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ट्रक की टक्कर से कार सवार आईटीबीपी जवाने की मौत
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आईटीबीपी जवान राजेंद्र मिश्रा की फाइल फोटो
- फोटो : Jind
किनाना और गतौली के बीच आटीबीपी जवान 31 वर्षीय राजेंद्र मिश्रा की कार ट्रक की चपेट में आ गई। जिससे राजेंद्र की मौत हो गई। अमरहेड़ी रोड निवासी राजेंद्र अरुणाचल प्रदेश में आईटीबीपी में था। वह ढाई महीने पहले राजस्थान के अलवर में कमांडो की ट्रेनिंग पर गया हुआ था।
अलवर में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह शनिवार को अपने घर जींद आ रहा था। रोहतक तक यूनिट के कई दोस्तों के साथ निजी गाड़ी में आया। रोहतक पहुंचने में काफी देरी होने के कारण वह घरवालों को फोन कर किराये पर कोई गाड़ी भेजने के लिए कहा। इसके बाद परिजन एक ट्रांसपोर्ट से संपर्क कर गाड़ी भेजी। इस दौरान राजेंद्र के साथ उसका दोस्त भी था। वह जुलाना में उतर गया। दोस्त को उतारने के बाद राजेंद्र ने भाई कमल को फोन कर बताया कि वह शीघ्र ही पहुंचने वाला है। इस दौरान जब वह गतौली और किनाना के मध्य पहुंचा तो सामने से आ रहे ट्रक ने उसकी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे राजेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक बरसोला निवासी राजेश सुरक्षित बच गया। हादसे की जानकारी कार चालक ने राजेंद्र के परिजनों को दी। इसके बाद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने गाड़ी के ड्राइवर राजेश की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजेंद्र का नहर पुल के पास श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दस वर्ष पहले आईटीबीपी में हुआ था भर्ती
राजेंद्र मिश्रा दस वर्ष पहले आईटीबीपी में भर्ती हुआ था। इसके कुछ समय बाद ही राजेंद्र का ब्रेन हैमरेज हो गया था। इस बीमारी से वह लंबे समय तक लड़ा और चार साल पहले ठीक हो गया। अब वह राजस्थान के अलवर में कमांडो की ट्रेनिंग पूरी कर घर आ रहा था।
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कमांडो बनने के बाद शादी करने का था इरादा
राजेंद्र मिश्रा अविवाहित थे। वह आईटीबीपी में दस वर्ष पहले भर्ती हुए थे। परिजनों ने उन पर शादी का कई बार दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने हर बार कमांडो बनने के बाद ही शादी करने की बात कही।
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अलवर में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह शनिवार को अपने घर जींद आ रहा था। रोहतक तक यूनिट के कई दोस्तों के साथ निजी गाड़ी में आया। रोहतक पहुंचने में काफी देरी होने के कारण वह घरवालों को फोन कर किराये पर कोई गाड़ी भेजने के लिए कहा। इसके बाद परिजन एक ट्रांसपोर्ट से संपर्क कर गाड़ी भेजी। इस दौरान राजेंद्र के साथ उसका दोस्त भी था। वह जुलाना में उतर गया। दोस्त को उतारने के बाद राजेंद्र ने भाई कमल को फोन कर बताया कि वह शीघ्र ही पहुंचने वाला है। इस दौरान जब वह गतौली और किनाना के मध्य पहुंचा तो सामने से आ रहे ट्रक ने उसकी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे राजेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक बरसोला निवासी राजेश सुरक्षित बच गया। हादसे की जानकारी कार चालक ने राजेंद्र के परिजनों को दी। इसके बाद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने गाड़ी के ड्राइवर राजेश की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजेंद्र का नहर पुल के पास श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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दस वर्ष पहले आईटीबीपी में हुआ था भर्ती
राजेंद्र मिश्रा दस वर्ष पहले आईटीबीपी में भर्ती हुआ था। इसके कुछ समय बाद ही राजेंद्र का ब्रेन हैमरेज हो गया था। इस बीमारी से वह लंबे समय तक लड़ा और चार साल पहले ठीक हो गया। अब वह राजस्थान के अलवर में कमांडो की ट्रेनिंग पूरी कर घर आ रहा था।
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कमांडो बनने के बाद शादी करने का था इरादा
राजेंद्र मिश्रा अविवाहित थे। वह आईटीबीपी में दस वर्ष पहले भर्ती हुए थे। परिजनों ने उन पर शादी का कई बार दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने हर बार कमांडो बनने के बाद ही शादी करने की बात कही।

आईटीबीई के जवाने का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करते ग्रामीण और पुलिस।- फोटो : Jind