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जींद से हांसी रेल ट्रैक के लिए 900 करोड़ मंजूर
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Fri, 03 Feb 2017 11:44 PM IST
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जींद रेलवे जंक्शन।
- फोटो : jind
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आम बजट के साथ आए रेल बजट में जींद को दो बड़ी परियोजनाएं मिली हैं। इसमें जींद से हांसी रेल लाइन को मंजूरी और जींद से पानीपत लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने 955.6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि में से जींद-हांसी रेल लाइन के निर्माण पर 900 करोड़ तथा जींद-पानीपत रेल लाइन के इलेक्ट्रिफिकेशन पर 55.6 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जींद से सड़क मार्ग से करीब 47 किलोमीटर है। रेलमार्ग से यह दूरी 45 किलोमीटर रह जाएगी। रोडवेज ने हांसी का किराया 40 रुपये तय किया है, जबकि इस रूट पर ट्रेन चलने के बाद यह किराया करीब आधा हो जाएगा। वहीं, जींद रेलमार्ग से सीधा हिसार से भी जुड़ जाएगा। इससे जींद और हांसी के लोगों को काफी सुविधा होगी। हालांकि, पिछले बजट में भी इस परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन अब इसके लिए राशि का प्रावधान किया गया है। इससे परियोजना जल्द सिरे चढ़ने की उम्मीद है।
बढ़ेंगी ट्रेन, मिलेगी सुविधा
यह रूट शुरू होने के बाद राजस्थान और दिल्ली को जोड़ने का रेलमार्ग का एक और ऑप्शन खुल जाएगा। इससे जींद तक अधिक ट्रेनों की पहुंच हो पाएगी। दूसरी ओर, पंजाब की ओर से भी जींद के रास्ते ट्रेन का आवागमन शुरू हो सकेगा। गौरतलब है कि हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के लोग अपने शहर के कामों के लिए जींद ही आते हैं। ऐसे में इस रूट से लोगों को काफी लाभ होगा। वहीं, पानीपत मार्ग का विद्युतीकरण होने से अतिरिक्त गाड़ियों को जींद तक चलाया जा सकेगा। वहीं, पानीपत से जींद और हिसार के बीच भी रेलवे का रूट बन सकता है।
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चारों ओर से रेल मार्ग से जुड़ेगा जींद
फिलहाल जींद दिल्ली, बठिंडा, पानीपत और सोनीपत की ओर से ही रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है। यह रेलवे लाइन बनने के बाद जींद चारों ओर से रेल मार्ग से जुड़ जाएगा। यह लोगों की करीब तीन दशक पुरानी मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही है।
बढ़ेगी गति, आरामदायक होगा सफर
पानीपत रेल मार्ग का विद्युतीकरण होने से भी लोगों को काफी लाभ होगा। इन रूट पर अंग्रेजों के जमाने से ही ट्रेन चल रही हैं, लेकिन यह रूट काफी उपेक्षित रहा है। पानीपत औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण जींद क्षेत्र से सैकड़ों लोग प्रतिदिन पानीपत जाते हैं। इस रूट पर ट्रेन के फेरे बढ़ाने की भी पुरानी मांग है।
मैंने पिछले साल रेल मंत्री के समक्ष 25 मांगें रखी थीं। इनमें जींद के चंडीगढ़ की ट्रेन और जींद-हांसी रेलवे लाइन मुख्य थी। अब ये दोनों ही मांगें पूरी हो गई हैं। इससे क्षेत्र की जनता को काफी लाभ होगा। आगे भी लोगों के हकों की मांग न सिर्फ उठाई जाएगी, उसे पूरा भी कराया जाएगा।
-दुष्यंत चौटाला, सांसद
नई रेल लाइन बनने से जींद को नई ट्रेन की सौगात मिलेगी। वहीं, पानीपत लाइन का विद्युतीकरण होने से गाड़ियों की स्पीड बढ़ेगी। ईएमयू में इंजन बदलने का भी झंझट नहीं होता, इससे नई ट्रेन चलाना आसान होगा।
-अनिल यादव, स्टेशन अधीक्षक, जींद जंक्शन
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जींद से सड़क मार्ग से करीब 47 किलोमीटर है। रेलमार्ग से यह दूरी 45 किलोमीटर रह जाएगी। रोडवेज ने हांसी का किराया 40 रुपये तय किया है, जबकि इस रूट पर ट्रेन चलने के बाद यह किराया करीब आधा हो जाएगा। वहीं, जींद रेलमार्ग से सीधा हिसार से भी जुड़ जाएगा। इससे जींद और हांसी के लोगों को काफी सुविधा होगी। हालांकि, पिछले बजट में भी इस परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन अब इसके लिए राशि का प्रावधान किया गया है। इससे परियोजना जल्द सिरे चढ़ने की उम्मीद है।
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बढ़ेंगी ट्रेन, मिलेगी सुविधा
यह रूट शुरू होने के बाद राजस्थान और दिल्ली को जोड़ने का रेलमार्ग का एक और ऑप्शन खुल जाएगा। इससे जींद तक अधिक ट्रेनों की पहुंच हो पाएगी। दूसरी ओर, पंजाब की ओर से भी जींद के रास्ते ट्रेन का आवागमन शुरू हो सकेगा। गौरतलब है कि हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के लोग अपने शहर के कामों के लिए जींद ही आते हैं। ऐसे में इस रूट से लोगों को काफी लाभ होगा। वहीं, पानीपत मार्ग का विद्युतीकरण होने से अतिरिक्त गाड़ियों को जींद तक चलाया जा सकेगा। वहीं, पानीपत से जींद और हिसार के बीच भी रेलवे का रूट बन सकता है।
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चारों ओर से रेल मार्ग से जुड़ेगा जींद
फिलहाल जींद दिल्ली, बठिंडा, पानीपत और सोनीपत की ओर से ही रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है। यह रेलवे लाइन बनने के बाद जींद चारों ओर से रेल मार्ग से जुड़ जाएगा। यह लोगों की करीब तीन दशक पुरानी मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही है।
बढ़ेगी गति, आरामदायक होगा सफर
पानीपत रेल मार्ग का विद्युतीकरण होने से भी लोगों को काफी लाभ होगा। इन रूट पर अंग्रेजों के जमाने से ही ट्रेन चल रही हैं, लेकिन यह रूट काफी उपेक्षित रहा है। पानीपत औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण जींद क्षेत्र से सैकड़ों लोग प्रतिदिन पानीपत जाते हैं। इस रूट पर ट्रेन के फेरे बढ़ाने की भी पुरानी मांग है।
मैंने पिछले साल रेल मंत्री के समक्ष 25 मांगें रखी थीं। इनमें जींद के चंडीगढ़ की ट्रेन और जींद-हांसी रेलवे लाइन मुख्य थी। अब ये दोनों ही मांगें पूरी हो गई हैं। इससे क्षेत्र की जनता को काफी लाभ होगा। आगे भी लोगों के हकों की मांग न सिर्फ उठाई जाएगी, उसे पूरा भी कराया जाएगा।
-दुष्यंत चौटाला, सांसद
नई रेल लाइन बनने से जींद को नई ट्रेन की सौगात मिलेगी। वहीं, पानीपत लाइन का विद्युतीकरण होने से गाड़ियों की स्पीड बढ़ेगी। ईएमयू में इंजन बदलने का भी झंझट नहीं होता, इससे नई ट्रेन चलाना आसान होगा।
-अनिल यादव, स्टेशन अधीक्षक, जींद जंक्शन