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Jind News: सफीदों नई अनाज मंडी में 4.71 करोड़ से होंगे विकास कार्य
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20जेएनडी10: सफीदों नई अनाजमंडी। संवाद
- फोटो : 1
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जींद। सफीदों की नई अनाज मंडी में किसानों और आढ़तियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 4 करोड़ 71 लाख 48 हजार 78 रुपये की लागत से विकास कार्य करवाए जाएंगे। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के जींद सर्कल की ओर से इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।
प्रस्तावित कार्यों में 22 बे-कवर शेड का निर्माण, तीन कॉमन प्लेटफॉर्म की विशेष मरम्मत, दो कवर शेड में बारिश के पानी की निकासी के लिए गटर उपलब्ध करवाना और लगाना, सड़क व पार्किंग की मरम्मत और चार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना शामिल है।
मंडी में 22 बे-कवर शेड बनने से किसानों को अपनी कृषि उपज खुले में रखने की परेशानी से काफी हद तक राहत मिलेगी। बारिश के दौरान खुले में रखी फसल के भीगने और खराब होने का खतरा कम होगा।
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इससे किसानों को अपनी उपज को सुरक्षित रखने में सुविधा मिलेगी और आढ़तियों के लिए भी फसल की खरीद, तुलाई और भंडारण संबंधी कार्य व्यवस्थित तरीके से करना आसान होगा। तीन कॉमन प्लेटफॉर्म की मरम्मत होने से फसल उतारने और चढ़ाने की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों की आवाजाही सुगम होगी
मंडी की सड़क और पार्किंग की विशेष मरम्मत होने से किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। पार्किंग व्यवस्था बेहतर होने से मंडी में वाहनों के कारण होने वाली अव्यवस्था कम होने की उम्मीद है। इससे किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने और खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद वाहन निकालने में आसानी होगी। मंडी में बारिश के पानी की निकासी के लिए दो कवर शेड में गटर लगाए जाएंगे। इससे बारिश के दौरान शेड और आसपास पानी जमा होने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा चार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे, जिससे बारिश के पानी का संरक्षण किया जा सकेगा और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
चयनित एजेंसी को कार्य आवंटित किया जाएगा
हरियाणा स्टेट मार्केटिंग बोर्ड के सचिव प्रदीप ने बताया कि टेंडर की अनुमानित लागत 4.71 करोड़ रुपये है और ठेकेदार को कार्य पूरा करने के लिए 300 दिन का समय दिया जाएगा। टेंडर की तकनीकी और वित्तीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को कार्य आवंटित किया जाएगा। इससे आगामी समय में मंडी में किसानों और आढ़तियों को मौसम से बचाव, आवागमन, पार्किंग, जल निकासी और फसल प्रबंधन से जुड़ी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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प्रस्तावित कार्यों में 22 बे-कवर शेड का निर्माण, तीन कॉमन प्लेटफॉर्म की विशेष मरम्मत, दो कवर शेड में बारिश के पानी की निकासी के लिए गटर उपलब्ध करवाना और लगाना, सड़क व पार्किंग की मरम्मत और चार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना शामिल है।
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मंडी में 22 बे-कवर शेड बनने से किसानों को अपनी कृषि उपज खुले में रखने की परेशानी से काफी हद तक राहत मिलेगी। बारिश के दौरान खुले में रखी फसल के भीगने और खराब होने का खतरा कम होगा।
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इससे किसानों को अपनी उपज को सुरक्षित रखने में सुविधा मिलेगी और आढ़तियों के लिए भी फसल की खरीद, तुलाई और भंडारण संबंधी कार्य व्यवस्थित तरीके से करना आसान होगा। तीन कॉमन प्लेटफॉर्म की मरम्मत होने से फसल उतारने और चढ़ाने की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों की आवाजाही सुगम होगी
मंडी की सड़क और पार्किंग की विशेष मरम्मत होने से किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। पार्किंग व्यवस्था बेहतर होने से मंडी में वाहनों के कारण होने वाली अव्यवस्था कम होने की उम्मीद है। इससे किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने और खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद वाहन निकालने में आसानी होगी। मंडी में बारिश के पानी की निकासी के लिए दो कवर शेड में गटर लगाए जाएंगे। इससे बारिश के दौरान शेड और आसपास पानी जमा होने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा चार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे, जिससे बारिश के पानी का संरक्षण किया जा सकेगा और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
चयनित एजेंसी को कार्य आवंटित किया जाएगा
हरियाणा स्टेट मार्केटिंग बोर्ड के सचिव प्रदीप ने बताया कि टेंडर की अनुमानित लागत 4.71 करोड़ रुपये है और ठेकेदार को कार्य पूरा करने के लिए 300 दिन का समय दिया जाएगा। टेंडर की तकनीकी और वित्तीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को कार्य आवंटित किया जाएगा। इससे आगामी समय में मंडी में किसानों और आढ़तियों को मौसम से बचाव, आवागमन, पार्किंग, जल निकासी और फसल प्रबंधन से जुड़ी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।