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Jind News: रामराय की खेल नर्सरी संवार रही तैराकी की छह दशक पुरानी परंपरा
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25जेएनडी23: रामराय गांव के तालाब पर अभ्यास के लिए आए खिलाड़ी। संवाद
जींद। गांव रामराय में तैराकी की परंपरा छह दशक से चली आ रही है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने में पिछले आठ साल से संचालित खेल नर्सरी अहम भूमिका निभा रही है।
कोच राम ढुल गांव के तालाब में सुबह-शाम खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास करवाते हैं। उनके मार्गदर्शन में अब तक सैकड़ों बच्चे तैराकी में अपना हुनर निखार चुके हैं। इनमें से करीब 80 खिलाड़ी राज्यस्तरीय और 25 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर गांव का नाम रोशन कर चुके हैं। तैराकी में हासिल उपलब्धियों ने कई खिलाड़ियों के लिए रोजगार के रास्ते भी खोले हैं।
गांव में लंबे समय से तैराकी का माहौल होने के कारण बच्चों का इस खेल के प्रति रुझान बना हुआ है। खेल नर्सरी के माध्यम से खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण देने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है।
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गांव के रविंद्र, साहिल, रोबिन, सचिन, नीटू, अजय और विजय सहित कई खिलाड़ियों का खेल के आधार पर सेना में चयन हो चुका है। वहीं, 10 अन्य खिलाड़ी विभिन्न विभागों में नौकरी हासिल कर चुके हैं। इन खिलाड़ियों की सफलता से गांव के दूसरे बच्चों को भी तैराकी में आगे बढ़ने और खेल के माध्यम से अपना भविष्य संवारने की प्रेरणा मिल रही है।
उत्तराखंड और दिल्ली की प्रतियोगिताओं में दिखाया हुनर
हाल ही में रामराय गांव के 13 खिलाड़ियों ने उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में भाग लिया जबकि 12 खिलाड़ियों ने दिल्ली में आयोजित स्कूली प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई। अब गांव के 10 तैराक गोवा में होने वाली स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे हैं। इनमें आस्था, दिव्या, नीशू, शिवानी और नीतिका सहित अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों से प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
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कोच राम ढुल गांव के तालाब में सुबह-शाम खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास करवाते हैं। उनके मार्गदर्शन में अब तक सैकड़ों बच्चे तैराकी में अपना हुनर निखार चुके हैं। इनमें से करीब 80 खिलाड़ी राज्यस्तरीय और 25 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर गांव का नाम रोशन कर चुके हैं। तैराकी में हासिल उपलब्धियों ने कई खिलाड़ियों के लिए रोजगार के रास्ते भी खोले हैं।
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गांव में लंबे समय से तैराकी का माहौल होने के कारण बच्चों का इस खेल के प्रति रुझान बना हुआ है। खेल नर्सरी के माध्यम से खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण देने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है।
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गांव के रविंद्र, साहिल, रोबिन, सचिन, नीटू, अजय और विजय सहित कई खिलाड़ियों का खेल के आधार पर सेना में चयन हो चुका है। वहीं, 10 अन्य खिलाड़ी विभिन्न विभागों में नौकरी हासिल कर चुके हैं। इन खिलाड़ियों की सफलता से गांव के दूसरे बच्चों को भी तैराकी में आगे बढ़ने और खेल के माध्यम से अपना भविष्य संवारने की प्रेरणा मिल रही है।
उत्तराखंड और दिल्ली की प्रतियोगिताओं में दिखाया हुनर
हाल ही में रामराय गांव के 13 खिलाड़ियों ने उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में भाग लिया जबकि 12 खिलाड़ियों ने दिल्ली में आयोजित स्कूली प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई। अब गांव के 10 तैराक गोवा में होने वाली स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे हैं। इनमें आस्था, दिव्या, नीशू, शिवानी और नीतिका सहित अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों से प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।