओं का कहना था कि सावन का महीना अब एक वर्ष बाद ही आएगा। इसलिए हर कोई भक्ति भाव से भगवान शिव की पूजा कर जलाभिषेक कर रहा था। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रभु से प्रार्थना करते दिखे।
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पूरे सावन के दौरान मंदिर प्रबंधन और पुजारियों ने भक्तों के दर्शन में सहयोग किया। मंदिरों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। श्रद्धालुओं के बैठने की उचित व्यवस्था भी की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पूरे सावन जयंती देवी मंदिर में रूद्राभिषेक कार्यक्रम
शहर के मध्य स्थित पौराणिक जयंती देवी मंदिर में सावन के हर दिन रूद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने एक साथ मिल कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सावन के अंतिम दिन भी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और भक्तों ने जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया।
सावन भोलेनाथ की भक्ति का महीना
जयंती देवी मंदिर ने पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि सावन को भगवान भोलेनाथ की भक्ति का महीना माना गया है। ऐसे में शिवभक्त पूरे सावन में भगवान आशुतोष की नियमित रूप से सच्चे हृदय व मन से पूजा करते हैं। उसके सारे कष्ट व पाप दूर हो जाते हैं जो श्रद्धालु सच्चे मन से जलाभिषेक, रुद्राभिषेक करता है। उस पर भगवान आशुतोष की विशेष कृपा होती है।
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शहर के सभी शिव मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, रानी तालाब मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। सावन की फुहारों ने मौसम को और भी सुहावना बना दिया था। मंदिरों पर लोगों की भीड़ से उत्साह का माहौल था।
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श्रद्धाुलुओं का कहना था कि सावन का महीना अब एक वर्ष बाद ही आएगा। इसलिए हर कोई भक्ति भाव से भगवान शिव की पूजा कर जलाभिषेक कर रहा था। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रभु से प्रार्थना करते दिखे।
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पूरे सावन के दौरान मंदिर प्रबंधन और पुजारियों ने भक्तों के दर्शन में सहयोग किया। मंदिरों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। श्रद्धालुओं के बैठने की उचित व्यवस्था भी की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पूरे सावन जयंती देवी मंदिर में रूद्राभिषेक कार्यक्रम
शहर के मध्य स्थित पौराणिक जयंती देवी मंदिर में सावन के हर दिन रूद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने एक साथ मिल कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सावन के अंतिम दिन भी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और भक्तों ने जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया।
सावन भोलेनाथ की भक्ति का महीना
जयंती देवी मंदिर ने पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि सावन को भगवान भोलेनाथ की भक्ति का महीना माना गया है। ऐसे में शिवभक्त पूरे सावन में भगवान आशुतोष की नियमित रूप से सच्चे हृदय व मन से पूजा करते हैं। उसके सारे कष्ट व पाप दूर हो जाते हैं जो श्रद्धालु सच्चे मन से जलाभिषेक, रुद्राभिषेक करता है। उस पर भगवान आशुतोष की विशेष कृपा होती है।