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लागू नहीं होने देंगे कृषि कानून ः पालवां

Wed, 28 Apr 2021 11:58 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 28 Apr 2021 11:58 PM IST
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Agricultural laws will not be allowed to apply: Palawan
खटकड़ टोल के पास कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसानों का धरना जारी है। धरने पर अब दिनोंदिन किसानों की संख्या भी बढ़ने लगी है। बुधवार को धरने की अध्यक्षता रणधीर ढिल्लों डाहौला ने की। सांकेतिक भूख हड़ताल पर कोमल, संतोष, बिमला, कमलेश खटकड़, सरोज बाला मोहनगढ़ छापड़ा रही।
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खेड़ा खाप प्रधान सतबीर बरसोला व किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसान और खेती के लिए काले हैं। इन कानूनों को किसी सूरत में लागू नहीं होने देंगे। इन कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसान धरने दे रहे हैं। किसान जब नहीं चाहते कि ये कानून लागू हों तो क्यों इनको केंद्र सरकार लागू कर रही है। किसानों की केंद्र सरकार से तीनों कानूनों को रद्द करने व एमएसपी पर कानून बनाने की मांग है। यह दोनों मांग पूरी होने पर ही किसान घर वापसी करेगा। किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है। पूरे देश के किसानों को फसलों को एमएसपी मिले, इस पर कानून बनाने में केंद्र सरकार को क्या हर्ज है। उन्होंने कहा कि बेशक इन कृषि कानूनों को भाजपा व जजपा नेता किसान हित की बता रहे है, लेकिन यह कानून पूरी तरह से किसान विरोधी और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाले हैं। जब किसान के पास जमीन ही नहीं रहेगी तो वो क्या करेगा। बीते 15 साल में लाखों किसान आत्महत्या कर चुके हैं। क्योंकि खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। आज किसान मन बना चुका है कि अब अपने हक की लड़ाई किसान जीत कर घर वापस आएगा। इस मौके पर भगत सिंह धनखड़ी, रामफल दहिया, बलराज नगूरां, रणबीर पहलवान, मनोज वकील, हरिकेश, कैप्टन भूपेंद्र मौजूद रहे।
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किसान बोले हम कोरोना और सरकार दोनों से लड़ेंगे
बद्दोवाला टोल प्लाजा पर किसानों का धरना बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को किसान नेता होशियार सिंह ने कहा कि देश में कोरोना की महामारी एक फिर पैर पसार चुकी है। इसके बावजूद सरकार लोगों को ऑक्सीजन भी मुहैया करवाने में असमर्थ है। जब कोरोना का पहला दौर देश में आया था तो लोगों ने प्रधानमंत्री राहत फंड में खुलकर दान किया था। आज वही लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना व सरकार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
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उन्होंने कहा कि देश के हालात से साफ हो जाता है कि सरकार ने राहत फंड की राशि को कहीं ओर ही लगा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कभी तो बड़ी-बड़ी मूर्ति बनाकर देश का पैसा बरबाद करती है तो कभी मंदिर बनाने में। स्कूल व अस्पताल बनाने को लेकर सरकार ने आज तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। उन्होंने कहा कि महामारी के चलते जरूरी नियमों का पालन किसानों द्वारा किया जाएगा। कोरोना के कारण आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने आह्वान भी कर दिया है कि नए कृषि कानून वापस नहीं तो आंदोलन भी समाप्त नहीं होगा। इस मौके पर पांच महिलाओं द्वारा एक दिवसीय क्रमिक अनशन भी किया गया।
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