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Jind News: चाबरी के चिराग बने लेफ्टिनेंट, राष्ट्रपति स्वर्ण पदक जीता
Fri, 13 Mar 2026 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:43 PM IST
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13जेएनडी03-सीडीएस पासिंग आउट परेड में प्रथम स्थान हासिल करने पर सम्मान लेते हुए लेफ्टिनेंट चिरा
जींद। चाबरी के रहने वाले चिराग गोयत लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उन्होंने सीडीएस बैच एसएससी-121 में ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रपति स्वर्ण पदक जीता है। यह सम्मान उन्हें सात मार्च को पासिंग आउट परेड में प्रदान किया गया।
लेफ्टिनेंट चिराग गोयत ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद गवर्नमेंट कॉलेज बड़ौदा से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उनके परिवार में शिक्षा और अनुशासन का विशेष माहौल रहा है। उनकी माता एक निजी स्कूल में पॉलिटिकल साइंस की अध्यापिका है जबकि पिता पीटीआई शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
छोटे भाई अर्जुन गोयत वर्तमान में एलपीयू, जालंधर से बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। चिराग गोयत पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय रहे हैं। लेफ्टिनेंट चिराग गोयत को सेना में सेवा करने की प्रेरणा 15 एचआर बटालियन एनसीसी से मिली। एनसीसी के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कैंपों में भाग लिया।
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वर्ष 2023 में उन्होंने सिविल कैंप और मेजर कैंप में हिस्सा लिया। दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे शिविर में भी भागीदारी की। इसी दौरान उन्हें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ निदेशालय का रिजर्व बेस्ट कैडेट भी चुना गया। वर्ष 2023 में ही यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत उन्हें दस दिनों के लिए वियतनाम जाने का अवसर भी मिला, जहां उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। एनसीसी में काम करते हुए उनमें सेना में जाने की ललक जागी। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और 15 एचआर बटालियन एनसीसी को देते हैं।
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लेफ्टिनेंट चिराग गोयत ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद गवर्नमेंट कॉलेज बड़ौदा से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उनके परिवार में शिक्षा और अनुशासन का विशेष माहौल रहा है। उनकी माता एक निजी स्कूल में पॉलिटिकल साइंस की अध्यापिका है जबकि पिता पीटीआई शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
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छोटे भाई अर्जुन गोयत वर्तमान में एलपीयू, जालंधर से बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। चिराग गोयत पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय रहे हैं। लेफ्टिनेंट चिराग गोयत को सेना में सेवा करने की प्रेरणा 15 एचआर बटालियन एनसीसी से मिली। एनसीसी के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कैंपों में भाग लिया।
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वर्ष 2023 में उन्होंने सिविल कैंप और मेजर कैंप में हिस्सा लिया। दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे शिविर में भी भागीदारी की। इसी दौरान उन्हें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ निदेशालय का रिजर्व बेस्ट कैडेट भी चुना गया। वर्ष 2023 में ही यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत उन्हें दस दिनों के लिए वियतनाम जाने का अवसर भी मिला, जहां उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। एनसीसी में काम करते हुए उनमें सेना में जाने की ललक जागी। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और 15 एचआर बटालियन एनसीसी को देते हैं।