Haryana: पेपर लीक खेल में तीन मास्टरमाइंड; ये बनाई है रेट लिस्ट, गिरोह का जींद से गहरा नाता
जींद का पेपर लीक मामलों से पुराना नाता है। पुलिस पहले भी यहां आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ पहले भी पेपर लीक करवाने के मामले दर्ज हैं। गांव ईक्कस निवासी कुलबीर इस समय धनखड़ी के सरकारी स्कूल में हेडमास्टर के पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ असम राइफल भर्ती मामले सहित एक अन्य में अंडर ट्रायल चल रहे है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जींद के डीआरडीए के सामने गैस एजेंसी कार्यालय के ऊपर बने कमरे से पकड़े गए तीनों आरोपी पेपर लीक खेल के मास्टरमाइंड हैं। ईक्कस गांव के कुलबीर और मिल्कपुर गांव के जितेंद्र उर्फ जीता का पहले भी अलग-अलग पेपरों में नाम आ चुका है। इनकी पेपर लीक करवाने में सलिप्ता पाई गई थी, जो मामले अभी विचाराधीन हैं। आरोपियों के पास मिले मोबाइल फोन में 40-45 युवाओं के एडमिट कार्ड मिले हैं, जिनके सीईटी के पेपर पास करवाने थे।
सीईटी पास करवाने का रेट पांच लाख रुपये
सीईटी पेपर पास करवाने के नाम पर पांच लाख रुपये में सौदा किया हुआ था जबकि सब इंस्पेक्टर, केवीएस के पेपरों के 18 से 20 लाख रुपये तक निर्धारित किए हुए थे। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल उपकरण और कुछ पेपर और उनकी फोटो कॉपी मिले। प्रश्न पत्र और आंसर की को पुलिस फर्जी बता रही है, लेकिन पुलिस ने अभी पेपर और आंसर की जांच करवाने के लिए कॉपी को एचएसएससी में भेजी है। उसी के बाद पता चल पाएगा कि प्रश्न पत्र और आंसर की असली थी या नहीं।
पहले हुए पेपर लीक मामलों में आया था आरोपियों का नाम
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ पहले भी पेपर लीक करवाने के मामले दर्ज हैं। गांव ईक्कस निवासी कुलबीर इस समय धनखड़ी के सरकारी स्कूल में हेडमास्टर के पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ साल 2015 में मॉडल टाउन थाना रेवाड़ी में असम राइफल भर्ती मामले सहित एक अन्य में अंडर ट्रायल चल रहा है। वहीं जितेंद्र उर्फ जीता के खिलाफ भी गुरुग्राम और हिसार में पेपर लीक करवाने के आरोप में दो मामले दर्ज हैं। उसका केवीएस का पेपर लीक करवाने और दूसरे मामले में भी पेपर लीक करने को लेकर नाम आया था, जिस पर दोनों मामलों की जांच चल रही है। अब वह जमानत पर चल रहा है। तीसरा आरोपी कैरखेड़ी निवासी अमित ग्रुप-डी में लगा हुआ है।
जींद को कब-कब लगे पेपर लीक के दाग
- 2016 में एचटेट की परीक्षा में जींद शहर के चक्की मोड़ के पास कार में सवार कुछ लोग पेपर लीक करवा रहे थे। पुलिस को उनके पास से एचटेट परीक्षा के प्रश्नपत्र की आंसर-की मिली थी।
- 2018 में लखनऊ में इलाहाबाद हाईकोर्ट के असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर (एआरओ) की परीक्षा में हरियाणा का सॉल्वर गैंग पकड़ा गया था। इसमें जींद के चार युवक शामिल थे।
- 2019 में दिल्ली कोर्ट भर्ती में जींद के काकड़ौद गांव में मोबाइल फोन और ब्लूटुथ से परीक्षा करवाते जींद के तीन युवा पकड़े गए थे।
- 2019 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की क्लर्क भर्ती परीक्षा लीक में भी जींद के युवकों का नाम सामने आया था।
- 2023 में पलवल में केंद्रीय विद्यालय की ऑनलाइन प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में हैकिंग के माध्यम से पेपर सॉल्व करते जींद के ईगराह गांव निवासी दीपक पकड़ा गया था।
- 2023 में जींद में कार्यरत रेलवे गैंगमैन कपिल का नाम भी समालखा में केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती की परीक्षा का पेपर हल करने के मामले में सामने आया था। कपिल पर वर्ष 2020 में रेलवे की ग्रुप डी की भर्ती में नकल करवाने का आरोप था।
अधिकारी के अनुसार
पुलिस ने तीन लोगों को सीईटी प्रश्न पत्र लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, ब्लूटुथ, प्रश्न पत्र और आंसर-की की फोटो कॉपी बरामद हुई है। आंसर-की और प्रश्न पत्र की कॉपी को जांच के लिए एचएसएससी के पास भेज दी है। तीनों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। -अमित कुमार, डीएसपी, नरवाना, जींद।