{"_id":"664d056495ccb402fd0ff3b4","slug":"42-students-of-jind-stranded-in-kyrgyzstan-family-members-seek-safety-jind-news-c-199-1-sroh1009-117420-2024-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: किर्गिस्तान में जींद के फंसे 42 विद्यार्थी, परिजनों ने मांगी सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: किर्गिस्तान में जींद के फंसे 42 विद्यार्थी, परिजनों ने मांगी सुरक्षा
Wed, 22 May 2024 02:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 22 May 2024 02:04 AM IST
विज्ञापन
21जेएनडी21: डीआरओ को ज्ञापन सौंपते हुए अभिभावक। संवाद
जींद। किर्गिस्तान में देशभर के लगभग 17 हजार विद्यार्थी फंसे हैं। इनमें जिले के 42 विद्यार्थी हैं। इन विद्यार्थियों के अभिभावकों ने मंगलवार को काउंसलर कामिनी आसरी के नेतृत्व में डीआरओ को डीसी मोहम्मद इमरान रजा के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कामिनी व अभिभावकों ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई कि वह इन विद्यार्थियों की सुरक्षा का जिम्मा खुद लें और सुरक्षा की गारंटी अभिभावकों को दें। अगर सरकार सुरक्षा करने में समर्थ नहीं है तो इन विद्यार्थियों को समय रहते सुरक्षित अपने देश लाया जाए। अभिभावकों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि किर्गिस्तान में हिंसा लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते इन विद्यार्थियों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। इस हिंसा को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान ने भी अपने विद्यार्थियों को वापस बुलाया है, ताकि वहां पर उनको नुकसान से बचाया जा सके। कई विद्यार्थियों ने अभिभावकों को बताया है कि वहां पर पुलिस के सामने भी उनको मारने की धमकी मिल रही है। इसके चलते वह सुरक्षित नहीं हैं। अभिभावकों ने ज्ञापन देकर एंबेसी व प्रधानमंत्री से विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
ज्ञापन में कामिनी व अभिभावकों ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई कि वह इन विद्यार्थियों की सुरक्षा का जिम्मा खुद लें और सुरक्षा की गारंटी अभिभावकों को दें। अगर सरकार सुरक्षा करने में समर्थ नहीं है तो इन विद्यार्थियों को समय रहते सुरक्षित अपने देश लाया जाए। अभिभावकों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि किर्गिस्तान में हिंसा लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते इन विद्यार्थियों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। इस हिंसा को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान ने भी अपने विद्यार्थियों को वापस बुलाया है, ताकि वहां पर उनको नुकसान से बचाया जा सके। कई विद्यार्थियों ने अभिभावकों को बताया है कि वहां पर पुलिस के सामने भी उनको मारने की धमकी मिल रही है। इसके चलते वह सुरक्षित नहीं हैं। अभिभावकों ने ज्ञापन देकर एंबेसी व प्रधानमंत्री से विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

21जेएनडी21: डीआरओ को ज्ञापन सौंपते हुए अभिभावक। संवाद
विज्ञापन