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संभलिए! नौनिहाल पर भारी न पड़ जाए बदलता मौसम

Thu, 06 Oct 2016 11:00 PM IST
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jind Updated Thu, 06 Oct 2016 11:00 PM IST
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नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन। - फोटो : bureau

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मौसम के करवट लेते ही बीमारियों ने भी दस्तक दे दी है। इसका सबसे ज्यादा असर नौनिहालों और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ रहा है। मौसम में हुए बदलाव के कारण बच्चों को खांसी, जुकाम, बुखार, निमोनिया, छाती रुकना, एलर्जी, नाक और गले की बीमारी लोगों को जकड़ रही है। नागरिक अस्पताल में जहां एक सप्ताह पहले तक 800 तक मरीजों की ओपीडी होती थी, यह 1200 तक पहुंच गई है। नागरिक अस्पताल में पहले की तुलना में इस समय हो रही ओपीडी की संख्या दो गुना हो गई है। ऐसे में बच्चों को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता है। बीमारियों को हल्के में लेना अभिभावकों के लिए काफी महंगा साबित हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से मौसम में हुए बदलाव के कारण बढ़ रही सर्दी का असर लोगों पर साफ दिखने लगा है। खांसी, जुकाम एलर्जी के अलावा वायरल ने भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। नागरिक अस्पताल में आ रहे मरीजों में वायरल के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। बाल रोग विशेषज्ञों की मानें तो मौसम के बदलाव से होने वाली इन बीमारियों से बचने का एकमात्र उपाय सावधानी है। ये बीमारियां बच्चों को जल्द चपेट में लेती हैं। बच्चों में खांसी, जुकाम, छाती रुकना, निमोनिया, बुखार की शिकायतें ज्यादा मिल रही हैं।
 
बच्चों की ओपीडी की संख्या में हो रही है बढ़ोतरी

नागरिक अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा वशिष्ठ ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण बच्चों की ओपीडी की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। सबसे ज्यादा केस वायरल के आ रहे हैं और यह वायरल भी इतना खतरनाक है कि नार्मल दवाइयों से कई-कई दिन में बच्चे को आराम मिलता है। पहले जहां प्रतिदिन 200 से 250 ओपीडी होती थी, वहीं अब ओपीडी की संख्या बढ़कर दो गुणी हो गई है। प्रतिदिन 400 से 500 बच्चे उपचार के लिए आ रहे हैं। इसलिए इस मौसम में बच्चों को ज्यादा देखभाल की आवश्यकता है।
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बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों की बढ़ी परेशानी
नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश भोला का कहना है कि तापमान में गिरावट होने के बाद वातावरण में जो प्रदूषण होता है, वह नीचे स्तर पर आ जाता है। इससे अस्थमा के रोगियों और बुजुर्गों को सांस लेने में काफी परेशानी होती है। इस तरह के मौसम में सुबह-शाम विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है।  
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क्या-क्या रखें सावधानियां
इस मौसम में होने वाली बीमारियों से बचने के लिए एक मात्र उपाय सावधानी है। सावधानी से ही इन बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। ऐसे मौके पर जरा सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है।
1. बच्चों को ज्यादा कपड़े पहनाएं।
2. कूलर और पंखों का इस्तेमाल न करें।
3. समय-समय पर चिकित्सक की सलाह लें।
4. बिना चिकित्सक की सलाह के किसी भी दवाई का इस्तेमाल न करें।
5. बीमारी के लक्षण दिखाई देते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
6. ठंडी चीजों का प्रयोग न करें।
7. खान-पान का विशेष ध्यान रखें।
8. बच्चों को नंगे पैर फर्श पर नहीं घूमने दें।
9. बच्चे को दूध गर्म करके पिलाएं।
10. रूम हीटर के प्रयोग से बचें।
 
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