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जैजैवंती गांव के खेत में मिले पीतल के टुकड़े और बर्तन के आकार का गड्डा, खजाना मिलने की संभावना
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खेत में बना बर्तननुमा गड्ढा। संवाद
- फोटो : Jind
जुलाना। जैजैवंती गांव में जुताई करने के बाद एक किसान के खेत से प्राप्त हुए पीतल के टुकड़े और बड़े बर्तन के आकार का गड्ढा चर्चा का विषय बना हुआ है। किसान ने कुछ महिलाओं पर उसके खेत से खजाना निकालने का आरोप लगाया है। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी है। वहीं एसडीएम ने कहा इस मामले की जांच पुरातत्व विभाग से करवाई जाएगी।
जैजैवंती के किसान जयप्रकाश ने बताया कि वह रविवार को अपने खेतों की जुताई कर रहा था। एक खेत की जुताई के बाद वह दूसरे खेत में चला गया। इस दौरान उसके खेत में दो महिलाएं बैठी हुई नजर आईं। जब वह वह वापस आया तो वहां से महिलाएं जा चुकी थीं और यहां पर एक बर्तन के जैसा गड्ढा बना हुआ था। उसे अपने खेत में खजाना दबा होने का अंदेशा हुआ। उसेे आसपास पीतल के दो टुकड़े भी मिले। इससे उसे विश्वास हुआ कि कोई उसके खेत से दबे हुए बर्तन को निकाल कर ले गया, जिसमें खजाना हो सकता है। इसके बाद जयप्रकाश ने इसकी सूचना जुलाना पुलिस को दी और मामले की जांच की मांग की।
बता दें कि मास्टर ऑफ आर्ट (इतिहास की पुस्तक) में इस बात का जिक्र है कि गांव जैजैवंती की थलियों (रेत के खेतों) से पुरातत्व विभाग को 19वीं सदी के तांबे और चांदी के भारी मात्रा में सिक्के बरामद हुए हैं। यह सिक्के सन 1938-39 के थे। इसलिए अब यही कयास लगाए जा रहे हैं कि खेत में पीतल के टुकड़े खेत में दबे हुए बर्तन के ही थे। जुलाना थाना प्रभारी समरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली है कि जैजैवंती गांव में कुछ पीतल के अवशेष मिले हैं और बर्तन के आकार का गड्ढा मिला है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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इधर, जींद के एसडीएम दलबीर सिंह ने बताया कि अभी तक मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर कुछ मिला है तो पुरातत्व विभाग से जांच करवाई जाएगी।
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जैजैवंती के किसान जयप्रकाश ने बताया कि वह रविवार को अपने खेतों की जुताई कर रहा था। एक खेत की जुताई के बाद वह दूसरे खेत में चला गया। इस दौरान उसके खेत में दो महिलाएं बैठी हुई नजर आईं। जब वह वह वापस आया तो वहां से महिलाएं जा चुकी थीं और यहां पर एक बर्तन के जैसा गड्ढा बना हुआ था। उसे अपने खेत में खजाना दबा होने का अंदेशा हुआ। उसेे आसपास पीतल के दो टुकड़े भी मिले। इससे उसे विश्वास हुआ कि कोई उसके खेत से दबे हुए बर्तन को निकाल कर ले गया, जिसमें खजाना हो सकता है। इसके बाद जयप्रकाश ने इसकी सूचना जुलाना पुलिस को दी और मामले की जांच की मांग की।
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बता दें कि मास्टर ऑफ आर्ट (इतिहास की पुस्तक) में इस बात का जिक्र है कि गांव जैजैवंती की थलियों (रेत के खेतों) से पुरातत्व विभाग को 19वीं सदी के तांबे और चांदी के भारी मात्रा में सिक्के बरामद हुए हैं। यह सिक्के सन 1938-39 के थे। इसलिए अब यही कयास लगाए जा रहे हैं कि खेत में पीतल के टुकड़े खेत में दबे हुए बर्तन के ही थे। जुलाना थाना प्रभारी समरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली है कि जैजैवंती गांव में कुछ पीतल के अवशेष मिले हैं और बर्तन के आकार का गड्ढा मिला है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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इधर, जींद के एसडीएम दलबीर सिंह ने बताया कि अभी तक मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर कुछ मिला है तो पुरातत्व विभाग से जांच करवाई जाएगी।