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Jind News: 4.52 करोड़ से 33 केवी के तीन सब स्टेशनों की बढ़ेगी क्षमता
Thu, 11 Sep 2025 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 11 Sep 2025 01:02 AM IST
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10जेएनडी03-सफीदों रोड स्थित 33 केवी सब स्टेशन मनोहरपुर, जिसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। संवाद
जींद। बिजली निगम 4.52 करोड़ रुपये से तीन 33 केवी सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाएगा। इसके बाद ग्रामीण उपभोक्ताओं को कम वॉल्टेज और बार-बार लगने वाले कटों से निजात मिलेगी। इसमें जिला के 33 केवी मनोहरपुर, 33 केवी संडील और 33 केवी दनौदा कलां सब स्टेशन शामिल हैं। यह काम अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा।
निगम 33 केवी मनोहरपुर की क्षमता 26 एमवीए से 30 एमवीए बढ़ाने के लिए 2 करोड़ रुपये खर्च करेगा। वहीं 33 केवी संडील की क्षमता दस से 20 एमवीए बढ़ाने के लिए 1.34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएं। इसके अलावा 33 केवीए दनौदा कलां सब स्टेशन की क्षमता 20 एमवीए से 28 एमवीए बढ़ाने के लिए 1.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे।क्षमता बढ़ाने के बाद ओवरलोड की समस्या खत्म हो जाएगी वहीं ओवरलोड से तार टूटने या कंडक्टर जलने की समस्या से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
गर्मी में होती है ज्यादा परेशानी : गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने से तार, ट्रांसफार्मर, कंडक्टर जलने की निगम के पास शिकायतें आती रहती थी। वहीं फ्यूज उड़ना तो आम बात थी जिससे बिजली बाधित हो जाती थी। कई बार तो रात के समय ट्रांसफार्मर और कंडक्टर जलने की घटना होने पर पूरी रात बिजली गुल रहती थी। अब उपभोक्ताओं को कम वोल्टेज, फ्यूज उड़ने, तार टूटने की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी।
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निगम 33 केवी मनोहरपुर की क्षमता 26 एमवीए से 30 एमवीए बढ़ाने के लिए 2 करोड़ रुपये खर्च करेगा। वहीं 33 केवी संडील की क्षमता दस से 20 एमवीए बढ़ाने के लिए 1.34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएं। इसके अलावा 33 केवीए दनौदा कलां सब स्टेशन की क्षमता 20 एमवीए से 28 एमवीए बढ़ाने के लिए 1.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे।क्षमता बढ़ाने के बाद ओवरलोड की समस्या खत्म हो जाएगी वहीं ओवरलोड से तार टूटने या कंडक्टर जलने की समस्या से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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गर्मी में होती है ज्यादा परेशानी : गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने से तार, ट्रांसफार्मर, कंडक्टर जलने की निगम के पास शिकायतें आती रहती थी। वहीं फ्यूज उड़ना तो आम बात थी जिससे बिजली बाधित हो जाती थी। कई बार तो रात के समय ट्रांसफार्मर और कंडक्टर जलने की घटना होने पर पूरी रात बिजली गुल रहती थी। अब उपभोक्ताओं को कम वोल्टेज, फ्यूज उड़ने, तार टूटने की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी।
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